जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। 'ऑपरेशन अशदार' में पाकिस्तानी आतंकी यासिर को मार गिराया है। यासिर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा था। शनिवार को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने यह जानकारी साझा की। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक्स पर लिखा, 'तुम भाग तो सकते हो, लेकिन छिप नहीं सकते! ऑपरेशन अशदार के दौरान मारे गए आतंकवादी की पहचान लश्कर-ए-तैयबा के पाकिस्तानी नागरिक यासिर के तौर पर हुई है।'

 

भारतीय सेना की चिनार कोर, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बडगाम के अशदार गली इलाके में संयुक्त रूप से ऑपरेशन अशदार चलाया। शुक्रवार को सेना ने आतंकी को मार गिराया। इलाके में तलाशी अभियान जारी है। घटनास्थल से एक एके 47 राइफल समेत अन्य सामान मिला है।

 

 

 

 

चिनार कोर ने एक्स पर लिखा, 'बडगाम में ऑपरेशन अशदार खुफिया जानकारी के आधार पर भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर और सीआरपीएफ ने अशदार गली इलाके में जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया। सतर्क जवानों ने संदिग्ध गतिविधि देखी और चुनौती देने पर आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। इसके बाद मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया और एक एके 47 राइफल समेत अन्य सामग्री बरामद हुई है।

तीन बड़े आतंकी हमलों में शामिल रहा यासिर

पुलिस के मुताबिक आतंकी यासिर पुंछ में भारतीय वायुसेना के काफिले पर हमले के अलावा 2024 में सेना के जवानों व मजदूरों पर हमले में शामिल रहा है। जहां यह मुठभेड़ हो रही है, वह इलाका पीर पंजाल पर्वतमाला में 12,000 से 15,500 फुट की ऊंचाई है। लगातार हो रही बारिश की वजह से विजिबिलिटी 5 मीटर से भी कम है। इस कारण अभियान में मुश्किलें आ रही हैं। दूसरा आतंकी विशाल चट्टानों के पीछे प्राकृतिक गुफाओं में छिपा है। अधिकारियों के मुताबिक यासिर तीन बड़ी आतंकी घटनाओं में शामिल रहा है।

 

पहला हमला: पुंछ जिले में इंडियन एयरफोर्स के काफिले पर 4 मई 2024 को शाम लगभग सवा छह बजे आतंकियों ने घात लगाकर हमला किया था। हमले में एक जवान ने वीरगति प्राप्त की थी। वहीं चार अन्य घायल हुए थे। पुंछ के सुरनकोट इलाके के शाहसितार के पास हमले को अंजाम दिया गया था।

 

दूसरा हमला: 20 अक्टूबर 2024 को सोनमर्ग के गगनगीर के पास बड़ा आतंकी हमला हुआ था। इसमें भी यासिर शामिल था। इस हमले में आतंकियों ने सात लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मृतकों में एक स्थानीय डॉक्टर भी शामिल था।

 

तीसरा हमला: 24 अक्टूबर 2024 को गुलमर्ग के पास बोटा पथरी इलाके में भारतीय सेना के एक वाहन को निशाना बनाया गया था। इसमें पांच लोगों की जान गई थी। हमले को आतंकी यासिर और उसके साथियों ने अंजाम दिया था। 

 

अधिकारियों के मुताबिक आतंकी यासिर लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर जुनैद अहमद भट के साथ हमलों को अंजाम दे रहा था। मगर 3 दिसंबर 2024 को श्रीनगर के बाहरी इलाके में स्थित दाचीगाम के जंगल में सुरक्षा बलों ने जुनैद को मार गिराया था।