दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियां PepsiCo, Unilever, Nestlé और P&G का रुख अब पूरी तरह से भारत की तरफ हो चुका है। इन कंपनियों का मानना है कि चीन में धंधा धीमा पड़ गया है और जो मौका वहां छूट रहा है वह भारत में मिल रहा है। PepsiCo के वर्ल्डवाइड बॉस रेमन लागुआर्टा ने साफ कहा है कि भारत उनके लिए सबसे बढ़िया बाज़ार है और कंपनी यहां लंबे समय के लिए पैसा लगाना चाहती है। HDFC Sky PepsiCo India ने 2024 में 8,877 करोड़ रुपये कमाए और टैक्स से पहले 1,172 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ।
चीन में लोग पैसा खर्च करने से बच रहे हैं और KitKat बनाने वाली Nestlé ने चीन में अपनी बिक्री गिरते देखी और कहा कि वहां के हालात उम्मीद से कहीं ज्यादा खराब हैं। वहीं दूसरी तरफ भारत में सामान की बिक्री 2024 में 7.2 फीसदी से बढ़कर 2025 की पहली छमाही में 13.7 फीसदी हो गई, जबकि चीन में यह बढ़त सिर्फ 4.7 फीसदी रही। एनेक्स वेल्थ मैनेजमेंट के अर्थशास्त्री ब्रायन जैकबसेन ने सीधे शब्दों में कहा कि पिछले दस साल चीन के थे और अगले दस साल भारत के हैं।
यह भी पढ़ें: EV की पुरानी बैटरियों से करोड़ों कमा रही हैं रीसाइकलिंग कंपनियां
भारत इतना खास क्यों है?
भारत अब दुनिया का सबसे ज़्यादा आबादी वाला देश बन चुका है और यहां के लोग चीन के मुकाबले ज्यादा खर्च करते हैं। गांवों की बात करें तो 2025 में गांवों ने खरीदारी में शहरों को पीछे छोड़ दिया है और पांच साल में गांवों में लोगों का खर्च 11 फीसदी हर साल की रफ्तार से बढ़ा है जिससे 98,000 करोड़ रुपये का बाजार बन गया है। पूरे भारत की बात करें तो यह बाजार 2026 तक 10.2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
PepsiCo की असली ताकत
PepsiCo की भारत की कहानी सिर्फ Pepsi या Lay's तक नहीं रुकती, इसके पीछे एक और बड़ा नाम है वरुण बेवरेजेज। यह कंपनी अमेरिका के बाहर PepsiCo के साथ मिलकर काम करने वाली दुनिया की सबसे बड़ी कंपनी है और भारत में Pepsi की हर 100 में से 90 बोतल इसी के जरिए बिकती हैं। काम बहुत सीधा है PepsiCo सिरप देता है और वरुण बेवरेजेज उसे बोतल में भरकर देश के हर कोने तक पहुंचाता है। 2024 में वरुण बेवरेजेज ने 20,481 करोड़ रुपये कमाए और 3,433 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ। फरवरी 2024 में कंपनी ने नए कारखाने लगाने और 1,500 नई नौकरियां देने के लिए 3,500 करोड़ रुपये लगाने का ऐलान किया था।
यह भी पढ़ें: बीकाजी भुजिया वाले शिवरतन अग्रवाल का निधन, घर-घर पहुंचाया बीकानेरी स्वाद
बाकी कंपनियां भी पीछे नहीं
हिंदुस्तान यूनिलीवर ने मिनिमलिस्ट को 3,000 करोड़ रुपये में खरीदा, मैरिको ने बियर्डो और प्लिक्स जैसे ब्रांड अपने में मिलाए और आईटीसी (इंडियन टोबैको कंपनी) ने योगा बार को खरीद लिया। आईटीसी ने तो और बड़ा कदम उठाया कंपनी ने अपना कारोबार बढ़ाने के लिए 20,000 करोड़ रुपये खर्च करने का ऐलान किया है। दुनिया की पांच सबसे बड़ी कंपनियों की भारत में हिस्सेदारी 2022 के 19.27 फीसदी से बढ़कर 2023 में 20.53 फीसदी हो गई है, जबकि चीन में इन्हीं कंपनियों की पकड़ कमजोर पड़ती जा रही है।