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सबरीमला वाले पथनमथिट्टा में BJP के पांव जमेंगे या लेफ्ट का दबदबा कायम रहेगा?

केरल का पथनमथिट्टा जिला ऐसा है जहां सबरीमला मंदिर स्थित है और इसी जिले में बीजेपी भी अपना खूब पसीना बहा रही है। पिछले चुनाव में यहां की सभी सीटों पर लेफ्ट को जीत मिली थी।

pathanamthitta district of kerala

अलप्पुझा जिला, Photo Credit: Khabargaon

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दक्षिण केरल में आने वाला यह जिला अलप्पुझा के पूर्व में है और तमिनलाडु की सीमा से सटा हुआ है। इसकी सीमाएं कोट्टायम, इडुक्की और कोल्लम से भी लगी हुई हैं। मशहूर, चर्चित और खूब विवादों में रहने वाला सबरीमला मंदिर इसी जिले में स्थिति है। इसी के चलते इसे केरल की तीर्थ कैपिटल कहा जाता है। अपने हरे-भरे जंगलों, वास्तु विद्या गुरुकल और कई चर्च के लिए मशहूर यह जिला इस चुनाव में सबकी नजरों में रहने वाला है।

 

लेफ्ट के दबदबे वाले इस जिले में ही बीजेपी अपने पांव जमाने में लगी हुई है। बीजेपी की कोशिश है कि लेफ्ट को हराकर कांग्रेस यहां वापसी करे उससे पहले बीजेपी अपनी जगह बना ले। यही वजह है कि भगवान अय्यप्पा की धरती के रूप में विख्यात यह जिला पिछले कुछ सालों में राजनीतिक रूप से बेहद चर्चा में रहा है।

 

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2011 की जनगणना के मुताबिक,  57 प्रतिशत हिंदू, 38 प्रतिशत ईसाई और लगभग 5 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाला यह जिला ऐसे जिलों में शामिल है जहां की आबादी की बढ़ोतरी की रफ्तार नकारात्मक रही है। धान, सब्जियों, फलों और मसालों की खेती के लिए मशहूर यह जिला रबर की खेती के लिए भी जाना जाता है। हमेशा हरा-भरा दिखने वाले इस जिले में वन क्षेत्र कुल क्षेत्रफल के 50 प्रतिशत के बराबर है यानी जितना बड़ा जिला है, उसके आधे में तो जंगल ही है। यही वजह है कि यह जिला टिंबर के लिए भी जाना जाता है।

2021 में क्या हुआ था?

साल 2021 का विधानसभा इस जिले में UDF के लिए बुरा साबित हुआ था। कई सीटों पर अच्छी टक्कर देने के बावजूद UDF को पथनमथिट्टा जिले में एक भी सीट पर जीत नहीं मिल पाई थी। लेफ्ट के लिए यह जिला फायदेमंद रहा था और उसकी दिग्गज नेता वीणा जॉर्ज एक बार फिर से इसी जिले से चुनाव जीतने में कामयाब हुई थीं। बीजेपी को भी इस जिले की कुछ सीटों पर अच्छे वोट मिले थे और उसने यहां खूब पसीना भी बहाया है। यही वजह है कि कुछ सीटों पर इस बार भी त्रिकोणीय मुकाबले देखने को मिल सकते हैं।

 

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विधानसभा सीटों का इतिहास

तिरुवल्ला- यह विधानसभा सीट पथनमथिट्टा जिले और इसी लोकसभा क्षेत्र में है। जनता दल (सेक्युलर) के नेता रहे मैथ्यू टी थॉमस लगातार चार बार से यहां के विधायक हैं और इस बार इंडियन सोशलिस्ट जनता दल (ISJD) के टिकट पर मैदान में हैं। उनका मुकाबला केरल कांग्रेस (जोसेफ) के वर्गीस मम्मन से होना है। वहीं बीजेपी ने अनूप एंटनी को यहां से उतारा है। पिछले चुनाव में भी बीजेपी को अच्छे-खासे वोट मिले थे।

 

रन्नी- लंबे समय से यह सीट लेफ्ट गठबंधन के ही कब्जे में है। लगातार पांच चुनाव के जीतने वाले राजू अब्राहम की जगह पर लेफ्ट ने केरल कांग्रेस (M) के प्रमोद नारायण को यहां से उथारा और वह भी जीत हासिल करने में कामयाब रहे। पिछले दो-तीन चुनाव से मामूली अंतर से हारती आ रही कांग्रेस ने एक बार फिर अपना उम्मीदवार बदला और इस बार प्रमोद नारायण के सामने पी मधु को मौका दिया है। एनडीए की ओर से यहां 20-20 पार्टी के टी के सैमुएल मैदान में हैं। 

 

अरनमुला- लेफ्ट और कांग्रेस के मुकाबले वाली इस सीट पर पिछले दो चुनाव से लेफ्ट की वीणा जॉर्ज चुनाव जीत रही हैं। केरल की मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज इस बार भी यहां से चुनाव लड़ रही हैं। कांग्रेस ने पिछली बार चुनाव हारने वाले के शिवदासन नायर की जगह पर ए वी कोडियाट्टू को उतारा है। वहीं बीजेपी ने संघ से जुड़े रहे नेता और मिजोरम के राज्यपाल रहे के राजशेखरन को टिकट दिया है।

 

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अडूर- अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित इस विधानसभा क्षेत्र में लगातार चार बार कांग्रेस के जीतने के बाद लगातार तीन बार से लेफ्ट को जीत मिल रही है। लगातार तीन चुनाव जीत चुके सी गोपकुमार की जगह लेफ्ट ने इस बार पी कन्नन को मैदान में उतारा है। वहीं, कांग्रेस ने उम्मीदवार बदलते हुए सी पी शांताकुमार को मौका दिया है। बीजेपी ने एक बार फिर से एडवोकेट पी प्रतापन को टिकट दिया है।

 

कोन्नी- केरल की सत्ता में आने के साथ ही लेफ्ट ने कोन्नी विधानसभा क्षेत्र से भी कांग्रेस को बाहर कर दिया है। यहां से कांग्रेस के टिकट पर लगातार पांच चुनाव जीत चुके अडूर प्रकाश जब 2019 में लोकसभा के सांसद बन गए तब से यह सीट भी कांग्रेस के हाथ से निकल गई। 2019 के उपचुनाव में कांग्रेस ने पी मोहनराज को टिकट दिया लेकिन लेफ्ट के के यू जेनिश कुमार उन पर भारी पड़े। इस सीट पर केरल बीजेपी के बड़े नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्र भी दो बार चुनाव लड़ चुके हैं और हर बार 30 हजार से ज्यादा वोट ला चुके हैं। इस बार लेफ्ट ने फिर से के यू जेनिश कुमार को ही मौका दिया है लेकिन कांग्रेस ने इस बार प्रोफेसर सतीश कोचुपरमबिल को मौका दिया है। वहीं, भारत धर्म जन सेना ने टी पी सुंदर्शन को मौका दिया है।

 

जिले की स्थिति


क्षेत्रफल- 2642 वर्ग किलोमीटर
साक्षरता दर-95%
नगर पालिका-4
तालुका-6
पंचायत-53


जिला- पथनमथिट्टा
विधानसभा सीटें- 5
LDF-5
UDF-0


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