गूगल ने अपने कर्मचारियों के सामने एक रोचक प्लान पेश किया है। कंपनी ने कहा है अब वह AI-फर्स्ट के रास्ते पर चलने जा रही है और जिन लोगों को इसमें मजा नहीं आ रहा है, वे एग्जिट प्लान ले सकते हैं। गूगल ने यह ऑफर उन कर्मचारियों के सामने रखा है जो ग्लोबल बिजनेस ऑर्गनाइजेशन का हिस्सा हैं। पिछले साल भी कंपनी ने दो बार इस तरह के ऑफर रखे थे और बाद में बताया था कि यह प्लान बेहद सफल भी रहा।
गूगल ने साफ कर दिया है कि उसे ऐसे लोगों की ही जरूरत है जो AI आधारित भविष्य के हिसाब से काम कर सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी के चीफ बिजनेस ऑफिसर फिलिप शिंडलर ने कहा है कि जैसी रफ्तार कंपनी ने अभी पकड़ रखी है, वह अच्छी है और इसे बरकरार रखने की जरूरत है।
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उन्होंने कहा है, 'आप लोगों ने साल 2025 में जो कुछ हासिल किया, उसकी बदौलत हमारे साल की शुरुआत अच्छी और मजबूत हो रही है। हालांकि, गेम डायनमिक है, पेस इलेक्ट्रिक है और कई चीजें दांव पर हैं।'
क्या है ऑफर?
जैसा कि शिंडलर ने कहा है कि कंपनी चाहती है कि वही लोग साथ रहें जो AI बेस्ड काम करना चाहते हैं और इसे पसंद करते हैं। यही वजह है कि गूगल का ऑफर है कि जो लोग AI के साथ तालमेल नहीं बिठा पा रहे हैं तो वे बाहर जा सकते हैं। वे चाहें तो दूसरी कंपनी में जा सकते हैं या जो चाहें कर सकते हैं, इसके लिए कंपनी पैसे भी देगी।
हालांकि, कंपनी की सेल्स और कस्टमर फेसिंग टीम वाले कर्मचारी इसका फायदा नहीं ले सकते हैं। सॉल्युशन टीम, सेल्स, कॉरपोरेट डेवलपमेंट और अन्य विभागों के कर्मचारी इसका फायदा उठा सकते हैं। जो लोग इस ऑफर के तहत नौकरी छोड़ते हैं, उन्हें कुछ पैसे दिए जाते हैं।
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मौजूदा प्लान के मुताबिक, नौकरी छोड़ने वालों को 4 महीने की सैलरी और जितने साल काम किए हैं उसके हिसाब से हर साल के लिए 2 हफ्ते की सैलरी दी जाती है।
पहले भी दिए ऐसे ऑफर
गूगल यह काम पहली बार नहीं कर रहा है। जून 2025 और अक्तूबर 2025 में भी गूगल की ओर से एग्जिट प्लान जारी किए गए थे। पिछले साल अगस्त में गूगल के CPO फिओना किकोनी ने कहा था कि यह वॉलियंटरी एग्जिट प्रोग्राम (VEP) काफी हिट रहा।