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तमिलनाडु के नए 'MGR' हैं थलापति विजय? पलानीस्वामी ने गिनाई न होने की वजहें

तमिलनाडु की राजनीति में एमजी रामचन्द्रन फिल्म जगत से आए थे और राज्य के मुखिया की कुर्सी हासिल की थी। विजय भी फिल्म जगत से आते हैं।

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तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष विजय। Photo Credit: PTI

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ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कझगम (AIADMK) के प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री ईके पलानीस्वामी ने अभिनेता से नेता बने विजय की तुलना पार्टी के संस्थापक एमजी रामचंद्रन (MGR) से न करने की अपील की है। पलानीस्वामी ने शुक्रवार को एक चुनावी रैली में कहा कि एमजी रामचंद्रन उनके लिए भगवान हैं। 

तमिलनाडु की राजनीति में फिल्मी सितारों को बड़े मौके मिलते रहे हैं। एमजी रामचंद्रन से लेकर करुणानिधि तक, फिल्म जगत से आए लोगों की सियासी पारी हिट रही है। एमजी रामचंद्रन, उन लोगों में शामिल थे, जो जब राजनीति में आए तो अपनी पूरी संपत्ति जनता के नाम कर गए। द्रविड़ राजनीति के सबसे बड़े सितारों में से एक MGR से सुपरस्टार विजय की भी तुलना होती है। 

यह भी पढ़ें: BJP ने सारे जतन किए, फिर हाथ क्यों नहीं आ रहे थलापति विजय?

विजय और MGR की तुलना पर क्यों भड़के पलानीस्वामी?

ईके पलानीस्वामी खुद को एमजीआर और जे जयललिता की राजनीतिक पाठशाला का छात्र बताते हैं। वह एमजीआर को भगवान बताते हैं और विजय की तुलना से उनसे करने पर भड़क जाते हैं। 

ईके पलानीस्वामी, महासचिव, AIADMK:-
एमजी रामचंद्रन की तुलना विजय से मत कीजिए। MGR ने फिल्मों से जो पैसा कमाया, वह सब लोगों की सेवा में लगा दिया। उन्होंने अपना सारा जीवन जनता के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। अपनी सारी संपत्ति उन्होंने मूक-बधिरों के आश्रम को दान कर दी। वह महान थे। क्या विजय भी ऐसे हैं?

ईके पलानीस्वामी ने कहा, 'जहां तक मेरा या AIADMK का सवाल है, लोकतंत्र में कोई भी राजनीति में आ सकता है। यह उसका अधिकार है लेकिन राजनीति में आने के बाद उसे अपने ऊपर भरोसा करने वाले लोगों को निराश नहीं करना चाहिए, बल्कि उनकी समस्याओं का सामना करना चाहिए।'


ईके पलानीस्वामी, महासचिव, AIADMK:-
हम MGR और जयललिता की राजनीतिक पाठशाला के विद्यार्थी हैं। गरिमा और अनुशासन बहुत जरूरी हैं। हमारी प्राथमिकता जनता का कल्याण है। 

मुख्यमंत्री के तौर पर खुद को कैसे याद रखते हैं पलानीस्वामी?

ई पलानीस्वामी ने कहा, 'मुख्यमंत्री पद संभालने के दिन से लेकर अपने कार्यकाल के अंत तक मैंने अनेक चुनौतियों का सामना किया। मुझे सूखा, चक्रवात, बाढ़ और महामारी जैसी समस्याओं से निपटना पड़ा, जब लोग अपने घरों से बाहर तक नहीं निकल सकते थे। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में मैंने लोगों को कठिनाई में डाले बिना अच्छा शासन दिया।'

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क्यों MGR और विजय की तुलना होती है?

तमिलनाडु में MGR और विजय थलापति की तुलना इसलिए होती है क्योंकि दोनों फिल्म जगत से थे लेकिन सक्रिय राजनीति में उतरे। MGR ने फिल्मों में गरीबों का हीरो बनकर AIADMK बनाई और मुख्यमंत्री बने। विजय भी मास अपील, फैन फॉलोइंग और जनसेवा वाली छवि के साथ TVK पार्टी लॉन्च कर 2026 चुनाव लड़ रहे हैं। दोनों ने सिनेमा को राजनीतिक हथियार बनाया, गरीब-किसान फोकस किया। दोनों को उनके प्रशंसक, अन्ना बुलाते हैं। वह MGR की सफलता को दोहराने चाहते हैं। वह नई तमिल राष्ट्रवादी राजनीति पर जोर दे रहे हैं।


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