राजस्थान की राजधानी जयपुर से एक अजीबो-गरीब प्रेम विवाह का मामला सामने आया है। जयपुर की सांगानेर ओपन जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे हत्या के दो दोषी प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद शादी करने जा रहे हैं। दोनों को कोर्ट ने 15 दिनों की पैरोल पर रिहा किया है। प्रिया सेठ और हनुमान प्रसाद की पहली मुलाकात जेल में ही हुई थी। वहीं से दोनों की दोस्ती शुरू हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई।

 

माना जा रहा है कि दोनों पिछले एक साल से एक-दूसरे के साथ रिश्ते में हैं। अब उन्होंने शादी करने का फैसला किया है। सूत्रों के मुताबिक, यह शादी हनुमान के पिता के गांव अलवर जिले के बड़ौदा मेव में होगी।

 

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हनुमान की मां का बयान

हनुमान की मां का बयान आज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हनुमान की मां का कहना है, 'हम अपने बेटे की शादी के लिए बहुत खुश हैं। हमने पहले से ही शादी की रस्मों की तैयारी कर रखी थी क्योंकि बेटे को शादी के सिर्फ एक दिन पहले ही जेल से रिहाई मिली है।' साथ ही, हनुमान की मां ने यह भी बताया कि बारात आज शाम को जाएगी यानी शादी रात को होगी और दुल्हन सुबह आएगी।

कौन है दुल्हन?

34 साल की प्रिया सेठ अपने रिश्तेदार के घर रहती थी। महंगे शौक पूरे करने के लिए उसने डेटिंग ऐप के जरिए युवकों को फंसाना शुरू किया और उनसे पैसे ऐंठने लगी। इसी दौरान उसकी मुलाकात डेटिंग ऐप पर दुष्यंत नामक युवक से हुई। बातचीत के दौरान दुष्यंत ने खुद को दिल्ली का रहने वाला और करोड़पति बताया। यह सुनकर प्रिया लालच में आ गई और उसे अपने जाल में फंसाने की योजना बनाई। इस साजिश में प्रिया ने अपने प्रेमी दीक्षांत और उसके दोस्त लक्ष्य को भी शामिल किया। तीनों ने मिलकर दुष्यंत की हत्या कर दी।

 

24 मई 2024 को राजस्थान हाई कोर्ट में प्रिया, दीक्षांत और लक्ष्य ने हत्या का जुर्म स्वीकार किया। इसके बाद से प्रिया जयपुर की ओपन जेल में बंद है।

कौन है हनुमान प्रसाद?

29 साल का हनुमान प्रसाद फिजिकल टीचर बनने की तैयारी कर रहा था। इसी दौरान उसका प्रेम संबंध संतोष शर्मा से हो गया, जो पहले से शादीशुदा थी। संतोष का शादीशुदा होना उनके प्रेम में सबसे बड़ी बाधा बन रहा था। प्रेम में अंधे होकर हनुमान और संतोष ने परिवार को खत्म करने की साजिश रची। 2 अक्टूबर 2017 की रात दोनों ने मिलकर संतोष के पति बनवारी लाल और उनके चार बच्चों को पहले नींद की गोलियां दीं और फिर बेहोश होने के बाद चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। हत्या के बाद हनुमान ट्रेन से उदयपुर भाग गया लेकिन पुलिस ने दो दिन के भीतर उसे गिरफ्तार कर लिया। अदालत ने उसे उम्रकैद की सजा सुनाई।

 

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ओपन जेल क्या है?

जयपुर की ओपन जेल ‘राजस्थान प्रिजनर्स ओपन एयर कैंप नियम, 1972’ के तहत संचालित होती है। यहां चुने गए कैदियों को दिन में बाहर काम करने और शाम तक कैंप में लौटने की अनुमति होती है।


प्रिया सेठ को 2018 में हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था और 2023 में उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। इसके बाद प्रिया और हनुमान दोनों को सांगानेर ओपन जेल में रखा गया था। दोनों दोषियों को पैरोल दिए जाने पर सवाल भी उठ रहे हैं। दुष्यंत शर्मा मामले में पीड़ित परिवार के वकील संदीप लोहारिया ने कहा कि वे पैरोल के आदेश को चुनौती देंगे। उन्होंने कहा,“हमें पैरोल दिए जाने की कोई जानकारी नहीं दी गई, जो कानूनन गलत है।”