सोशल मीडिया पर 'छलरे छलरे वाल' गाना काफी ट्रेंड कर रहा है। पाकिस्तान की सिंगर Shanzy Sial ने इस गाने को रीक्रिएट किया है जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस गाने पर लोग जमकर रील्स शेयर कर रहे हैं। भारत में भी लोग इसे अलग-अलग वर्जन में गा रहे हैं।
खास बात यह है कि इस लोक गीत का नाता भारत से नहीं बल्कि पाकिस्तान से है। इस लोक गीत की धुन पर कई गाने निकले हैं। क्या आप जानते हैं इस लोक गीत को असल में किसने गाया था? इस गाने को पाकिस्तान के सिंगर Shafa Ullah Khan Rokhri ने सबसे पहली बार गाया था। इस गाने को असल में पहचान मुहम्मद हुसैन बंदियालवली की आवाज से मिली थी। अब इस गाने का फीमेल वर्जन चर्चा में है।
इस मशहूर गाने को पाकिस्तान के लोक गायक मुहम्मद हुसैन बंदियालवली ने गाया है। मुहम्मद हुसैन सराइकी और पंजाबी लोकगीत से जुड़े कलाकार हैं। उनके ज्यादातर गाने यूट्यूब पर रिलीज होते हैं। उनके 'Thallay Kar Sheesha' (2021), 'Lacha Jhang Da' (2022), 'Tak Tak Rah' (2022) जैसे कई गाने पॉपुलर हैं।
'छलरे छलरे वाल' गाने का मतलब क्या है?
इस गाने की शुरुआत 'तू सांवला फुल कस्तूरी, तेरी थी गई बहु मशहूरी। छलरे छलरे वाल मोढे रखदा ए काली शॉल।' से होती है। यहां सराइकी भाषा में 'छलरे छलरे वाल' का मतलब प्रेमी के घुंघराले बाल से होती है। इसके बाद प्रेमिका प्रेमी ने जो शॉल ओढ़ रखी है उसकी तारीफ करती है।
पंजाबी सिंगर सुनंदा शर्मा ने एक महीने पहले अपने इंस्टाग्राम वीडियो पर इस गाने को गाकर सुनाया था जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। इसके बाद इस गाने को मॉर्डन टच देते हुए लोगों ने कई वर्जन में गाया है। आपको बता दें कि सुनंदा ने इसे ऑफिशियल तरीके से रिलीज नहीं किया है।