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जिस ब्रांड का रोज करते हैं इस्तेमाल, उनके शेयर कैसे खरीदें? जानिए तरीका

विस्पर, पेप्सिको और नौकरी जैसे मशहूर ब्रांड शेयर बाजार में अलग-अलग कंपनियों के नाम से आते हैं और निवेशक इनके जरिए ही पैसे लगाते हैं।

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जब हम बाजार में सामान खरीदने जाते हैं तो कई बड़े और जाने-माने नाम देखते हैं। जब बात शेयर बाजार में पैसे लगाने की आती है तो यह समझना बहुत जरूरी हो जाता है कि हम जिस ब्रांड का सामान खरीद रहे हैं उसका शेयर किस कंपनी के नाम से बिकता है। बहुत से लोगों को यह नहीं पता होता कि हर लोकप्रिय ब्रांड के पीछे कौन सी कंपनी है और शेयर बाजार में उसका नाम क्या है। 

 

कई बार एक ही कंपनी के पास बहुत सारे अलग-अलग ब्रांड होते हैं तो कई बार एक ही बड़ा ब्रांड अलग-अलग कंपनियों में बंटा होता है।यह बात भी बहुत आसान तरीके से समझी जा सकती है कि जब कोई कंपनी अपने किसी सामान या सर्विस का विज्ञापन करती है और लोग उसे ज्यादा खरीदते हैं तो उसका सीधा फायदा उस कंपनी के शेयर और उसके बिजनेस को मिलता है। आज के समय में शेयर बाजार और इन ब्रांड्स का रिश्ता बहुत मजबूत हो चुका है। जहां एक तरफ कंपनियां अपने नाम से बाजार में अपनी जगह बनाती हैं वहीं दूसरी तरफ निवेशकों के लिए यह देखना आसान हो जाता है कि किस कंपनी का बिजनेस आगे चलकर कितना फायदा दे सकता है।

 

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प्रॉक्टर एंड गैंबल (P&G)

बाजार में प्रॉक्टर एंड गैंबल यानी P&G के प्रोडक्ट्स घर-घर में इस्तेमाल होते हैं लेकिन शेयर बाजार में इसका कोई एक अकेला स्टॉक नहीं है। P&G की भारतीय बाजार में अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां मौजूद हैं। विस्पर, विक्स और ओल्ड स्पाइस जैसे लोकप्रिय ब्रांड्स प्रॉक्टर एंड गैंबल हाइजीन एंड हेल्थ केयर लिमिटेड के अंतर्गत आते हैं।

 

जिलेट, वीनस और ओरल-बी जैसे जाने-माने पर्सनल केयर ब्रांड्स Gillette India लिमिटेड के पास हैं। यह एक दिलचस्प बिजनेस एंगल है कि एक ही ग्रुप की कंपनियां भारतीय शेयर बाजार में अलग-अलग लिस्टेड एंटिटी के रूप में काम करती हैं। हाल ही में Gillette India के तिमाही मुनाफे में 21.3% की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी जिसमें ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स की मजबूत मांग का बड़ा योगदान रहा था जिससे यह साबित होता है कि ब्रांड की लोकप्रियता सीधे तौर पर कंपनी के वित्तीय मुनाफे को फायदा पहुंचाती है।

वरुण बेवरेजेस और पेप्सिको

वरुण बेवरेजेस लिमिटेड (VBL) यह कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी पेप्सिको फ्रेंचाइजी बॉटलिंग कंपनियों में से एक है और 1990 के दशक से पेप्सिको के साथ काम कर रही है। यहां यह बात ध्यान रखने वाली है कि पेप्सिको या स्टिंग जैसी ड्रिंक्स वरुण बेवरेजेस की अपनी नहीं हैं बल्कि ये सब पेप्सिको के ब्रांड हैं। वरुण बेवरेजेस इन सभी ड्रिंक्स को बनाने, उनकी बोतलें पैक करने, उन्हें बाजार में पहुंचाने और बेचने का काम करती है।

 

कंपनी की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक, इसके पोर्टफोलियो में पेप्सिको, माउंटेन ड्यू, मिरिंडा, 7up, स्लाइस, ट्रॉपिकाना, निम्बूज, स्टिंग और एवरवेस जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। मई 2026 में वरुण बेवरेजेस और पेप्सिको ने अपने इस करार को और आगे बढ़ा दिया है, जो अब 30 अप्रैल 2049 तक रहेगा। इससे कंपनी के बिजनेस की लंबी उम्र और सुरक्षित मुनाफे का पता चलता है।

इन्फो एज (Info Edge)

इन्फो एज (इंडिया) लिमिटेड एक ऐसा उदाहरण है जहां एक ही लिस्टेड स्टॉक के नीचे कई बड़े डिजिटल ब्रांड्स काम करते हैं। इन्फो एज को सिर्फ 'नौकरी डॉट कॉम वाली कंपनी' कहना सही नहीं होगा,  इसका बिजनेस काफी विविध है और इसे अपने पोर्टफोलियो से जबरदस्त वित्तीय फायदा मिल रहा है।

 

कंपनी मुख्य रूप से रिक्रूटमेंट, रियल एस्टेट, मैट्रिमोनी और एजुकेशन इन चार वर्टिकल में काम करती है, जिनके प्रमुख ब्रांड्स Naukri, 99acres, Jeevansathi और Shiksha हैं। इसके अलावा AmbitionBox और JobHai जैसे डिजिटल ब्रांड्स भी इसी समूह का हिस्सा हैं। कंपनी का रेवेन्यू FY2025-26 में बढ़कर करीब 3,052 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले वर्ष के 2,654 करोड़ रुपये से लगभग 15% ज्यादा है। इसके साथ ही, इसके नॉन-रिक्रूटमेंट बिजनेस (99acres, Jeevansathi और Shiksha) ने लगातार दूसरे साल कैश प्रॉफिटेबिलिटी बनाए रखी है जिससे कंपनी की ओवरऑल वैल्यू और मजबूत हुई है।

 

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आदित्य बिड़ला ग्रुप

आदित्य बिड़ला ग्रुप के फैशन ब्रांड्स भारतीय बाजार में एक बड़े बदलाव के दौर से गुजरे हैं। डीमर्जर के बाद ग्रुप के फैशन ब्रांड्स अब दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियों में बंट गए हैं, जिससे निवेशकों को हर अलग सेगमेंट के बिजनेस से होने वाले फायदे का साफ अनुमान मिलता है। पहला हिस्सा आदित्य बिड़ला लाइफस्टाइल ब्रांड्स लिमिटेड (ABLBL) है, जो 23 जून 2025 को बाजार में लिस्ट हुआ था।

 

इसके अंदर  Louis Philippe, Van Heusen, Allen Solly, Peter England, Simon Carter, Reebok और American Eagle जैसे प्रीमियम ब्रांड्स आते हैं। दूसरा हिस्सा आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल लिमिटेड (ABFRL) है, जिसके पास Pantaloons, Style Up, Sabyasachi, Tarun Tahiliani और TASVA जैसे प्रसिद्ध ब्रांड्स हैं। इसके अलावा इसके टीएमआरडब्ल्यू बिजनेस के तहत Bewakoof, Wrogn, Nobero, Urbano और Veirdo जैसे डिजिटल-फर्स्ट ब्रांड्स भी शामिल हैं।  इस बात का सटीक उदाहरण है कि कैसे एक ही ग्रुप अपने बड़े ब्रांड पोर्टफोलियो को अलग-अलग कंपनियों में बांटकर बाजार से बड़ा आर्थिक फायदा हासिल कर रहा है।

 

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