त्योहारों के सीजन में अक्सर त्योहारों से जुड़े गाने सुने जाते हैं। हिंदी फिल्मों में त्योहारों से जुड़े गाने बनाए गए हैं। जैसे ही रक्षाबंधन नजदीक आते ही लोग ‘फूलों का तारों का, सबका कहना है’ गाना सुनने लगते हैं। इस गाने को रक्षाबंधन के एंथम के तौर पर माना जाता है, जिसे ज्यादातर बहनें अपने व्हाट्सऐप स्टेटस पर लगाती हैं। जबकि हकीकत में यह गाना रक्षाबंधन को लेकर नहीं बनाया गया था। इस गाने को फिल्म में अलग संदर्भ में दिखाया गया था। इस साल 28 अगस्त को रक्षाबंधन मनाया जाएगा। इसी वजह से यह गाना एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।
हिंदी फिल्मों में ऐसे कई गाने दिखाए गए हैं, जिन्हें रक्षाबंधन के संदर्भ में दिखाया गया था। हिंदी फिल्म में 60 के दशक में ‘भैया मेरे राखी के बंधन को निभाना’ आया था। लोगों को यह गाना इतना पसंद आया था कि गाने की चमक आज भी बरकरार है। इस वजह से आज के समय में भी लोग यह गाना बड़े चाव से सुनते हैं। जानकारी के लिए बता दें, ‘फूलों का तारों का’ गाना ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ फिल्म का गाना है। यह फिल्म 1971 में रिलीज हुई थी। अब सवाल उठता है कि यह गाना फिल्म में किस संदर्भ में दिखाया गया था?
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‘फूलों का तारों का’ गाने की कहानी
इस फिल्म में देव आनंद 'प्रशांत' का किरदार निभाते हैं, जिसकी बहन का किरदार जीनत अमान ने निभाया था। बचपन में ही यह भाई-बहन अलग हो गए, क्योंकि उनके माता-पिता का तलाक हो गया था। जब भाई-बहन अलग हुए थे, तब छोटी-सी उम्र में भाई अपनी बहन के लिए ‘फूलों का तारों का’ गाना गाते नजर आया। इस गाने के सीन के बाद भाई-बहन अलग हो गए। जब प्रशांत बड़ा हुआ तो बहन को खोजने निकल गया। वहीं प्रशांत की बहन जसबीर को नशे की लत में डूबी हुई नजर आई, जो अपने भाई को पूरी तरह भूल चुकी थी। इसी कहानी के संदर्भ में यह गाना लिखा गया था।
गाने की वजह से फिल्म के इस सीन को और खास बना दिया था। फिल्म का गाना जल्द ही मशहूर हो गया, जिसका संदर्भ लोग भूल गए और यह रक्षाबंधन के गाने के तौर पर लोकप्रिय हो गया। इस फिल्म के गाने आनंद बख्शी ने लिखे थे। इस फिल्म की सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसके दो अलग-अलग वर्जन हैं। पहले इसे स्वर्गीय लता मंगेशकर ने गाया था, उसके बाद गाने का दूसरा वर्जन किशोर कुमार ने गाया था।
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क्या है फिल्म की कहानी?
देव आनंद के निर्देशन में ‘हरे रामा हरे कृष्णा’ फिल्म बनी थी। साथ ही इस फिल्म को नवकेतन फिल्म बैनर ने प्रोड्यूस किया था। इस फिल्म में भाई-बहन की कहानी दिखाई गई थी। फिल्म में उस दौर के सुपरस्टार देव आनंद ने मुख्य भूमिका निभाई थी। उनके साथ जीनत अमान ने अहम किरदार निभाया था। इनके अलावा फिल्म में देव आनंद और मुमताज भी नजर आए थे।
फिल्म की कहानी उस दौर की बाकी फिल्मों से बेहद अलग और रोचक थी, जहां हिप्पी कल्चर और ड्रग एडिक्शन की कहानी दिखाई गई थी। यह फिल्म उस दौर में लोगों को बेहद पसंद आई थी। जहां ‘फूलों का तारों का’ गाना लोगों को पसंद आया था, वहीं फिल्म के दूसरे गाने ‘दम मारो दम’ को लेकर विवाद हुआ था।