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पुरुलिया: बीजेपी के दबदबे वाले इस जिले में टीएमसी की अग्निपरीक्षा

पुरुलिया जिले में तृणमूल कांग्रेस की अग्निपरीक्षा है। पिछले विधानसभा चुनाव में यहां बीजेपी की पकड़ उससे अधिक मजबूत रही है। अबकी बार देखना है कि टीएमसी कोई तोड़ निकाल पाती है या नहीं।

Purulia District

पुरुलिया जिला। (Photo Credit: Khabargaon)

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पश्चिम बंगाल का पुरुलिया जिला कसई नदी के ठीक उत्तर में बसा है। यहां सातवीं शताब्दी के कई जैन मंदिर के अवशेष आज भी मौजूद हैं। पुरुलिया का छऊ लोकप्रिय लोक नृत्य विश्व प्रसिद्ध है। पद्मश्री दिवंगत गंभीर सिंह मुरा इस नृत्य की दिग्गज हस्ती थे। उन्हें अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त थी। जिले के चरिदा गांव में करीब 250 कारीगर मुखौटे तैयार करते हैं। इनका इस्तेमाल मार्शल डांस 'छऊ' में किया जाता है। इसे जीआई टैग भी मिला है।

 

पुरुलिया में 1940 से 1950 तक भाषा आंदोलन भी चला। जिले में अधिकांश छोटे और सीमांत किसान हैं। वहीं कृषि योग्य जमीन का 60 फीसद हिस्सा पर्वतीय है। अधिकांश हिस्से में एक फसलीय खेती होती है। करीब 15 फीसद हिस्से में बहुफसली खेती होती है। धान जिले की प्रमुख फसल है। करीब 83 फीसद हिस्से में धान पैदा होता है।

 

पुरुलिया जिले में ही कालीपूजा के बाद बंधना परब मनाया जाता है। यह त्योहार कुर्मी, भूमिज, कोर्हा और लोढ़ा समुदाय में बेहद लोकप्रिय है। इसके अलावा संथाल और मुंडा समुदाय 'सोहराय' के नाम से इसे मनाते हैं। पुरुलिया शहर से करीब 60 किमी दूर नेतुरिया ब्लॉक में गढ़ पंचकोट के नाम से एक प्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल है। 1600वीं शताब्दी के पंचकोट के राजाओं के किले आज भी खंडहर के रूप में मौजूद हैं। जिले में अयोध्या हिल्स नाम से एक पहाड़ी इलाका है। यह पर्यटकों में बेहद लोकप्रिय है।

 

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जातीय समीकरण

2011 की जनगणना के मुताबिक जिले की कुल जनसंख्या 29.30 लाख है। जातीय समीकरण की बात करें तो यहां 19.38 फीसद अनुसूचित जनजाति और 18.45 फीसद अनुसूचित जाति की आबादी है। पुरुलिया की लगभग 12.74 प्रतिशत आबादी शहरी इलाकों में रहती है। वहीं 87.26 फीसद आबादी गांवों में बसती है।

एक नजर में पुरुलिया जिला

पुरुलिया जिले में कुल चार तहसीलें हैं। 3 नगर पालिकाओं समेत कुल 20 ब्लॉक हैं। 26 थानों के माध्यम से कानून-व्यवस्था पर नजर रखी जाती है। जिले में प्रति वर्ग किमी 468 लोग रहते हैं। यहां की अधिकांश आबादी बंगाली, कुरमाली और संताली भाषा बोलती है। आद्रा-रघुनाथपुर, बलरामपुर और झाल्दा जिले के प्रमुख कस्बे हैं। पुरुलिया शहर में जिला मुख्यालय है।

 

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भौगोलिक ताना बाना

यह पश्चिम बंगाल का सबसे पश्चिमी जिला है। जिले के पश्चिम में झारखंड के रांची और बोकारो शहर पड़ते हैं। उत्तर और उत्तर पश्चिम सीमा धनबाद और हजारीबाग से लगती है। दक्षिण में सिंहभूम और पूर्व में बांकुड़ा जिला स्थित है। जिले का पूर्वी भाग बेहद उपजाऊ है, क्योंकि यहां जलोढ़ मिट्टी मिलती है। 

 

पुरुलिया जिले की विधानसभा सीटें
पुरुलिया सुदीप कुमार मुखर्जी  बीजेपी
बंदवान (ST) राजीब लोचन सरेन    टीएमसी
बलरामपुर बानेश्वर महतो बीजेपी
बाघमुंडी सुशांत महतो टीएमसी
जॉयपुर नरहरि महतो  बीजेपी
मानबाजार संध्यारानी टुडू  टीएमसी
काशीपुर कमलाकांत हांसदा टीएमसी
पारा (SC) नादियार चंद बाउरी बीजेपी
रघुनाथपुर (SC) विवेकानंद बाउरी बीजेपी

 

जिले की स्थिति

  • क्षेत्रफल: 6,259 वर्ग किमी
  • जनसंख्या: 29,30,115
  • साक्षरता दर: 64.48 %
  • लिंगानुपात:  957
  • विधानसभा सीटें: 9
  • नगर पालिका: 3
  • ब्लॉक: 20
  • गांव: 2667


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