अमेरिका की दिग्गज ऑटोमोबाइल कंपनी जनरल मोटर्स (GM) ने अपने मिशिगन स्थित फ्लैगशिप प्लांट 'फैक्ट्री जीरो' में 50 नए रोबोट तैनात किए हैं। जिसका नाम 'कोबोट्स' है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी ने इसी प्लांट में 1,000 से ज्यादा कर्मचारियों की छंटनी की है। इससे पहले मई में भी GM अपने IT विभाग से 600 से अधिक इंजीनियरों को बाहर का रास्ता दिखा चुकी है।
कंपनी का कहना है कि वह लागत कम करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए नई तकनीकों और ऑटोमेशन पर जोर दे रही है। हालांकि, मशीनों के बढ़ते इस्तेमाल और कर्मचारियों की छंटनी ने श्रमिक संगठनों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार, फैक्ट्री में लगाए गए कोबोट्स उत्पादन लाइन पर कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। इनका इस्तेमाल गाड़ियों में बॉडी पैनल लगाने जैसे कामों में किया जा रहा है।
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GM ने रखी अपनी बात
GM के प्रवक्ता केविन केली ने कहा कि कंपनी अपने सभी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स में एडवांस तकनीक को शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि इन रोबोट्स का मकसद कर्मचारियों को रिप्लेस करना नहीं है, बल्कि वर्कप्लेस को सुरक्षित बनाना, काम को आसान बनाना और प्रोडक्शन सिस्टम को और कॉम्पिटिटिव बनाना है। हालांकि, कंपनी ने यह नहीं बताया कि टेम्पररी तौर पर निकाले गए एम्प्लॉई कब वापस आ पाएंगे।
यूनियन ने जताया विरोध
कर्मचारी संगठन यूनाइटेड ऑटो वर्कर्स (UAW) ने GM के इस कदम का विरोध किया है। यूनियन नेताओं का कहना है कि ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों के लिए रोजगार के अवसर लगातार कम हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटो और टेक इंडस्ट्री में तेजी से बदलाव हो रहा है, जहां पारंपरिक नौकरियों की जगह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ऑटोमेशन आधारित सिस्टम ले रहे हैं। इसलिए, आने वाले वर्षों में नौकरी के पैटर्न में बड़े बदलाव होने की उम्मीद है।