तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चिट्ठी लिखकर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान से बंगाल में लाखों सही वोटर्स के वोट कटने का खतरा पैदा हो गया है।
ममता बनर्जी ने तीन पेज की अपनी चिट्ठी में लिखा कि चुनाव आयोग के कामकाज से लोगों के लोकतांत्रिक और मौलिक अधिकारों पर हमला हो रहा है। उन्होंने बीजेपी पर वोटर हाइजैकिंग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी के एजेंड फर्जी फॉर्म भरकर तमाम गैर-बंगाली और बाहर के लोगों को वोटर लिस्ट में डालने की कोशिश कर रहे हैं।
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हाइजैकिंग का आरोप
उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा, 'बीजेपी के एजेंट पकड़े गए हैं। वे पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के दफ्तर में हजारों फर्जी फॉर्म-6 भरकर गैर-बंगाली और बाहर के लोगों को वोटर लिस्ट में डालने की कोशिश कर रहे हैं। यह वोटर हाइजैकिंग की साजिश है। बीजेपी ने महाराष्ट्र और दिल्ली में भी यही गंदा खेल खेला था।'
SIR प्रक्रिया पर उठाए सवाल
ममता ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया में बहुत बड़ी खामियां हैं। उन्होंने कहा, '60 लाख से ज्यादा सही वोटर्स की अभी भी जांच हो रही है और इस प्रक्रिया में 200 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद चुनाव आयोग बंद कमरों में फर्जी आवेदनों को जल्दी-जल्दी स्वीकार कर रहा है।'
ममता बनर्जी ने अपनी चिट्ठी में कहा कि SIR प्रक्रिया से लाखों लोगों को परेशानी हो रही है और कई लोग वोटर लिस्ट से बाहर होने के कगार पर हैं। उन्होंने कहा कि बीजेपी और चुनाव आयोग मिलकर बंगाल के लोगों के मताधिकार में दखलंदाजी कर रहे हैं।
SC के आदेशों का दिया हवाला
उन्होंने आगे लिखा, 'यह न सिर्फ गैरकानूनी है बल्कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के खिलाफ भी है। यह बंगाल में निष्पक्ष चुनाव पर सीधा हमला है।' ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से अपील की कि वह निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव सुनिश्चित करे और संविधान के सिद्धांतों की रक्षा करे।
उन्होंने कहा, 'चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान का फैसला लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रहा है। यह उस स्तर का नहीं है जो एक संवैधानिक संस्था से उम्मीद की जाती है।'
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अप्रैल में है चुनाव
ममता ने चेतावनी देते हुए कहा, 'बंगाल अपने लोकतंत्र को चोरी होते नहीं देखेगा। बंगाल के लोग सब कुछ देख रहे हैं।' बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा की 294 सीटों पर चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को और दूसरे चरण का 29 अप्रैल को होगा। वोटों की गिनती 4 मई को की जाएगी।