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फिल्मफेयर, नेशनल अवार्ड के अलावा, आशा भोसले ने क्या हासिल किया? लिस्ट देखिए

आशा भोसले ने अपनी बहन की छाया से निकलकर फिल्म जगत में पहचान हासिल की। दशकों तक, लता और आशा, बॉलीवुड के दिलों पर राज करती रहीं।

Asha Bhosle

आशा भोसले। Photo Credit: FB/ashabhosleofficialpage

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भारतीय संगीत जगत पर दशकों से राज कर रही एक आवाज हमेशा के लिए खामोश हो गई। आशा भोसले नहीं रहीं। रविवार को उन्होंने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा गया। आशा भोसले को शनिवार शाम को सीने में संक्रमण और कमजोरी की वजह से मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

आशा भोसले का इलाज कर रहे डॉक्टर प्रतीत समदानी ने बताया कि उनका निधन हो गया। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।आशा भोसले बीते कई महीनों से बीमार चल रहीं थीं। उनकी पोती जनाई भोसले ने भी निधन की पुष्टि की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनके निधन को देश के लिए अपूर्णीय क्षति बताया है। 

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दशकों तक बॉलीवुड पर किया राज

आशा भोसले का सक्रिय संगीत करियर, 80 साल से ज्यादा का रहा है। उन्होंने 11 हजार से ज्यादा गाने गाए। उनकी आवाज रोमांटिक गीतों से लेकर गजलों और डांस नंबर्स तक सबमें छाई रही। वह संगीत की हर विधा में माहिर थीं। 

किन गानों के लिए दुनिया हमेशा याद करेगी?

अभी न जाओ छोड़कर, इन आंखों की मस्ती में, दिल चीज क्या है, पिया तू अब तो आजा, दुनिया में लोगों को और जरा सा झूम लूं मैं, जैसे गानों से वह घर-घर में लोकप्रिय हुईं थीं। उन्होंने पद्मिनी, वैजयंतीमाला, मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर जैसी कई अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी।

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90 साल की उम्र तक, संगीत जगत में सक्रिय रहीं आशा भोसले।

90 साल तक सक्रिय रहीं

लता मंगेशकर की छोटी बहन, आशा भोसले ने साल 2023 में अपने 90वें जन्मदिन दुबई में 'आशा 90: लाइव इन कॉन्सर्ट' नाम का खास कार्यक्रम भी आयोजित किया था। आशा भोसले के निधन से संगीत जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।

4 जुलाई 1994 को आशा के पति आरडी बर्मन का निधन हुआ था।

पुरस्कार, जिनकी वजह से हमेशा चर्चा में रहीं आशा भोसले 

साल 1997 में उन्होंने ग्रैमी अवॉर्ड के लिए नामांकित किया गया था। वह पहली भारतीय सिंगर थीं, जिन्हें नॉमिनेट किया गया था। यह नामांकन उनकी एल्बम 'लीगेसी' के लिए था, जिसमें उन्होंने उस्ताद अली अकबर खान के साथ गाया था। उन्हें महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार 17 बार मिल चुके हैं।

साल 2000 में उन्हें भारतीय सिनेमा में उल्लेखनीय योगदान के लिए दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। आशा भोसले को तीन मानद डॉक्टरेट मिले हैं। अमरावती विश्वविद्यालय, जलगांव और यूनिवर्सिटी ऑफ सॉलफोर्ड ने उन्हें कला और साहित्य में मानद डॉक्टरेट की उपाधि दी है। उन्हें फ्रेडी मर्करी अवॉर्ड भी मिला है। यह कला क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाता है। 

लता मंगेशकर और आशा भोसले। 

साल 2002 में बर्मिंघम फिल्म फेस्टिवल ने उनके सम्मान में विशेष ट्रिब्यूट दिया। भारत सरकार ने उन्हें देश के दूसरे सबसे बड़े नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से नवाजा है। साल 2021 में महाराष्ट्र सरकार ने उन्हें महाराष्ट्र भूषण पुरस्कार दिया। वे पिछले 50 साल की टॉप 20 म्यूजिक आइकॉन्स में शामिल हैं। 

2011 में गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने उन्हें संगीत के इतिहास में सबसे ज्यादा रिकॉर्डिंग करने वाली कलाकार के रूप में मान्यता दी। उन्होंने 1947 से अब तक 11,000 से भी ज्यादा गाने गाए हैं। उन्हें कई लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड भी मिला था। उन्हें जोधपुर नेशनल यूनिवर्सिटी से साहित्य में पहली डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की उपाधि दी गई थी। साल 2015 में बीबीसी ने उन्हें दुनिया की 100 प्रेरणादायक महिलाओं की सूची में शामिल किया था। 

 

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