logo

मूड

ट्रेंडिंग:

त्योहारों से पहले AC और फ्रिज जैसी चीजें महंगी क्यों हो जाएंगी? वजह समझ लीजिए

इस साल के त्योहारी सीजन के बीच ग्राहकों के लिए एक बुरी खबर है कि फ्रिज, एसी और टीवी जैसी चीजों के दाम बढ़ने वाले हैं। यह इस साल तीसरी बढ़ोतरी होगी।

ai generated image of electronic items

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: ChatGPT

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

अक्तूबर और नवंबर के महीने में कई त्योहार आने वाले हैं। नवरात्रि, धनतेरस, दीपावली और छठ के त्योहार पर हर साल जमकर खरीदारी होती है। इस बार इसी खरीदारी वाले सीजन से ठीक पहले यानी 1 अक्तूबर से फ्रिज, एसी और टीवी जैसी चीजें महंगी होने वाली है। रोचक बात है कि इस साल इन चीजों के दाम में पहले ही दो बार बढ़ोतरी हो चुकी है। इस बार की बढ़ोतरी के बाद इस साल इन चीजों के दाम में लगभग एक चौथाई की कुल बढ़ोतरी हो जाएगी। इस बार 1 अक्तूबर से इन चीजों के दाम में लगभग 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने जा रही है।

 

मुख्य तौर पर LED टीवी, वॉशिंग मशीन, एसी और अन्य  इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दाम में 5 से 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हो सकती है। इसकी मुख्य वजह है कि स्टील, कॉपर और कई अन्य सामान्य पश्चिमी एशिया में जारी संकट के चलते महंगे हो गए हैं। इन चीजों का इस्तेमाल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने में खूब होता है ऐसे में इन चीजों का उत्पादन ही महंगा होता जा रही है। इसी के चलते सिर्फ 2026 में ही इन चीजों के दाम में कई बार इजाफा हो चुका है।

 

यह भी पढ़ें: सैन्य ड्रोन आयात में पाकिस्तान से 3 गुना आगे भारत, 4 साल में कितना खरीदा?

कब-कब बढ़े दाम?

इससे पहले जनवरी 2026 में 3 से 5 प्रतिशत और सितंबर में 4 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी पहले ही हो चुकी है। अब 5 से 8 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी फिर से होनी है। इस तरह इन चीजों के दाम में साल भर में ही 12 से 23 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होगी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, AC की कीमत में 5 से 8 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी और LED TV, फ्रिज आदि के दाम 3 से 4 प्रतिशत ज्यादा हो जाएंगे। 

 

इसका मतलब है कि अगर कोई एसी पहले 50 हजार का था तो अब वह 54 हजार रुपये तक का हो सकता है। इसी तरह 50 हजार वाला फ्रिज कम से कम 51 या 52 हजार रुपये का मिलेगा।

 

यह भी पढ़ें: LPU: 10 दिन के लिए क्लास कैंसल, आगजनी और तोड़फोड़ के बाद बनाई गई SIT 

क्यों हो रही ऐसी बढ़ोतरी?

पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के चलते दूसरे देशों से आने वाले कच्चे माल की सप्लाई प्रभावित हुई है। असर यह हुआ है कि कई जरूरी चीजों जैसे कि कॉपर के दाम 60 से 70 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। अभी यह संकट खत्म नहीं हुआ है तो आने वाले समय में भी यह बढ़ोतरी जारी रह सकती है और जनवरी महीने तक दाम और भी बढ़ सकते हैं।

  

   

Related Topic:#Business News

और पढ़ें