भारत में शादी से इतर प्रेम संबंधों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एक्स्ट्रा मैरिटल डेटिंग ऐप 'ग्लीडन' इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या अब 40 लाख पार कर गई है। बीते 2 साल से इस ऐप पर महिलाओं की संख्या करीब 148 प्रतिशत तक बढ़ गई है। ग्लीडन इस्तेमाल करने वाले ज्यादातर लोग शादीशुदा हैं या एक अरसे से रिलेशनशिप में हैं।
सर्वे में यह पता चला है कि लोग शादी या लंबे रिश्तों से ऊबकर दूसरे रिश्तों में इसलिए जा रहे हैं क्योंकि वे भावनात्मक तौर पर खुद को अकेला पा रहे हैं। लोग रिश्तों में संवाद न होने की वजह से शादी के बाहर रिश्ते या वर्चुअल कनेक्शन ढूंढ रहे हैं। अलग रिश्तों में लोग अपनापन ढूंढ रहे हैं। दिल्ली और मु्ंबई जैसे महानगरों में ऐसे मामले ज्यादा सामने आ रहे हैं।
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शहरों के आंकड़े क्या कह रहे हैं?
40 लाख लोग शादी से बाहर सिर्फ 'ग्लीडन' पर रिश्ते तलाश रहे हैं। इस ऐप के यूजर बेंगलुरु में 18 फीसदी हैं, हैदराबाद में 17 फीसदी और दिल्ली में 11 फीसदी। ग्लीडन ऐप के मुंबई में करीब 9 और पुणे में 7 फीसदी यूजर हैं।
क्यों शादी से बाहर रिश्ते तलाश रहे लोग?
सर्वे में यह बात भी सामने आई है कि अगर घर में कोई सुनने वाला न हो तो लोग सहकर्मी या दूसरों से बात करके भावनात्मक तौर पर जुड़ रहे हैं। धीरे-धीरे यह दोस्ती, बढ़कर प्यार में या फिजिकल रिलेशन में बदल जाती है।
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शादीशुदा लोगों क्यों पार्टनर को दे रहे धोखा?
मारेंगो एशिया हॉस्पिटल की सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. मुनिया भट्टाचार्य ने कहा, 'आजकल अफेयर नैतिकता से ज्यादा भावनात्मक जरूरतों की कमी से जुड़े हैं। लोग शादी नहीं तोड़ना चाहते, बस वैलिडेशन, ध्यान और भावनात्मक जुड़ाव चाहते हैं। काम का स्ट्रेस, व्यस्तता और घर में सही कम्युनिकेशन न होने से पार्टनर एक-दूसरे को अनसुना महसूस करने लगते हैं।' महिलाओं में अफेयर बढ़ने का कारण भी यही है।
डॉ. मुनिया भट्टाचार्य, सीनियर क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट:-
आज महिलाएं भावनात्मक उपेक्षा सहने को तैयार नहीं हैं। आर्थिक स्वतंत्रता, भावनात्मक जागरूकता और पार्टनर से इमोशनल अटैचमेंट की कमी, उन्हें एक्स्ट्रा मैरिटल रिलेशन की ओर ले जाती है।
'दोबारा प्यार तलाश रहे हैं लोग'
रिलेशनशिप कोच श्रद्धा पांडेय कहती हैं, 'कुछ लोग अपने रिश्ते में अपनी पहचान खो बैठते हैं। वे नई जगह पर खुद को अलग तरीके से देखना चाहते हैं। सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप्स के जरिए आसानी से कोई नया कनेक्शन बन जाता है।'
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AI चैटबॉट के साथ अंतरंग संबंधों पर बात कर रहे लोग
सर्वे में एक चौंकाने वाली बात भी सामने आई। करीब 49 प्रतिशत भारतीयों ने कम से कम एक बार अपने पार्टनर की जगह AI चैटबॉट के साथ सेक्सुअल इंटीमेसी शेयर की है। 54 प्रतिशत ने AI को अपना वर्चुअल पार्टनर बनाया है। 58 प्रतिशत लोगों ने इससे भावनात्मक बातें कीं।
AI भी ले रहा है पार्टनर की जगह
70 प्रतिशत लोगों ने कहा कि अगर उनका पार्टनर AI के साथ ऐसा कर रहा हो तो उन्हें बहुत झटका लगेगा। फिर भी कई लोग AI को तीसरे व्यक्ति की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
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क्यों हो रहा है ऐसा?
बेंगलुरु में साल 2020 में ही इस ऐप पर 1.35 लाख लोग रजिस्टर्ड थे। अब पूरे देश में यह ट्रेंड और तेज हो गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली, काम का दबाव और भावनात्मक दूरी की वजह से लोग शादी से अलग हटकर भावनात्मक और शारीरिक रिश्ते बना रहे हैं।
