logo

मूड

उत्तर परगना 24 जिला: 33 विधानसभाएं, TMC मजबूत, BJP का क्या होगा?

उत्तर परगना 24, पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा जिला है। यहां 33 विधानसभाएं हैं। तृणमूल कांग्रेस यहां सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में है।

North 24 Pargana

उत्तर 24 परगना। Photo Credit: Khabargaon

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर 24 परगना, पश्चिम बंगाल का सबसे बड़ा जिला है। यह राज्य का सबसे अधिक जनसंख्या वाला जिला है। साल 2011 की जनगणना में इस जिले को सबसे ज्यादा आबादी वाला जिला भी कहा गया। जिले का मुख्यालय, बारासत में है। उत्तर परगना 24, एक जमाने में ग्रेटर 24 परगना का हिस्सा था।

मुगल काल में सतगांव यह प्रशासन के अधीन था। बाद में मुर्शिद कुली खान के समय में हुगली चकला में शामिल हो गया। 1757 में प्लासी की लड़ाई के बाद नवाब मीर जाफर ने 24 परगना और जंगली महलों की जमींदारी ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी को सौंपी। तब से यह इलाका '24 परगना' के नाम से जाना जाता है।  

यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल: उम्मीदवार हैं, दावेदारी है, लेकिन कांग्रेस के दिग्गज गुम हैं

इतिहास क्या है? 

साल 1751 में कंपनी ने जॉन जेफेनिया होलवेल को जिले का जमींदार नियुक्त किया। 1759 में क्लाइव को व्यक्तिगत जागीर के रूप में इसे दिया गया। साल 1793 में लॉर्ड कॉर्नवालिस के समय पूरे सुंदरबन 24 परगना में शामिल थे। 1802 में हुगली के पश्चिमी तट पर कुछ परगने शामिल किए गए। 1814 में अलग कलेक्टरेट बना। समय-समय पर क्षेत्र में बदलाव होते रहे। 1905 में सुंदरबन के कुछ हिस्से खुलना और बरिसाल से जुड़े। 1947 के विभाजन के बाद बांगांव जेसोर से उत्तर 24 परगना में शामिल हुआ। 

परगना का बंटवारा कैसे हुआ?

साल 1980 में डॉ. अशोक मित्रा समिति की सिफारिश पर 1 मार्च 1986 को उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना दो अलग जिले बने। उत्तर 24 परगना में बारासत सदर, बैरकपुर, बसिरहाट, बांगांव और बिधाननगर उप-मंडल शामिल हैं। 1 अगस्त 2022 को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बनगांव उप-मंडल से इचामती जिला और बसीरहाट उप-मंडल से एक नया जिला बनाने की घोषणा की, लेकिन यह योजना, अभी योजना ही रही। 

यह भी पढ़ें: 'सुरक्षा घटाइए कि चीफ जस्टिस जैसे आम लोग बात कर सकें', SC ने WB के CS को फटकारा

एक नजर, जिले पर

उत्तर परगना 24 में कुल 5 लोकसभाएं हैं। यहां 33 विधानसभाएं हैं। उत्तर 24 परगना के उत्तर में नदिया जिला है, उत्तर और पूर्वी दिला में बांग्लादेश है। दक्षिण में कोलकाता और दक्षिण 24 परगना है। दूसरी शताब्दी के भूगोलशास्त्री टॉलेमी बताते हैं कि यहां पहले 'गंगारिधि' नाम का एक विशाल साम्राज्य था। 

देगंगा थाने के बेराचम्पा गांव में हुई खुदाई से पता चला है कि यहां गुप्त संस्कृति का अरसे तक प्रभाव रहा। चीनी यात्री ह्वेन सांग ने भी इस क्षेत्र की यात्रा की थी। पहले यहां कई बौद्ध विहार भी थे। उत्तर परगना 24 में कृषि, मत्स्य पालन आजीविका का अहम साधन है। दक्षिणी हिस्से में गरीबी सबसे ज्यादा है। अब यहां दक्षिणेश्वर काली मंदिर है, जो बेहद प्रसिद्ध है। 

2021 का चुनाव कैसा था?

2021 के चुनाव में 33 विधानसभाओं में से सिर्फ 4 सीटों पर बीजेपी को कामयाबी मिली। 29 विधानसभा सीटों पर तृमणूल कांग्रेस के विधायक हैं। 

33 सीटों के विधायक कौन हैं? एक नजर

  • बगदा (SC), माधुपर्णा ठाकुर
  • बनगांव उत्तर (SC), अशोक कीर्तनिया
  • बनगांव दक्षिण (SC), स्वपन मजूमदार
  • गाईघाटा (SC), सुब्रत ठाकुर
  • स्वरूपनगर (SC), बिना मंडल
  • बादुरिया, अब्दुर रहीम काजी
  • हावड़ा, ज्योतिप्रिय मल्लिक
  • अशोकनगर, नारायण गोस्वामी
  • अमदंगा, रफीकुर रहमान
  • बिजपुर, सुबोध अधिकारी
  • नैहाटी, संत देय
  • भाटपाड़ा, पवन सिंह
  • जगद्दल, सोमनाथ श्याम इचिनी
  • नोआपाड़ा, मंजू बसु
  • बैरकपुर, राज चक्रवर्ती
  • खड़दहा, सोवनदेब चट्टोपाध्याय
  • दमदम उत्तर, चंद्रिमा भट्टाचार्य
  • पानीहाटी, निर्मल घोष
  • कामारहाटी, मदन मित्रा
  • बरानगर, सायंतिका बनर्जी
  • दम दम, ब्रत्य बसु
  • राजारहाट न्यू टाउन, तपश चटर्जी
  • बिधाननगर, सुजीत बोस
  • राजारहाट गोपालपुर, अदिति मुंशी
  • मध्यमग्राम, रथीन घोष
  • बरासत, चिरंजीत चक्रवर्ती
  • डेगंगा, रहीमा मंडल
  • हरोआ, हाजी नूरुल इस्लाम
  • मीनाखां (SC), उषा रानी मंडल
  • संदेशखाली (ST), सुकुमार महता्
  • बसिरहाट दक्षिण, सप्तर्षि बनर्जी
  • बसिरहाट उत्तर, रफीकुल इस्लाम मंडल  

विधानसभाओं पर एक नजर

बगदा विधानसभा क्षेत्र पारंपरिक रूप से कांग्रेस और ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक का गढ़ रहा है। यहां मतुआ समुदाय का बड़ा प्रभाव है। साल 1977 से 2001 तक यहां फॉरवर्ड ब्लॉक का दबदबा रहा। हालांकि 2016 के चुनावों में यहां तृणमूल कांग्रेस ने जीत दर्ज की। 2021 के मुख्य चुनाव में बीजेपी के बिस्वजीत दास जीते थे, लेकिन उपचुनाव में माधुपर्णा ठाकुर को जीत मिली।

बनगांव उत्तर और दक्षिण: ये दोनों सीटें मतुआ बहुल क्षेत्र हैं। राजनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती हैं। बनगांव उत्तर में TMC मजबूत थी लेकिन साल 2021 के चुनाव में अशोक कीर्तनिया बीजेपी के टिकट पर जीते। बनगांव दक्षिण में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदले हैं। साल 2021 में स्वपन मजूमदार यहां से विधायक चुने गए।

हावड़ा विधानसभा: 1951 से लेकर 1996 तक, यह सीट कांग्रेस और लेफ्ट का गढ़ रही। 2001 के बाद यहां टीमसी मजबूत हुई। 2006 को छोड़कर, जितने भी विधानसभा चुनाव हुए, सबमें टीमसी विजयी रही। यहां ज्योतिप्रिया मल्लिक विधायक हैं। वह टीएमसी से हैं। 

कमरहाटी: यह सीट उत्तर 24 परगना की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। यहां से मदन मित्रा विधायक हैं। वह TMC के चर्चित नेता हैं। साल 1977 से 2006 तक यहां लगातार CPM का कब्जा रहा था। 2011 की 'परिवर्तन' लहर में मदन मित्रा ने पहली बार यहां TMC का झंडा फहराया। हालांकि 2016 में वे मानस मुखर्जी से हार गए थे, लेकिन 2021 में उन्होंने दोबारा शानदार वापसी की।

बैरकपुर औद्योगिक क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण सीट है। यहां हिंदी भाषी मतदाताओं की संख्या काफी अधिक है। साल 2011 और 2016 में यहां से शीलभद्र दत्त ने जीत हासिल की थी। 2021 के चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने फिल्म निर्देशक राज चक्रवर्तीपर दांव खेला और उन्होंने जीत हासिल कर इस सीट को पार्टी के पास बरकरार रखा।

दमदम: यहां से राज्य के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु, तृणमूल कांग्रेस से विधायक हैं। वह 2011 से लगातार यहां जीतते आ रहे हैं। उनसे पहले यह सीट दशकों तक वामपंथियों के पास थी।

बिधाननगर: साल्ट लेक क्षेत्र की इस हाई-प्रोफाइल सीट से TMC के सुजीत बोस विधायक हैं। 2011 में इस सीट के गठन के बाद से ही सुजीत बोस यहां का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। वह मंत्री भी हैं। 

यह भी पढ़ें: 49 साल से सरकार नहीं, बीजेपी की तरह कांग्रेस के लिए भी मुश्किल है बंगाल?

जिले की स्थिति

क्षेत्रफल: 4094 वर्ग किलोमीटर
साक्षरता दर: लगभग 84% 
विधानसभा सीटें: 33
लोकसभा सीटें: 5  
नगर पालिकाएं: 27
ब्लॉक पंचायत: 22
ग्राम पंचायत: 214
गांव: 1599  
विधानसभा सीटें: 33
TMC: 28
BJP:  5


और पढ़ें