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'हमला करना होता हम बहुत जगह कर सकते थे...', बंगाल में प्रचार खत्म, बयानबाजी जारी

पश्चिम बंगाल में चुनाव प्रचार अब खत्म हो गया है और वोटिंग से पहले का साइलेंट पीरियड जारी है। 29 अप्रैल को बंगाल की 142 सीटों पर वोट डाले जाएंगे।

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बंगाल में 29 अप्रैल को होगी वोटिंग, Photo Credit: Khabargaon

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पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से एक दिन पहले यानी 27 अप्रैल की शाम को ही प्रचार औपचारिक रूप से खत्म हो गया है। 28 अप्रैल यानी आज का दिन साइलेंट पीरियड है और इस दिन प्रचार की अनुमति नहीं है। सोमवार को दोनों तरफ से जबरदस्त बयानबाजी, कुछ जगहों पर राजनीतिक कार्यकर्ताओं के टकराव और पुलिस के ऐक्शन की खबरें आईं। अब साइलेंट पीरियड में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता दिलीप घोष ने कहा है कि उनकी पार्टी कहीं हमला नहीं कर रही है और अगर उसे करना ही होता तो बहुत जगह कर सकते थे। दिलीप घोष ने कहा है कि अब जो होना है वह 4 मई के बाद शुरू होगा।

 

पहले चरण में बंगाल की 152 सीटों पर 93 पर्सेंट से ज्यादा वोटिंग हुई है। बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों ही इसे अपने पक्ष में बता रही हैं। अब दूसरे चरण में 29 अप्रैल को 142 विधानसभा सीटों पर वोटिंग है। माना जा रहा है कि दूसरे चरण की सीटों यानी दक्षिण बंगाल की सीटों पर TMC की स्थिति ज्यादा मजबूत है क्योंकि इस क्षेत्र में टीएमसी ही चुनाव जीतती आ रही है।

 

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क्या बोले दिलीप घोष?

TMC की सांसद मिताली बाग की कार पर हुए हमले के बारे में सवाल पूछने पर दिलीप घोष ने कहा है, 'ममता बनर्जी का अंतिम गढ़ है भवानीपुर और उसी को जीतने के लिए भरसक प्रयास हो रहा है लेकिन कुछ होगा नहीं। डराओ, धमकाओ और मारपीट करो इससे अब कुछ नहीं होने वाला है। जनता अब बदलाव चाहती है। ये सब सिंपैथी क्रिएट करने के लिए खुद करा रहे हैं। अगर हमला करना होता तो हम बहुत जगह कर सकते थे। हम नहीं चाहते कि हमला हो। लोग निकलकर वोट डालें, उसी से परिवर्तन हो जाएगा।'

दिलीप घोष ने आगे कहा, 'हमने तो अभी कुछ नहीं शुरू किया है, जो करना है 4 मई के बाद करेंगे। जो अभी तक चल रहा था वह 4 मई को खत्म हो जाएगा। इस बार किसी की हिम्मत हुई कहीं बवाल करने की? भूल जाइए वह कल्चर। जनता भी नहीं चाहती है। ये सब करने वाले अंदर हैं नहीं तो अंदर हो जाएंगे। जैसा कि जहांगीर के घर के सामने ऑफिसर बोल रहे थे, इसी भाषा में बोला जाएगा। 4 तारीख के बाद तो खाली मुंह नहीं चलेगा, कुछ और भी चलेगा। बैरकपुर इलाके में रोज गोली-बंदूक और बम चलता है लेकिन चुनाव के दिन कोई आवाज नहीं आएगी। आवाज आएगी तो लाठी की आवाज आएगी।'

 

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आखिरी दिन क्या-क्या हुआ?

चुनाव प्रचार के आखिरी वक्त में देखा गया कि नॉर्थ परगना में पुलिस स्टेशन के सामने ही टीएमसी और बीजेपी के कार्यकर्ता भिड़ गए और जमकर मारपीट हुई। इसी केस में बीजेपी विधायक पवन कुमार सिंह ने आरोप लगाए हैं कि उनके घर पर गोलीबारी की गई और इस गोलीबारी में CISF के एक जवान को गोली भी मारी गई है। उधर टीएमसी की सांसद मिताली बाग की कार पर हमला हुआ जिसे लेकर अभिषेक बनर्जी ने कहा है कि बीजेपी ने ऐसा करके खेल शुरू किया है, जिसे टीएमसी 4 मई को खत्म करेगी।

 

वहीं, प्रचार के आखिरी दिन अपनी रैली के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अब टीएमसी का जाना तय है और बीजेपी की सरकार बनेगी। उन्होंने अपनी आखिरी रैली में कहा कि अब वह पश्चिम बंगाल से जा रहे हैं और बीजेपी की सरकार के शपथ ग्रहण के लिए ही बंगाल आएंगे। चुनाव प्रचार के आखिरी वक्त में पीएम मोदी ने बांग्ला भाषा में एक चिट्ठी भी लिखी और लोगों से अपील की है कि वे बीजेपी को मौका दें।

 

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साइलेंट पीरियड में क्या होता है?

बता दें कि चुनाव प्रचार खत्म होने के बाद जब तक साइलेंड पीरियड लागू रहता है तब तक ना तो चुनाव प्रचार किया जा सकता है और ना ही किसी तरह का कोई सर्वे, प्री पोल या एग्जिट पोल दिखाया जा सकता है। नियमों के मुताबिक, मतदाताओं को प्रभावित करने वाली किसी भी तरह की चुनाव सामग्री का भी इस्तेमाल राजनीतिक दलों की ओर से नहीं किया जा सकता है। अगर कोई इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाती है।


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