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एक ही नाम की दो फिल्में, पहली ने फ्लॉप होकर भी जीते 3 नेशनल अवॉर्ड, दूसरी थी हिट

बॉलीवुड में एक ही नाम की कई फिल्में बनी हैं। ये लिस्ट बहुत लंबी है। हम आपको एक ही नाम की उन दो फिल्मों के बारे में बता रहे हैं जो एक-दूसरे से बिल्कुल अलग थी।

shashi kapoor and rahul roy

शशि कपूर और राहुल रॉय, Photo Credit: Social Media

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हिंदी सिनेमा में ऐक्शन, रोमांस, हॉरर से लेकर थ्रिलर जोनर की अलग-अलग फिल्में रिलीज होती है। खासतौर से 70, 80 और 90 के दशक में एक ही नाम की फिल्में रिलीज होती थी। हालांकि इन फिल्मों की कहानी, कास्टिंग, गाना सब अलग होता था। ये सभी फिल्में अलग-अलग समय में रिलीज होती थी। इस लिस्ट में 'राज', 'जुनून', 'डॉन', 'बरसात' आदि का नाम शामिल है। हालांकि अब यह चलन खत्म हो गया है। अब निर्माता एक जैसे नाम वाली फिल्मों में रीबूट या सीक्वल जैसे शब्दों को इस्तेमाल करते हैं।

 

70 और 90 के दशक में एक ही नाम से दो फिल्में रिलीज हुई थी। एक हॉरर थ्रिलर फिल्म थी जिसे दर्शकों का ठीक-ठाक रिस्पॉन्स मिला था। जबकि दूसरी भले ही कमर्शियल हिट नहीं थी लेकिन इस फिल्म को 3 नेशनल अवॉर्ड मिले थे। इन दोनों फिल्मों का नाम 'जुनून' था। आइए जानते हैं दोनों फिल्में एक-दूसरे से कितनी अलगी थी?

 

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कब आई थी पहली 'जुनून'?

श्याम बेनेगल ने 1978 में फिल्म 'जुनून' का निर्देशन किया था। इस फिल्म में शशि कपूर, जेनिफर केंडल, नफीसा अली, शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, कुलभूषण खरबंदा, टॉम ऑल्टर मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म की कहानी रस्किन बॉन्ड की कहानी 'ए फ्लॉइट ऑफ पिजन्स' पर आधारित है। 

 

 

1857 के विद्रोह के दौरान भारतीय नवाब को एंग्लो इंडियन लड़की से प्यार हो जाता है। उसका प्यार जुनून में बदल जाता है। फिल्म भले ही बॉक्स ऑफिस पर हिट नहीं हुई लेकिन क्रिटिक्स ने इस फिल्म की खूब तारीफ की थी। इस फिल्म ने 3 नेशनल अवॉर्ड जीते थे और 10 फिल्म फेयर अवॉर्ड भी मिले थे।

 

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1992 में आई थी 'जुनून'

1992 में महेश भट्ट ने हॉरर फिल्म जुनून के निर्देशक और निर्माता थे। इस फिल्म में राहुल रॉय और पूजा भट्ट मुख्य भूमिका में थे। इस फिल्म में राहुल रॉय ने अपनी दमदार ऐक्टिंग से लोगों को दीवाना बना दिया था। फिल्म की कहानी विक्रम नाम के लड़के की है जो जंगल में शापित बाघ को मार देता है। उसी वक्त उस बाघ का श्राप उस लड़के को लग जाता है। अब लड़का हर पूर्णिमा को बाघ में बदल जाता है। विक्रम की पत्नी नीता (पूजा भट्ट) उसे श्राप से मुक्त करने की हर संभव कोशिश करती है। फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर ठीक-ठाक बिजनेस किया था। फिल्म ने भारत में 1.70 करोड़ रुपये का बिजनेस किया था। 

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