तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने शनिवार को विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी कर दी। इस सूची में कुल 164 सीटों के उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। तमिलनाडु विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं।
सूची में सबसे ज्यादा ध्यान दो नेताओं पर गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और हाल ही में डीएमके में शामिल हुए ओ. पन्नीरसेल्वम को बोदिनायकनूर सीट से टिकट दिया गया है। वहीं, पूर्व मंत्री एस. सेंथिल बालाजी को कोयंबटूर साउथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है।
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उदयनिधि को भी मिला टिकट
मुख्यमंत्री एमके स्टालिन खुद कोलाथुर सीट से फिर चुनाव लड़ेंगे। उनके बेटे और उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को चेपॉक-त्रिप्लिकेन सीट से टिकट मिला है। पार्टी ने अपने ज्यादातर मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं की सीट को बरकरार रखा है।
सूची में शामिल प्रमुख मंत्री दुरई मुरुगन, के.एन. नेहरू, अंबिल महेश पोय्यमोझी, थंगम थेन्नारासु, एमए. सुब्रमण्यम, ई.वी. वेलु हैं। इन सभी को अपनी-अपनी सीटों से फिर से टिकट दिया गया है।
गठबंधन सहयोगियों का बंटवारा
डीएमके ने गठबंधन सहयोगियों के साथ सीटों का बंटवारा भी तय कर लिया है। कांग्रेस को 28 सीटें, डीएमडीके को 10 सीटें, वीसीके को 8 सीटें, जबकि सीपीआई और सीपीएम को 5-5 सीटें मिली हैं। बाकी सीटों पर डीएमके अपने उम्मीदवार उतारेगी।
हाल ही में एआईएडीएमके से निष्कासित होकर डीएमके में शामिल हुए ओ. पन्नीरसेल्वम के साथ उनके दो सहयोगियों पॉल मनोज पांडियन और आर. वैथिलिंगम को भी पार्टी ने टिकट दे दिया है। यह फैसला डीएमके की रणनीति को मजबूत करने की दिशा में माना जा रहा है।
जल्द होने हैं चुनाव
डीएमके प्रमुख एमके स्टालिन ने कहा कि पार्टी पूरे जोर-शोर से चुनाव लड़ने के लिए तैयार है। उन्होंने उम्मीदवारों से अपील की कि वे जनता के बीच जाकर काम करें और लोगों की समस्याओं का समाधान करें।
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यह पहली सूची है। पार्टी जल्द ही बाकी सीटों के लिए भी उम्मीदवारों की घोषणा करेगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि डीएमके अपनी सत्ता बचाने के लिए पुराने चेहरों पर भरोसा जताते हुए नए गठबंधन की ताकत का भी इस्तेमाल कर रही है।