logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'भय' को इंडियन कंज्यूरिंग क्यों बता रहे हैं लोग? सच्ची घटना पर आधारित है सीरीज

ओटीटी प्लेटफॉर्म एमएक्स प्लेयर पर हॉरर थ्रिलर सीरीज 'भय' स्ट्रीम हो चुकी है। इस सीरीज को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं।

Gaurav Tiwari and Karan Tacker

गौरव तिवारी और करण टैकर, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

सस्पेंस थ्रिलर हॉरर सीरीज हमेशा लोगों का ध्यान खींचती है। इस हफ्ते ओटीटी पर हॉरर सीरीज 'भय' रिलीज हुई है जिसे आप एमएक्स प्लेयर पर देख सकते हैं। सीरीज की कहानी पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर गौरव तिवारी पर आधारित है। सीरीज में गौरव तिवारी का किरदार करण टैकर ने मुख्य भूमिका निभाया है। इस सीरीज में 8 एपिसोड है। 'भय' की कहानी दर्शकों को खूब पसंद आ रही है। लोग इस सीरीज को इंडियन कंज्यूरिंग बता रहे हैं। आइए जानते हैं इस सीरीज में ऐसा क्या खास है?

 

यह भी पढ़ें- बिजनेसवुमन हैं पारुल गुलाटी, कपिल की को-स्टार फिल्मों में होंगी सफल?

'भय' में क्या है खास?

'भय' में पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर गौरव तिवारी के जीवन के बारे में दिखाया गया है। खास बात यह है कि ये सारी कहानियां सच्ची घटना से प्रेरित है। सीरीज की शुरुआत गौरव और उसके दोस्तों के साथ होती है जो भूतों से संपर्क करने की कोशिश करते हैं।  गौरव पायलट बनने का सपना पूरा करने के लिए लंदन जाते हैं लेकिन उसके साथ कुछ ऐसी घटनाएं होती है जिसके कारण वह पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर बनने का फैसला लेता है। वह अपने काम के जरिए लोगों की मदद करने का फैसला करता है। 

 

'भय' पहले एपिसोड से ही आपका ध्यान खींचने में कामयाब होती है। जैसे-जैसे एपिसोड आगे बढ़ता है आप उस कहानी के बारे में सोचने पर मजबूर हो जाएंगे। यह एक सस्पेंस हॉरर थ्रिलर सीरीज है। सीरीज में करण टैकर के साथ कल्कि कोचलिन मुख्य भूमिका में हैं।

 

 

यह भी पढ़ें- 'साली मोहब्बत' में राधिका आप्टे से ज्यादा क्यों चमकीं सौरासेनी मैत्रा?

कौन थे गौरव तिवारी?

गौरव तिवारी पैरानॉर्मल इन्वेस्टिगेटर थे। वह अपनी टीम के साथ हॉन्टेड जगहों पर जाते थे और वहां मौजूद भूतों से मशीनों के जरिए संपर्क करने की कोशिश करते थे। 7 जुलाई 2016 को गौरव की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जबकि उनके परिवार का कहना था कि गौरव को कोई बुरी आत्मा अपने तरफ खींचती थी। यह बातें गौरव अपनी पत्नी और पिता को बताते थे।

 

 


और पढ़ें