बॉलीवुड की दिग्गज गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। मुंबई के ब्रिच कैंडी अस्पताल में शनिवार को उन्हें हृदय और सांस संबंधी परेशानी के बाद भर्ती कराया गया था। कुछ महीनों से उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं चल रहा था। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया और शनिवार रात इंटेंसिव केयर यूनिट (ICU) में रखा गया।
आशा भोसले के बेटे आनंद ने रविवार दोपहर में उनके निधन की पुष्टि की। अंतिम संस्कार उनका राजकीय सम्मान के साथ सोमवार को किया जाएगा। आशा भोसले को आधुनिक भारतीय संगीत की सबसे महान गायिकाओं में से एक माना जाता है।
आशा भोसले के निधन पर देशभर के दिग्गजों ने शोक जताया है। सोशल मीडिया पर लोग भावुक पोस्ट लिख रहे हैं, लोग उन्हें याद कर रहे हैं। आशा और लता, दोनों ने दशकों तक, संगीत प्रेमियों के दिलों पर राज किया है। आशा भोसले के गानों में विविधता थी। उन्हें हर उम्र के लोग सुनते थे।
नरेंद्र मोदी, प्रधानमंत्री :-
आशा भोसले जी के निधन से मुझे गहरा दुख हुआ है। दशकों तक फैली उनकी अनोखी संगीत यात्रा ने हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध किया है और दुनिया भर में अनगिनत लोगों के दिलों को छुआ है। दिल को छू लेने वाली धुनों से लेकर जोशीली रचनाओं तक, उनकी आवाज में एक कालातीत चमक थी। उनके साथ हुई बातचीत की यादों को मैं हमेशा संजोकर रखूंगा। उनके परिवार, प्रशंसकों और संगीत प्रेमियों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। वह आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी, उनके गीत हमेशा लोगों के जीवन में गूंजते रहेंगे।
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साल 1943 में पहली बार गाया था गाना
आशा भोसले की बड़ी बहन लता मंगेशकर के बाद हिंदी फिल्म संगीत में वह सबसे बड़ी हस्ती थीं। उन्होंने सिर्फ 9 साल की उम्र से गाना शुरू किया और 1943 में पहला फिल्म गाना रिकॉर्ड किया। उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में गाने गाए। शुरू में उन्हें केवल कैबरे या डांस नंबर गाने को मिलते थे, लेकिन बाद में उन्होंने उमराव जान जैसी फिल्म में गजलें भी बहुत खूबसूरती से गाईं।
7 फिल्म फेयर, 2 नेशनल अवार्ड हासिल करने वाली गायिका
आशा भोसले को फिल्मफेयर का सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक सिंगर पुरस्कार 7 बार मिला और राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2 बार मिला। आशा भोसले का निजी जीवन भी उतार-चढ़ाव भरा रहा। 16 साल की उम्र में उन्होंने परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी की, लेकिन बाद में अलग हो गईं। 1980 में उन्होंने संगीतकार आरडी बर्मन से दूसरी शादी की। उनके निधन से संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
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किन गानों के लिए मिला फिल्म फेयर?
- साल 1967: 'गरीबों की सुनो' (10 लाख, 1966)
- साल 1969: 'पर्दे में रहने दो' (शिकार, 1968)
- साल 1972: 'पिया तू अब तो आजा'(कारवां, 1971)
- साल 1973: 'दम मारो दम' (हरे राम हरे कृष्णा, 1971)
- साल 1974: 'होने लगी है रात' (नैना, 1973)
- साल 1975: 'चैन से हमको कभी' (प्राण जाए पर वचन न जाए, 1974)
- साल 1979: 'ये मेरा दिल'(डॉन, 1978)
किन गानों के लिए मिला नेशनल अवार्ड?
- साल 1981: 'दिल चीज़ क्या है' (उमराव जान)
- साल 1986: 'मेरा कुछ सामान' (इजाजत)
आशा भोसले को दो बार सर्वश्रेष्ठ महिला प्लेबैक गायिका का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला। उनके गानों ने दशकों तक, लोगों के दिलों पर राज किया। क्लासिकल सिंगिंग की जब-जब बात आती है, उनका नाम, लता मंगेशकर के साथ ही लिया जाता है। वह बॉलीवुड, जैज से लेकर क्लासिकल तक, हर थीम की शानदार कलाकार रहीं हैं।