उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) की सहायक अभियोजन अधिकारी यानी APO भर्ती 2025 की प्रारंभिक परीक्षा के रिजल्ट और आरक्षण व्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। अब कोर्ट में इस मामले पर सुनवाई पूरी हो गई है और फैसला सुरक्षित कर लिया गया है। कोर्ट ने यूपी लोक सेवा आयोग को निर्देश दिया है कि अगले आदेश यानी फैसला सुनाए जाने तक मुख्य परीक्षा यानी मेन्स का परिणाम घोषित नहीं किया जाए।
दरअसल, UPPSC ने APO भर्ती 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट 30 अप्रैल 2026 को जारी किया था। इस परीक्षा के जरिए 182 पदों पर भर्ती होनी है। रिजल्ट में करीब 2,856 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया गया था। इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में मुख्य रूप से आयोग की आरक्षण व्यवस्था और प्रीलिम्स रिजल्ट को चुनौती दी गई।
यह भी पढ़ें: हरियाणा के CM सैनी का निर्देश, कल्याण योजनाओं में धांधली बर्दाश्त नहीं
हाई कोर्ट क्यों पहुंचे अभ्यर्थी?
पंकज वर्मा और दो अन्य अभ्यार्थियों ने इस मामले में हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यदि आरक्षित वर्ग का कोई अभ्यर्थी सामान्य वर्ग के कटऑफ से ज्यादा अंक प्राप्त करता है और उसने किसी तरह की छूट का लाभ नहीं लिया है, तो उसे सामान्य वर्ग की मेरिट में जगह मिलनी चाहिए। इस मामले में जस्टिस मनीष कुमार निगम की सिंगल जज बेंच ने याचिका की सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है और साथ ही आदेश दिया है कि कोर्ट का फैसला ना आने तक मेन्स परीक्षा का रिजल्ट ना जारी किया है।
कोर्ट में क्या हुआ?
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए UPPSC से इस संबंध में जवाब मांगा। कोर्ट ने यह भी पूछा कि याचिकाकर्ताओं ने भर्ती में आवेदन करते समय आयु सीमा में छूट या किसी अन्य तरह की छूट का लाभ लिया था या नहीं। इसके साथ ही उम्मीदवारों की डिटेल्स और कटऑफ की डिटेल्स भी कोर्ट ने मांगी। बाद में मामले में आगे की सुनवाई हुई और आरक्षण व्यवस्था से जुड़े कई कानूनी सवालों पर कोर्ट ने विचार किया।
यह भी पढ़ें: 'खाकी पहन जाली नोट देने आया रिटायर्ड जवान', मौके पर पकड़ा गया, रैकेट का भंडाफोड़
जून में हुई थी मेन्स परीक्षा
UPPSC ने APO भर्ती 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का रिजल्ट जारी करने के बाद कटऑफ भी जारी कर दी थी। इसी कटऑफ को लेकर हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है और इसी कटऑफ के आधार पर मेन्स परीक्षा भी आयोग ने आयोजित करवा दी है। मेन्स परीक्षा 28, 29 और 30 जून 2026 को आयोजित की गई थी और अब उम्मीदवारों को इसके रिजल्ट का इंतजार था। हालांकि, अब हाई कोर्ट ने फैसला सुनाए जाने तक इस परीक्षा के रिजल्ट पर रोक लगा दी है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि APO मुख्य परीक्षा पहले ही हो चुकी है और उसका परिणाम जल्द घोषित किए जाने की संभावना है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने निर्देश दिया कि जब तक मामले में फैसला नहीं सुनाया जाता तब तक UPPSC मुख्य परीक्षा का परिणाम घोषित नहीं करेगा।