बजट के बाद शेयर मार्केट औंधे मुंह गिरा है। सेंसेक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली है। शेयर मार्केट लगातार लुढक रहा है। एक तरफ वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण संसद में देश का बजट पेश कर रहीं थीं, दूसरी तरफ शेयर बाजार काबुरा हाल था। एक वक्त पर सेंसेक्ट 1600 अंक गिरकर 80,600 के स्टर पर आ गिरा था। निफ्टी भी 550 अंक लुढक गया था। सिक्योरिटीज टैक्स 0.02 प्रतिशत से बढ़कर 0.05 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
सरकार ने अब सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) को 0.02 फीसदी से बढ़ाकर अब 0.05 प्रतिशत कर दिया है। अब बाजार में बड़ी गिरावट आई है। सेंसेक्स के 30 शेयरों में 28 में गिरावट देखने को मिल रही है। निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स में भी गिरावट देखने को मिली है।
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किन सेक्टर पर असर पड़ा है?
मीडिया, फार्मा, फाइनेंशियल और आईटी सेक्टर में भी गिरावट देखने को मिला है। ऑटो और प्राइवेट सेक्टर में भी स्थिति बेहतर नहीं है। सुबह जब 9.15 मिनट पर 100 अंक की गिरावट के साथ सेंसेक्स खुला तो यह अनुमान नहीं लगाया जा सकता था कि इतनी बड़ी गिरावट होगी। निफ्टी 50 अंक की गिरावट के साथ 25,275 के स्तर पर खुला था। 11 बजे तक निफ्टी में 500 अंको तक की रिकवरी देखने को मिली, फिर एक बार गिरावट देखने को मिली है।
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बजट पर क्या कह रहा है विपक्ष?
कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को फीका और निराशाजनक करार दिया है। रविवार को उन्होंने कहा कि यह उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बजट भाषण भी पारदर्शी नहीं रहा और इसमें प्रमुख कार्यक्रमों एवं योजनाओं के लिए बजटीय आवंटन की जानकारी नहीं दी गई।
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जयराम रमेश:-
दस्तावेज़ों का विस्तृत अध्ययन करना अभी बाकी है, फिर भी 90 मिनट बाद यह स्पष्ट हो जाता है कि बजट को लेकर जो उम्मीदें की गई थीं, उन पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता। यह पूरी तरह फीका और निराशाजनक रहा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश किया। उन्होंने घोषणा की कि पूंजीगत व्यय का लक्ष्य बढ़ाकर 12.2 लाख करोड़ रुपये किया जाएगा, जो चालू वित्त वर्ष के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये है। उन्होंने साथ ही देश में बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने के लिए कई उपायों की घोषणा की।