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'मैं 150 कट भी लगा दूंगा लेकिन...', पंजाब 95 पर ऐसा क्यों बोले हनी त्रेहान?

लंबे समय से 'पंजाब 95' फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं मिल पा रहा है। अब इसको लेकर फिल्म निर्माता हनी त्रेहान ने कहा है कि वह अपनी अभिव्यक्ति की आजादी की रक्षा करेंगे।

Diljit Dosanjh and Honey Trehan

दिलजीत दोसांझ और हनी त्रेहान, Photo Credit: Social Media

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हनी त्रेहान को फिल्म इंडस्ट्री में प्रोड्यूसर के तौर पर करीब 10 साल हो चुके हैं जबकि डायरेक्टर के रूप में उनके 5 साल पूरे हो चुके हैं। इन पांच सालों में उन्होंने कई बेहतरीन फिल्में बनाई हैं। उन्होंने पहली बार फिल्म ‘रात अकेली है’ का निर्देशन किया था, जो नेटफ्लिक्स पर रिलीज़ हुई थी। यह एक मर्डर मिस्ट्री फिल्म थी, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया। इसी सफलता के चलते इसका सीक्वल ‘रात अकेली है 2: द बंसल मर्डर्स’ पिछले महीने ही रिलीज़ किया गया। अब पंजाब 95 को लेकर हनी त्रेहान का कहना है कि अगर कोर्ट कहे तो वह 150 कट भी लगा देंगे लेकिन सरकार ऐसा कहे तो यह बहुत सब्जेक्टिव हो जाता है।


इन दोनों फिल्मों के अलावा हनी त्रेहान ने ‘पंजाब 95’ का निर्देशन किया है। इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ ने पंजाब के मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा का किरदार निभाया है। यह फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित एक पीरियड इन्वेस्टिगेटिव ड्रामा है। फिलहाल CBFC ने इस फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट नहीं दिया है, जिस वजह से यह रिलीज़ नहीं हो पा रही है।

 

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फिल्म को पहले 2023 में रिलीज़ किया जाना था लेकिन सेंसर की मंजूरी न मिलने के कारण 2025 में भी इसके रिलीज़ होने के आसार कम नजर आ रहे हैं। ‘पंजाब 95’ को लेकर सेंसर बोर्ड ने लगभग 127 कट लगाने का सुझाव दिया है, जिसे हनी त्रेहान ने मानने से इनकार कर दिया है। उनका मानना है कि इतने कट्स लगाने से फिल्म की सच्चाई और भावना खत्म हो जाएगी। इस मुद्दे पर हनी त्रेहान ने कहा, 'अगर कोर्ट कहे तो मैं 150 कट लगाने को तैयार हूं लेकिन अगर सरकार या सत्ता में बैठे लोग यह कहें कि यह हमारी राजनीति के हिसाब से ठीक नहीं है तो यह पूरी तरह निजी मामला हो जाता है। मैं अपनी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा करना चाहता हूं, जो आज के समय में बहुत मुश्किल हो गया है।

 

फिल्म को सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने के बाद हनी त्रेहान ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाया और सेंसर बोर्ड के खिलाफ केस करने का फैसला लिया। हालांकि, बाद में फिल्म के दूसरे निर्माताओं पर दबाव बनाया गया, जिसके चलते केस वापस ले लिया गया।

 

‘रात अकेली है 2: द बंसल मर्डर्स’ का फीडबैक

हनी त्रेहान की फिल्म ‘रात अकेली है 2: द बंसल मर्डर्स’ को दर्शकों से काफी सकारात्मक फीडबैक मिली है। दर्शकों के अच्छे फीडबैक को देखकर हनी त्रेहान काफी खुश हैं। उनका कहना है कि पहले पार्ट को भी दर्शकों ने इसलिए पसंद किया था, क्योंकि फिल्म में उठाए गए मुद्दे आज के समय से जुड़े हुए हैं और समाज के ऐसे वर्ग की बात करते हैं, जिसे नजरअंदाज़ नहीं किया जा सकता। यही वजह है कि यह फिल्म लोगों को पसंद आ रही है।

 

फिल्म की लेखिका स्मिता सिंह को कुछ दर्शकों ने यह फीडबैक दिया कि मर्डर नौकर द्वारा किया जाना पहले से अनुमान लगाया जा सकता था। इस पर हनी त्रेहान का कहना है कि आमतौर पर लोग शुरुआत में नौकर पर सबसे कम शक करते हैं। इसी वजह से यह मोड़ दिलचस्प हो जाता है, क्योंकि जिसे दर्शक नजरअंदाज़ करते हैं, वही असली कातिल निकलता है।

 

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‘रात अकेली है 2: द बंसल मर्डर्स’ की कहानी

 

‘रात अकेली है 2: द बंसल मर्डर्स’ की कहानी कानपुर के एक अमीर और प्रभावशाली बंसल परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। बंसल परिवार, जो एक बड़े अखबार का मालिक है, अपने फार्महाउस पर एक बरसी के मौके पर इकट्ठा होता है। उसी रात परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी जाती है। हत्या से पहले मृतकों को खतरे के संकेत भी मिलते हैं।

 

इस मामले की जांच इंस्पेक्टर जटिल यादव (नवाजुद्दीन सिद्दीकी) करते हैं। जांच के दौरान परिवार के गहरे राज़, अंधविश्वास और राजनीतिक साजिशें सामने आती हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, भाई-भाई के बीच बिजनेस दुश्मनी, राजनीतिक संबंध और अमीर-गरीब के बीच की खाई जैसे कई अहम पहलू उजागर होते हैं।कुल मिलाकर यह फिल्म एक सशक्त और रोचक मर्डर मिस्ट्री है।


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