कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट(CUET) अंडरग्रेजुएट (UG) अब देश की सबसे बड़े कॉलेज एंट्रेस टेस्ट की लिस्ट में शामिल हो चुका है। इस एंट्रेस टेस्ट के जरिए देशभर में कई टॉप यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में एडमिशन मिलता है। इससे पहले मेडिकल और इंजीनियरिंग को छोड़कर अन्य कोर्सों में एडमिशन के लिए हर यूनिवर्सिटी अपने हिसाब से परीक्षा आयोजित करवाती थी लेकिन अब इसी टेस्ट के जरिए सैंकड़ों संस्थानों में एडमिशन मिल सकता है। 12वीं में पढ़ रहे और 12वीं पास कर चुके छात्र इस परीक्षा को दे सकते हैं।
इस परीक्षा में तीन अलग-अलग पेपर होते हैं। पहला पेपर लैंग्वेज का होता है। दूसरा पेपर उस सब्जेक्ट का होता है जिसकी आपने पढ़ाई करनी है। यह सब्जेक्ट आप खुद सिलेक्ट करते हैं। इसके बाद तीसरा पेपर होता है जनरल टेस्ट यानी GAT। पहले दो पेपरों के लिए तो छात्र आसानी से तैयारी कर लेते हैं क्योंकि इनका सिलेबस 12वीं के सिलेबस से मिलता है लेकिन जनरल टेस्ट के लिए तैयारी करने में कई छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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क्या जरूरी है GAT?
CUET UG में GAT को लेकर सबसे आम सवाल यही है कि क्या यह सभी छात्रों के लिए जरूरी है या नहीं। ज्यादातर छात्रों को इस परीक्षा का फॉर्म भरते समय यही नहीं समझ आता कि वे जनरल टेस्ट का ऑपअशन सिलेक्ट करें या ना करें। इस सवाल का जवाब आपके पास ही है। कई कोर्स और यूनिवर्सिटी ऐसे हैं जहां GAT का स्कोर मांगा जाता है, वहीं कुछ जगह सिर्फ लैंग्वेज और मेन सब्जेक्ट से ही काम चल जाता है। हालांकि, ज्यादातर कॉलेजों और कोर्स में जनरल टेस्ट एडमिशन के लिए जरूरी होती है। अगर आप अच्छे कॉलेज और ज्यादा विकल्प चाहते हैं, तो GAT देना आपके लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। इसके अलावा आप कॉलेज और CUET के प्रोस्पेक्टस में भी डिटेल्स चेक कर सकते हैं।
CUET UG में GAT इसलिए भी अहम हो जाता है क्योंकि कई यूनिवर्सिटी इसे मेरिट बनाने में शामिल करती हैं। खासकर दिल्ली यूनिवर्सिटी और कई अन्य बड़े संस्थानों में कुछ कोर्स ऐसे हैं जहां GAT का स्कोर एडमिशन में बड़ा रोल निभाता है। ऐसे में अगर छात्र GAT नहीं देता है, तो उसके पास कॉलेज और कोर्स के विकल्प कम हो सकते हैं।
GAT का पैटर्न क्या है?
CUET UG का जनरल टेस्ट अन्य दो टेस्ट की तरह कंप्यूटर के जरिए लिया जाता है। इसमें तय समय के अंदर सवालों के जवाब देने होते हैं। सभी सवाल के आपको चार ऑपशन होते हैं और उन में से आपको सही विकल्प सिलेक्ट करना होता है। अगर आप सही जवाब चुनते हैं तो आपको नंबर मिलता है और गलत आंसर के लिए आपके नंबर कट भी सकते हैं क्योंकि इसमें नेगेटिव मार्किंग भी है। इस पेपर में कुल 50 प्रश्न होंगे। हर सही उत्तर के लिए 5 नंबर और गलत जवाब के लिए 1 नंबर कट कर लिया जाएगा।

GAT का सिलेबस क्या है?
जनरल एप्टीट्यूड टेस्ट नाम से ही यह बात साफ है कि आपकी नॉलेज को टेस्ट करने के लिए यह टेस्ट किया जाता है। इसका कोई सिलेबस किसी एक किताब या बोर्ड तक सीमित नहीं होता। इसमें देश और दुनिया से जुड़े सवाल, रोजमर्रा की घटनाएं, रिजनिंग से जुड़े सवाल और जनरल नॉलेज से जुड़े सवाल किए जाते हैं। हालांकि, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने अपनी वेबसाइट पर इस टेस्ट का सिलेबस दिया है। अगर आप इस सिलेबस की पीडीएफ डाउनलोड करना चाहते हैं तो आप आधिकारिक वेबसाइट https://cuet.nta.nic.in/syllabus/ पर जाकर डाउनलोड कर सकते हैं। इसमें जनरल नॉलेज, करंट अफेयर्स , जनरल मेंटल एबिलिटी, न्यूमेरिकल एबिलिटी, रिजनिंग, जनरल साइंस जैसे सब्जेक्ट शामिल होते हैं।
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कैसे करें तैयारी?
GAT की तैयारी के लिए सबसे पहले छात्रों को इसका पैटर्न समझना चाहिए। पिछले सालों के सवाल देखने से यह साफ हो जाता है कि किस तरह के सवाल पूछे जाते हैं। रोज थोड़ा-थोड़ा समय प्रैक्टिस करना बेहतर होता है। आप सिलेबस को समझकर टॉपिक के हिसाब से तैयारी करें। हर टॉपिक के लिए आपके पास कई विकल्प मौजूद हैं। एक तो आप ऑनलाइन वीडियो देखकर यूट्यूब से तैयारी कर सकते हैं। इसके अलावा मार्केट में कई किताबें आती है, जिन्हें पढ़कर आप इस टेस्ट की तैयारी कर सकते हैं।
कई कोचिंग संस्थानों की वेबसाइट पर फ्री में पढ़ाई के लिए नोट्स आपको मिल जाएंगे। ऑनलाइट टेस्ट वगैरह भी आपको मिल जाएंगे। जनरल नॉलेज के लिए हर रोज अखबार पढ़ें और कोशिश करें कि इंग्लिश का अखबार पढ़ें ताकि आपकी जनरल टेस्ट की तैयारी के साथ-साथ लैंग्वेज टेस्ट की तैयारी भी हो सके।