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जितना महंगा हो रहा उतना सोना खरीद रहे भारत के लोग, 3 साल में दोगुना हुआ खर्च

भारत में सोने के दाम बढ़ते जाने के बावजूद लोग जमकर सोना खरीद रहे हैं। सोने के आयात पर होने वाला खर्च पिछले 3 साल में दोगुने से ज्यादा बढ़ गया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Sora AI

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भारत में सोने के गहने, सोने की चीजें या सोने में निवेश का चलन जबरदस्त है। शादी-ब्याह हो, कोई शुभ अवसर हो या फिर पैसों से पैसा बनाना हो, भारत के लोग सोना खरीदने पर खूब पैसा खर्च करते हैं। इसका असर सोने के दाम, सोने की मांग और सोने के आयात में खूब दिखता है। अब ताजा आंकड़े बता रहे हैं कि लगातार दाम बढ़ने के बावजूद भारत में सोने का आयात जबरदस्त तरीके से बढ़ा है। एक ही साल में सोने के आयात में 24 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई साल 2025-26 में भारत के लोगों ने एक साल में 71.98 अरब डॉलर यानी लगभग 6.69 लाख करोड़ रुपये का सोने का आयात किया है। 

 

देश की मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स ने बताया है कि साल 2025-26 में सोने के आयात में 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और सोने का आयात अब तक के उच्चतम स्तर 71.98 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2024-25 में सोने का आयात 58 अरब डॉलर रहा था जबकि 2023-24 में यह 45.54 अरब डॉलर और 2022-23 में 35 अरब डॉलर था। यानी 3 साल में ही सोने का आयात लगभग 2 गुने से ज्यादा हो गया है। रोचक बात है कि इसी तीन साल में सोने की कीमत दोगुने से भी ज्यादा बढ़ गई है।

 

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मात्रा घटी, दाम बढ़ता गया

 

वित्त वर्ष 2025-26 में मात्रा के हिसाब से सोने का आयात 4.76 प्रतिशत घटकर 721.03 टन रहा, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 757.09 टन था। इसी तरह, चांदी का आयात बीते वित्त वर्ष में लगभग 150 प्रतिशत बढ़कर 12 अरब डॉलर हो गया। मात्रा के लिहाज से यह 42 प्रतिशत बढ़कर 7,334.96 टन रहा। इन कीमती धातुओं के आयात में बढ़ोतरी से से देश का व्यापार घाटा वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 333.2 अरब डॉलर पहुंच गया। मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण आयात मूल्य बढ़ा है जबकि मात्रा में गिरावट आई है।

 

मंत्रालय ने बताया कि सोने के आयात की कीमत वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 99,825.38 डॉलर प्रति किलोग्राम हो गई, जो वित्त वर्ष 2024-25 में 76,617.48 डॉलर प्रति किलोग्राम थी। इसी दौरान आयात मात्रा 757.09 टन से घटकर 721.03 टन रह गई। मंत्रालय के अनुसार, स्विट्जरलैंड सोने के आयात का सबसे बड़ा स्रोत रहा, जिसकी हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (16 प्रतिशत से अधिक) और दक्षिण अफ्रीका (लगभग 10 प्रतिशत) का स्थान है। सोना देश के कुल आयात का पांच प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा है।

 

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सबसे बड़ा आयातक है भारत

 

आपको बता दें कि भारत दुनिया में चीन के बाद सोने का दूसरा सबसे बड़ा ग्राहण है और इसका उपयोग मुख्य रूप से गहने बनाने में होता है। आंकड़ों के अनुसार, स्विट्जरलैंड से आयात 11.36 प्रतिशत बढ़कर 24.27 अरब डॉलर हो गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के अनुसार, चालू खाता घाटा (सीएडी) दिसंबर तिमाही में बढ़कर 13.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) हो गया जबकि पिछले वर्ष 2024-25 की इसी अवधि में यह 11.3 अरब डॉलर था।

 

हालांकि, चालू खाता घाटा अप्रैल-दिसंबर 2025 में घटकर 30.1 अरब डॉलर (जीडीपी का एक प्रतिशत) रहा, जबकि एक वर्ष पहले इसी अवधि में यह 36.6 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 प्रतिशत) था।

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