क्लाउड कंप्यूटिंग में होता क्या है, जिसमें लगातार बढ़ रहा है करियर का स्कोप?
तेजी से बदलते इस डिजिटल युग में कई पारंपरिक नौकरियां खतरे में हैं लेकिन कई नए विकल्प युवाओं के सामने खुले हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग ऐसा ही विकल्प है, जिसमें भविष्य की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit: SORA
आज के इस डिजिटल दौर में दुनिया तेजी से बदल रही है। मोबाइल, इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बाद अब जिस टेक्नोलॉजी ने सबसे ज्यादा रफ्तार पकड़ी है, वह है क्लाउड कंप्यूटिंग (Cloud Computing)। इस क्षेत्र में करियर की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग इंटरनेट से जुड़ा काम होता है, जिसमें आप इंटरनेट के जरिए डेटा और सॉफ्टवेयर को स्टोर करते हैं और उन्हें कहीं भी एक्सेस कर सकते हैं।
क्लाउड कंप्यूटिंग एक नया फिल्ड है जो अब तेजी से उभर रहा है। इस करियर के बारे में जानने के लिए आपको आपके मोबाइल या लैपटॉप की वर्किंग जाननी होगी। पहले शुरुआत में हमें फोटो, वीडियो या फाइल सेव करने के लिए पेन ड्राइव या हार्ड डिस्क की जरूरत पड़ती थी लेकिन अब Google Drive, OneDrive, Dropbox जैसे प्लेटफॉर्म पर सब कुछ ऑनलाइन सेव किया जा सकता है। यह सारा काम क्लाउड की मदद से किया जाता है।
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लगातार बढ़ रहा क्लाउड का इस्तेमाल
आज के इस डिजिटल युग में बैंकिंग, एजुकेशन, अस्पताल, ई-कॉमर्स, सरकारी विभाग और बड़ी कंपनियां तेजी से क्लाउड सिस्टम अपना रही हैं। इसके पीछे एक बड़ी वजह यह कि इस सिस्टम में कम खर्च और ज्यादा सुरक्षा के साथ आसानी से डेटा को मैनेज किया जा सकता है। क्लाउड की मदद से कंपनियां अपना डेटा सुरक्षित रखती हैं और जरूरत के हिसाब से सर्वर स्पेस बढ़ा या घटा सकती हैं। यही कारण है कि भारत समेत पूरी दुनिया में क्लाउड कंप्यूटिंग सेक्टर तेजी से ग्रो कर रहा है और आने वाले समय में यह करोड़ों युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया बनने वाला है।
क्या है क्लाउड कंप्यूटिंग?
क्लाउड कंप्यूटिंग एक ऐसी टेक्नोलॉजी है जिसमें डेटा, एप्लिकेशन और सर्वर इंटरनेट पर मौजूद रिमोट सर्वर पर स्टोर होते हैं। यूजर अपने कंप्यूटर या मोबाइल से इंटरनेट के जरिए इन सेवाओं का इस्तेमाल करता है। हम कह सकते हैं कि यह एक ऑनलाइन डेटा स्टोरेज सर्विस है। क्लाउड कंप्यूटिंग वैसे तो एक बहुत बड़ा फिल्म है लेकिन इसे मुख्य रूप से तीन भागों में बांटा गया है।
- इंफ्रास्ट्रकचर एक सर्विस (IAAS)- इसमें सर्वर और स्टोरेज किराए पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं।
- प्लेटफॉर्म सर्विस (PAAS)- इस प्लेटफॉर्म पर डेवलपर्स ऐप बनाते हैं।
- सॉफ्टवेयर सर्विस (SAAS)- इसमें सॉफ्टवेयर का ऑनलाइन इस्तेमाल किया जाता है।
क्यों बढ़ रही है डिमांड?
पिछले एक दशक में भारत में इंटरनेट तेजी से लोगों तक पहुंचा है। इससे डिजिटल इंडिया अभियान को तेजी मिली है। भारत के युवाओं में खासकर जेन-जी में स्टार्टअप कल्चर और ऑनलाइन सर्विसेज का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिससे क्लाउड की मांग को कई गुना बढ़ गई है। कोविड के बाद ऑनलाइन कामों में और ज्यादा तेजी आई। कई लोग वर्क फ्रॉम होम करने लगे और क्लास भी ऑनलाइन होने लगी। कंपनियां अपने ऑफिस के बजाय क्लाउड सर्वर पर डेटा स्टोर करती हैं, जिससे आसानी से इसे कहीं भी एक्सेस किया जा सकता है। इसे ज्यादा सुरक्षित और सस्ता माना जाता है। इसके साथ ही इसे मैनेज करना भी बहुत आसान है।
करियर के मौके
क्लाउड कंप्यूटिंग में करियर की संभावनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। इस क्षेत्र में क्लाउड इंजीनियर, क्लाउड आर्किटेक्ट, सिस्टम एडमिनिस्ट्रेटर, DevOps इंजीनियर, डेटा एनालिस्ट और साइबर सिक्योरिटी एक्सपर्ट की मांग लगातार बढ़ रही है। आईटी कंपनियों के साथ-साथ बैंक, अस्पताल, मीडिया हाउस और सरकारी विभाग भी क्लाउड एक्सपर्ट्स की भर्ती कर रहे हैं। इस सेक्टर में शुरुआत में आपको 6 से 8 लाख रुपये तक सालाना पैकेज मिल सकता है, जबकि अनुभव बढ़ने पर सैलरी 15 से 20 लाख रुपये सालाना तक भी पहुंच सकती है।
कैसे बनाएं करियर?
अब सवाल आता है कि क्लाउड कंप्यूटिंग में करियर कैसे बनाया जाए और इसके लिए क्या पढ़ाई की जाए। अगर कोई छात्र 12वीं के बाद इस फील्ड में आना चाहता है तो वह B.Tech, BCA, MCA, B.Sc IT जैसे कोर्स कर सकता है। इसके अलावा AWS, Azure या Google Cloud के सर्टिफिकेशन कोर्स भी किए जा सकते हैं। यह सर्टिफिकेट आपके लिए बहुत फायदेमंद हो सकते हैं। आज कई यूनिवर्सिटी और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म क्लाउड कंप्यूटिंग में डिप्लोमा और प्रोफेशनल कोर्स भी करवाती हैं। 12वीं के बाद आप इन कोर्स को भी चुन सकते हैं।
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आमतौर पर किसी भी टेक्निकल फिल्ड में काम करने के लिए युवाओं को बेंगलुरु, गुरुग्राम जैसे बड़े शहरों में शिफ्ट होना पड़ता है। क्लाउड कंप्यूटिंग में ऐसा नहीं है। इसमें काम करने के लिए हमेशा बड़े शहर में रहना जरूरी नहीं। इसमें आपको छोटे शहर में भी नौकरी मिल सकती है और आप फ्रीलांस काम भी कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं के लिए भी टेक्नोलॉजी सेक्टर में आगे बढ़ने का रास्ता खुल रहा है।
एक बार आप जरूरी योग्यता प्राप्त कर लें तो आप इस सेक्टर में जॉब शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आपको कैंपस प्लेसमेंट भी मिलती हैं। अगर आपको ऐसा मौका नहीं मिलता तो आप सोशल नेटवर्किंग और कंपनियों की वेबसाइट पर जॉब्स सेक्शन में जाकर अपने लिए मौका तलाश सकते हैं।
भविष्य की संभावनाएं
आज के डिजिटल युग में करियर के ऑप्शन लगातार बदल रहे हैं। करीब 10-15 साल पहले तक यूट्यूब और सोशल मीडिया से पैसा कमाने के बारे में लोग सोच भी नहीं सकते थे लेकिन आज इन्हीं प्लेटफॉर्म्स पर काम करके लोग लाखों कमा रहे हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले 5 से 10 साल में ज्यादातर कंपनियां पूरी तरह क्लाउड बेस्ड सिस्टम पर शिफ्ट हो जाएंगी। AI जैसी टेक्नोलॉजी भी क्लाउड पर ही आधारित हैं। ऐसे में क्लाउड कंप्यूटिंग में एक्सपर्ट्स सुनहरा भविष्य देखते हैं।
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