गूगल ने दुनिया भर के इंटरनेट यूजर्स के लिए एक जरूरी सिक्योरिटी वॉर्निंग जारी की है। कंपनी ने अपने पॉपुलर वेब ब्राउजर गूगल क्रोम के लगभग 350 करोड़ यूजर्स को एक संभावित 'जीरो-डे अटैक' के बारे में अलर्ट किया है। गूगल का कहना है कि हैकर्स ब्राउजर में मिली एक गंभीर सिक्योरिटी कमी का फायदा उठाकर यूजर्स के सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

 

इस खतरे के जवाब में गूगल ने क्रोम के लिए एक नया सिक्योरिटी अपडेट जारी किया है और सभी यूजर्स से इसे जल्द से जल्द इंस्टॉल करने को कहा है। कंपनी के मुताबिक, क्रोम दुनिया का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला ब्राउजर है इसलिए कोई भी टेक्निकल कमी बड़ी संख्या में लोगों पर असर डाल सकती है।

 

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क्या होता है जीरो-डे अटैक?

साइबर सुरक्षा की दुनिया में 'जीरो-डे अटैक' को बेहद खतरनाक माना जाता है। इसका मतलब होता है कि किसी सॉफ्टवेयर में ऐसी खामी सामने आ जाए, जिसके बारे में कंपनी को पहले से जानकारी न हो और हैकर उस खामी का फायदा उठाकर हमला कर दें।

 

ऐसी स्थिति में कंपनी के पास उस समस्या को ठीक करने के लिए बहुत कम समय होता है। अगर समय रहते इसे ठीक नहीं किया जाए तो हैकर यूजर्स के डिवाइस में घुसकर डेटा चुरा सकते हैं या सिस्टम को नुकसान पहुंचा सकते हैं। फिलहाल गूगल ने यह नहीं बताया है कि इस खामी से कितने यूजर्स प्रभावित हुए हैं।

 

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क्रोम में कहां मिली सुरक्षा खामी?

गूगल के अनुसार क्रोम में मिली इस सुरक्षा समस्या को CVE-2026-3909 नाम दिया गया है। यह समस्या क्रोम के स्किया नाम के ओपन-सोर्स ग्राफिक्स सिस्टम से जुड़ी है, जो वेब पेज और विजुअल कंटेंट को स्क्रीन पर दिखाने में मदद करता है। कंपनी का कहना है कि इस खामी के कारण 'आउट-ऑफ-बाउंड्स राइट' नाम की तकनीकी समस्या हो सकती है। अगर हैकर इसका फायदा उठाने में सफल हो जाएं तो वे ब्राउजर को क्रैश कर सकते हैं या फिर यूजर के कंप्यूटर में नुकसान पहुंचाने वाला कोड चला सकते हैं।

क्या करना चाहिए?

गूगल ने इस समस्या को दूर करने के लिए क्रोम का नया अपडेट जारी किया है। विंडोज, मैक ओएस और लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम इस्तेमाल करने वाले यूजर्स के लिए अलग-अलग वर्जन उपलब्ध कराए गए हैं। हालांकि यह अपडेट सभी यूजर्स तक पहुंचने में कुछ दिन या हफ्ते भी लग सकते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि यूजर्स अपने ब्राउजर की सेटिंग में जाकर मैन्युअली अपडेट चेक करें और नया वर्जन तुरंत इंस्टॉल करें।

 

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गूगल ने फिलहाल इस खामी से जुड़ी पूरी तकनीकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। कंपनी का कहना है कि जब ज्यादातर यूजर्स अपने ब्राउजर को अपडेट कर लेंगे तभी इन बग्स के बारे में विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। ताकि साइबर अपराधी उनका गलत फायदा न उठा सकें।