डिजिटल इंडिया के दौर में साइबर क्राइम एक बड़ी समस्या बन चुका है। आए दिन साइबर क्राइम की खबरें लोगों को डरा रही हैं। पिछले कुछ सालों में साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है। इस बढ़ते हुए खतरे को देखते हुए अब स्कूल स्तर पर ही ट्रेनिंग का काम शुरू करने की तैयारी है। इस कड़ी में सबसे पहले शिक्षकों को साइबर सिक्योरिटी कोर्स करवाया जाएगा। राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) शिक्षकों के लिए साइबर सिक्योरिटी का एक ऑनलाइन कोर्स तैयार कर रही है।
NCERT की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, 7, 8 और 9 जनवरी तक दिल्ली में रिव्यू मीटिंग होगी, इसमें हर राज्य से एक्सपर्ट्स को बुलाया जाएगा। इस मीटिंग में इनपुट मिलने के बाद कोर्स करिकुलम को अंतिम रूप दिया जाएगा। यह ऑनलाइन कोर्स होगा, जिसमें वीडियो कॉन्टेंट के जरिए साइबर सिक्योरिटी के बारे में पढ़ाया जाएगा। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार, NCERT यह करिकुलम तैयार कर रहा है।
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एक महीने का होगा कोर्स
NCERT साइबर सिक्योरिटी के लिए जो करिकुलम तैयार कर रही है उसे वीडियो और टेक्सट फॉर्मेट में तैयार किया जा रहा है। इस कोर्स को पूरा करने के लिए शिक्षकों को दो स्तर की परीक्षाओं से गुजरना होगा। सभी टीचरों को कोर्स शुरू होने से पहले प्री-टेस्ट देना होगा। यानी करिकुलम पूरा करने के बाद आपको फिर से टेस्ट देना होगा। इन दोनों टेस्ट को पास करने वाले शिक्षकों को सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
शिक्षकों के लिए होगा अनिवार्य
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, NCERT की ओर से तैयार किया जा रहा यह कोर्स शिक्षकों के लिए अनिवार्य होगा। इस में पीआरटी, टीजीटी, पीजीटी शिक्षकों के साथ-साथ स्कूलों के मुखिया भी शामिल होंगे। हर शिक्षक के लिए यह ट्रेनिंग कोर्स पूरा करना जरूरी होगा। हालांकि, अभी यह जानकारी शेयर नहीं की गई है कि यह कोर्स कब से शुरू हो जाएगा लेकिन माना जा रहा है कि अगले सत्र में सत्री शिक्षकों के लिए यह कोर्स उपलब्ध करवाया जा सकता है।
कोर्स में क्या होगा?
इस डिजिटल दौर में ऑनालाइन फ्रॉड तेजी से बढ़ रहा है। NCERT की ओर से तैयार किए जा रहे कोर्स में इस पर खास फोकस रहेगा। कोर्स का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को डिजिटल युग के खतरों के प्रति जागरूक करना है। इस कोर्स में पासवर्ड मैनेजमेंट, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, सोशल मीडिया प्राइवेसी और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड से बचने के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके अलावा इस कोर्स में साइबर बुलिंग और फिशिंग अटैक यानी फर्जी लिंक के जरिए डेटा चोरी की पहचान कैसे करें, इन विषयों पर भी डिटेल्स होंगी।
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पहले खुद पढ़ेंगे फिर बच्चों को पढ़ाएंगे
साइबर क्राइम का खतरा सिर्फ शिक्षकों पर ही नहीं बल्कि बच्चों पर भी है। कई बच्चे भी साइबर क्राइम का शिकार हो चुके हैं। ऐसे में बच्चों को साइबर सिक्योरिटी के बारे में बताना अहम हो जाता है। शिक्षकों को ट्रेनिंग देने के बाद छात्रों को भी साइबर सिक्योरिटी की ट्रेनिंग दी जाएगी। ट्रेनिंग लेने के बाद शिक्षक 6वीं क्लास से 12वीं क्लास तक के बच्चों को साइबर सिक्योरिटी के बारे में जागरूक करेंगे। बच्चों के लिए यह स्पेशल कोर्स के रूप में तैयार किया जा रहा है या फिर करिकुलम का ही हिस्सा होगा, इस बारे में अभी डिटेल्स सामने नहीं आई हैं।
कहां से कर पाएंगे यह कोर्स?
दैनिक भास्कर की रिपोर्ट में बताया गया है कि शिक्षकों के लिए तैयार किया जा रहा यह कोर्स 'दीक्षा' पोर्टल पर लाइव किया जाएगा। इस कोर्स को अंतिम रूप देने के लिए रिव्यू मीटिंग आयोजित की जा रही है, जिसमें कई राज्यों से शिक्षकों को बुलाया गया है। इस रिव्यू मीटिंग के बाद ही शिक्षकों और छात्रों के लिए इस कोर्स से जुड़ी गाइडलाइन्स जारी की जाएंगी।