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'दीदी ओ दीदी' के बाद 'ऐ दीदी', पहले PM मोदी और अब शाह ने बढ़ाया सियासी पारा

बंगाल चुनाव के पहले चरण का प्रचार खत्म होने से पहले अमित शाह ने ममता बनर्जी पर तंज कसते हुए उन्हें 'ऐ दीदी' कहा। TMC ने इसे 2021 में PM मोदी के 'दीदी ओ दीदी' बयान से जोड़ा है।

TMC attacks on Amit Shah statement

अमित शाह। (Photo Credit: PTI)

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के मतदान से ठीक पहले सियासी पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। चुनावी शोर थमने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक तंज ने राज्य की राजनीति में 'ऐ दीदी' शब्द ने सियासी पारा बढ़ा दिया है। गृह मंत्री के इस बयान पर तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे बंगाल की महिलाओं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की गरिमा पर सीधा हमला बताया है।

 

पश्चिम मेदिनीपुर में आयोजित अपनी अंतिम चुनावी रैली में अमित शाह ने आक्रामक रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री पर निशाना साधा। उन्होंने हिंदी में कहा, 'ऐ दीदी, आंख और कान खोल के सुन लो, इस बार जनता आपको सत्ता से बाहर करने वाली है।' शाह ने आगे जोड़ते हुए कहा, 'टा-टा, बाय-बाय दीदी, आपका समय समाप्त हुआ।'

 

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TMC ने अमित शाह के 'ऐ दीदी' वाले तंज को 2021 के चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस्तेमाल किए गए 'दीदी ओ दीदी' के नारे का दूसरा हिस्सा करार दिया है। TMC सांसद सागरिका घोष और मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इसे महिला विरोधी व्यवहार बताते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के शीर्ष नेता जानबूझकर ममता बनर्जी का अपमान करने के लिए ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। पार्टी का मानना है कि पिछली बार की तरह इस बार भी भाजपा की यह शब्दावली उन पर उल्टी पड़ेगी।

ममता बनर्जी के सम्मान का उठाया मुद्दा

TMC ने BJP के 'नारी शक्ति' के नारे को खोखला बताते हुए इसे 'नारा शक्ति' करार दिया है। पार्टी नेताओं ने तर्क दिया कि एक तरफ BJP संसद में महिलाओं के सम्मान की बात करती है, वहीं दूसरी ओर 7 बार की सांसद और तीन बार की मुख्यमंत्री के लिए ऐसी 'अशोभनीय' भाषा का इस्तेमाल करती है। मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने एक वीडियो संदेश में कहा, 'अमित शाह को बंगाल के संस्कार और महिलाओं का सम्मान करना सीखना चाहिए। बंगाल की महिलाएं लोकतंत्र की ताकत से इस अपमान का करारा जवाब देंगी।'

 

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गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होना है। शाह ने कहा कि 4 मई को नतीजे आएंगे और 5 मई को BJP की सरकार बनते ही अपराधियों को पाताल से भी ढूंढ निकाला जाएगा। फिलहाल, 'दीदी' शब्द पर छिड़ी इस जुबानी जंग ने मतदाताओं के बीच ध्रुवीकरण और तीखी बहस को जन्म दे दिया है।


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