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धंधा बंद, अब Dream11 में काम करने वालों का क्या होगा? CEO ने दिया जवाब

सरकार ने कानून बनाकर ऑनलाइन मनी गेम्स पर रोक लगा दी है। इसके बाद ड्रीम 11 कंपनी को बड़ा झटका लगा है। कंपनी में छंटनी की आशंकाओं को सीईओ हर्ष जैन ने खारिज कर दिया है।

Harsh Jain

हर्ष जैन, Photo Credit: Dream Sports

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प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत सरकार ने रियल-मनी गेम्स पर रोक लगा दी है। इसके बाद ड्रीम 11 कंपनी के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कंपनी की ज्यादातर इनकम ऑनलाइन मनी गेम्स से ही आती थी लेकिन अब इससे आने वाली इनकम लगभग जीरो हो गई है। इस बीच चर्चाएं शुरू हो गईं कि कंपनी के कर्मचारियों की नौकरी का क्या होगा? अब उन कर्मचारियों के लिए एक राहत की खबर यह है कि उन्हें नौकरी से नहीं निकाला जाएगा। ड्रीम 11 की पैरेंट कंपनी ड्रीम स्पोर्ट्स के सह-संस्थापक और सीईओ हर्ष जैन ने कहा कि कंपनी को हो रहे नुकसान के बावजूद कंपनी अपने कर्मचारियों को नहीं निकालेगी। हर्ष जैन ने यह भी बताया है कि कंपनी का रेवेन्यू और मुनाफा लगभग खत्म हो गया है।

 

हर्ष ने कहा कि उनकी कंपनी सरकार के फैसले का सम्मान करते हैं और उसे कोर्ट में चुनौती नहीं देंगे। उन्होंने कहा, 'कंपनी कानून के तहत आगे भी काम करती रहेगी। कंपनी अपने कर्मचारियों की नौकरी से समझौता नहीं करेगी और किसी की भी छंटनी नहीं होगी।' हर्ष जैन का कहना है कि कंपनी नई परिस्थितियों में अपने कारोबार को जारी रखेगी और नए कानून के हिसाब से अपने प्लान बनाएगी। कंपनी का मकसद ग्राहकों और कर्मचारियों का भरोसा बरकरार रखना है।

 

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नहीं होगी छंटनी?

ड्रीम 11 भारत में रियल मनी गेमिंग में एक बड़ा नाम है लेकिन अब इसे अपना यह धंधा बंद करना होगा। सरकार ने मनी गेम्स पर बैन लगा दिया है। हर्ष जैन ने संसद से बिल पास होने के बाद मनी कंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में कहा, 'हम कंपनी के कर्चारियों की छंटनी नहीं करेंगे। सभी कर्चारियों की नौकरी सुरक्षित है।' ड्रीम 11 ने बीसीसीआई को भी इस बात की जानकारी दे दी है कि नए कानून के कारण उनका रेवेन्यू सिस्टम बिगड़ने वाला है और इसके चलते वह बीसीसीआई के साथ स्पॉन्सरशिप करार को जारी नहीं रख सकते। 

क्या है प्लान?

हर्ष जैन ने इंटरव्यू में कंपनी आगे क्या करने वाली है इसकी तरफ इशारा किया। उन्होंने कहा, 'हमारी कंपनी का 95 प्रतिशत रेवेन्यू खत्म होने वाला है। इससे निपटने का एक ही तरीका है कि नए प्रोडक्ट बनाए जाएं, जिससे भविष्य में रेवेन्यू आ सके।' ड्रीम स्पोर्ट्स फाइनेंस क्षेत्र में प्रवेश करने का मन बना रही है। ड्रीम मनी नाम से एक ऐप पर काम कर रही है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से इस प्रोजेक्ट के बारे में लिखा, 'ड्रीम मनी पिछले कुछ महीनों से पायलट प्रोजेक्ट के तहत काम कर रही है। इस प्लेटफॉर्म को अभी पेश नहीं किया गया है।' गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह ऐप हर रोज 10 रुपये से सोने की खरीददारी की सुविधा देती है।

 

इसके अलावा कंपनी के अन्य बिजनेस भी हैं। फैनकोड, ड्रीमसेटगो, ड्रीम गेम स्टूडियोज, ड्रीम स्पोर्ट्स फाउंडेशन की पेरेंट कंपनी भी ड्रीम स्पोर्ट्स ही है। कंपनी का प्लान है कि अब वह अपने कर्मचारियों को इन बिजनेस में शिफ्ट करेगी, जिससे कंपनी छंटनी करने से बच सकती है। हर्ष जैन ने कहा कि अब मेरे पास 500 इंजिनियर हैं जिनका मैं नए प्रोडक्ट बनाने में इस्तेमाल कर सकता हूं। 

 

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सरकार को भी होगा नुकसान

बता दें कि इस कानून से सिर्फ गेमिंग कंपनियों को ही नहीं बल्कि सरकार को भी नुकसान होगा। भारत में ऑनलाइन गेमिंग मार्केट अभी करीब 32,000 करोड़ रुपये का है। इसमें से 86 प्रतिशत रेवेन्यू रियल मनी फॉर्मेट से आता था। 2029 तक इसके करीब 80 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचने की उम्मीद थी लेकिन अब इन्होंने रियल मनी गेम्स बंद कर दिए हैं। इससे कंपनियों को बहुत ज्यादा नुकसान हो रहा है। अनुमान है कि इस कानून से करीब 2 लाख लोगों की नौकरी पर संकट आ गया है। इसके साथ ही सरकार को भी करीब 20,000 करोड़ के टैक्स का नुकसान हो सकता है।

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