महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की पत्नी अमृता फडणवीस ने गरबा और नवरात्रि में सभी लोगों के शामिल होने का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति आस्था और श्रद्धा से आना चाहे, अपने परिवार को साथ लाना चाहे, तो उसमें जाति और धर्म का भेद नहीं रहना चाहिए। उनका यह बयान गरबा आयोजनों में मुस्लिमों की एंट्री को लेकर चल रही बहस के बीच आया है। हिंदू संगठन और भारतीय जनता पार्टी के कई नेता गरबा में गैर हिंदुओं की एंट्री को लेकर सवाल उठाते रहे है।
अमृता फडणवीस ने खुद को राजनीतिक न बताते हुए कहा कि वे एक सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक के तौर पर अपनी राय रख रही हैं। उन्होंने कहा कि गरबा और नवरात्रि बेहद सुंदर त्योहार हैं, जो पूरी दुनिया में मशहूर हैं और लोग इन्हें पसंद करते हैं। अमृता ने कहा कि अगर अपने धर्म को आगे बढ़ाना है, तो उसकी खासियत के साथ दुनिया के लिए दरवाजे खोलने होंगे। उनके मुताबिक, लोगों को अपने धर्म की झलक दिखाने का यह एक अच्छा तरीका है।
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अमृता फडणवीस, देवेंद्र फडणवीस की पत्नी:-
आप लोग मुझे सबसे ज्यादा ट्रोल होने वाली पॉलिटिकल वाइब बना रहे हो। मैं पॉलिटिकल नहीं हूं। एक सामाजिक कार्यकर्ता होने की वजह से, एक नागरिक होने के नाम पर मैं अपना विचार बता सकती हूं। चाहे गरबा हो, नवरात्रि हो, यह अपने बहुत ही सुंदर ऐसे फेस्टिवल्स हैं जो जग प्रसिद्ध हैं। लोग इसे पसंद करते हैं। आस्था-श्रद्धा से कोई भी आना चाहे, चाहे अपनी फैमिलीज को लेना आना चाहे, मुझे लगता है जात-धर्म का उसमें भेद नहीं रहना चाहिए। यही मेरी सोच है।
'त्योहार का मतलब, सबको साथ लेकर चलो'
अमृता फडणवीस ने कहा कि उनकी नजर में त्योहार सबको साथ लेकर चलने वाला है। अगर कोई मुस्लिम व्यक्ति गरबा में आकर आनंद लेता है और लौट जाता है तो उन्हें इसमें कुछ गलत नहीं लगता। अमृता फडणवीस पहले भी गरबा को सबके लिए स्वागत का कार्यक्रम बता चुकी हैं। उनके ही दल के कई नेताओं ने सार्वजनिक तौर पर मंचों से कहा है कि गैर हिंदुओं को गरबा में नहीं आना चाहिए।
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गरबा पर महाराष्ट्र की राजनीति क्या है?
नितीश राणे, मंत्री, महाराष्ट्र:-
नवरात्रि शुरू होने से पहले ही मैंने अपनी हिंदू बहनों को आगाह किया था कि जिहादी अलग-अलग नाम बदलकर गरबा में प्रवेश कर सकते हैं और हिंदू लड़कियों की जिंदगी बर्बाद करने की कोशिश कर सकते हैं। इसी तरह का एक मामला नालासोपारा में सामने आया है, जहां एक जिहादी ने कथित तौर पर गरबा में प्रवेश कर अश्लील हरकतें कीं। जब उसका मोबाइल फोन जांचा गया, तो उसमें कई आपत्तिजनक और अश्लील वीडियो पाए गए। इसलिए, जो लोग बार-बार कहते हैं कि त्योहारों के दौरान हिंदू-मुस्लिम का मुद्दा नहीं उठाना चाहिए, उन्हें आज इस घटना पर भी विचार करना चाहिए।
विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने महाराष्ट्र में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों से मुस्लिमों को दूर रखने की मांग की। VHP के राष्ट्रीय प्रवक्ता और संयुक्त सचिव श्रीराज नायर ने नवरात्रि से पहले कहा था कि गरबा-डांडिया में मुस्लिमों की भागीदारी नहीं होगी। उन्होंने सवाल उठाया कि मूर्ति पूजा के खिलाफ रहने वाले मुस्लिम इस त्योहार में क्यों शामिल हों। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने नालासोपारा में कथित लव जिहाद की घटना को लेकर भी गरबा में गैर मुस्लिमों की एंट्री रोकने की बात कही है।
