logo

मूड

ट्रेंडिंग:

बिना बाहरी निवेश के राधा वेम्बू ने कैसे बनाई 55 हजार करोड़ की सॉफ्टवेयर कंपनी?

राधा वेम्बू ने बिना किसी निवेश के जोहो को ग्लोबल कंपनी बनाया और आज वह 55 हजार करोड़ की संपत्ति के साथ भारत की सबसे अमीर सेल्फ मेड महिला हैं।

Radha Vembu, Photo Credit: Social Media

राधा वेम्बू, Photo credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

राधा वेम्बू आज भारत की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला अरबपति बन गई हैं जिनकी कुल संपत्ति ₹55,300 करोड़ के पार पहुंच गई है। साल 2026 की ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपनी मेहनत से जोहो (Zoho) को उस ऊंचाई पर पहुंचाया है जहां वह दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों को कड़ी टक्कर दे रही हैं। राधा वेम्बू की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इतनी बड़ी कामयाबी और शोहरत मिलने के बाद भी वह मीडिया की चकाचौंध से कोसों दूर रहती हैं और अपना पूरा ध्यान सिर्फ नए और बेहतर सॉफ्टवेयर बनाने पर लगाती हैं।

 

जोहो दुनिया की उन चुनिंदा बड़ी कंपनियों में शामिल है जिसने आज तक किसी भी बाहरी इन्वेस्टर से एक रुपया भी नहीं लिया है। वित्तीय आंकड़ों के अनुसार जोहो का सालाना रेवेन्यू ₹11,200 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका है और इसमें हर साल 20% से ज्यादा की बढ़त देखी जा रही है। राधा वेम्बू का मानना है कि जब आप किसी से पैसा उधार नहीं लेते तो आप पर मुनाफा कमाने का कोई बाहरी दबाव नहीं होता। इसी आजादी की वजह से वह अपनी मर्जी से सॉफ्टवेयर में नए प्रयोग कर पाती हैं और आज उनकी कंपनी पूरी तरह कर्ज मुक्त होकर मुनाफे में चल रही है।

 

यह भी पढ़ें: किसी ने खूब कमाए, किसी के पैसे डूबे, बिजनेस में कितने सफल हुए बॉलीवुड के सितारे?

15 करोड़ यूजर्स के साथ दुनिया भर में जमाया सिक्का

साल 2026 में जोहो ने अपने सफर के 30 साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान कंपनी ने 15 करोड़ रजिस्टर्ड यूजर्स का बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। राधा वेम्बू ने अपनी पढ़ाई आईआईटी मद्रास से पूरी की थी और 1996 में अपने भाई के साथ इस काम की शुरुआत की थी। आज वह 'जोहो मेल' जैसे सबसे बड़े प्रोडक्ट की पूरी जिम्मेदारी संभालती हैं और उनके नेतृत्व में हजारों कर्मचारी काम कर रहे हैं। चेन्नई के एक छोटे से ऑफिस से शुरू हुई इस भारतीय कंपनी के आज दुनिया के 28 देशों में 90 से ज्यादा ऑफिस खुल चुके हैं।

 

अमीरों की लिस्ट में टॉप पर लेकिन जीवन एकदम सादा

हुरुन इंडिया 2025-26 की लिस्ट में राधा वेम्बू भारत की नंबर वन सेल्फ-मेड महिला वेल्थ क्रिएटर चुनी गई हैं। इतनी संपत्ति होने के बाद भी वह चकाचौंध से दूर रहती हैं और अपना ज्यादातर समय कोडिंग और अपनी टीम को गाइड करने में बिताती हैं। वह सादगी में विश्वास रखती हैं और उनका पूरा फोकस प्रोडक्ट की क्वालिटी पर रहता है। उनकी यह सोच आज के नए युवाओं के लिए प्रेरणा है कि बिना शोर मचाए भी दुनिया में अपनी बड़ी पहचान बनाई जा सकती है।

 

यह भी पढ़ें: 2 महीने में 33 हजार की गई नौकरी, टेक कंपनियों में इस साल भी जारी है छंटनी

छोटे शहरों के टैलेंट को दिया ग्लोबल प्लेटफॉर्म

राधा वेम्बू का विजन सिर्फ पैसा कमाना नहीं बल्कि भारत के छोटे शहरों के टैलेंट को आगे लाना भी रहा है। जोहो ने तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में अपने ऑफिस खोलकर हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया है जिन्हें बड़ी डिग्रियों के बजाय उनके हुनर के आधार पर चुना गया। राधा वेम्बू की लीडरशिप में जोहो आज न सिर्फ सॉफ्टवेयर बेच रही है बल्कि भारत को एक 'प्रोडक्ट नेशन' बनाने की दिशा में सबसे बड़ा योगदान दे रही है। उनका यह मॉडल सिखाता है कि सही सोच और मेहनत हो तो गांव में बैठकर भी पूरी दुनिया के लिए बेहतरीन तकनीक बनाई जा सकती है।

Related Topic:#Business News

और पढ़ें