मनोरंजन की दुनिया में छोटी और जल्दी खत्म होने वाली कहानियों का चलन बढ़ रहा है। इसे माइक्रोड्रामा कहा जाता है। इसमें कहानी छोटे-छोटे एपिसोड में दिखाई जाती है और ज्यादातर वीडियो मोबाइल के हिसाब से बनाए जाते हैं। भारत में जियोहॉटस्टार, जी5 और दूसरे प्लेटफॉर्म पहले से इस फॉर्मेट पर काम कर रहे हैं। अब यूट्यूब ने भी शॉर्ट्स को एपिसोड और सीजन में देखने का नया तरीका शुरू किया है।
23 सितंबर 2026 को यूट्यूब ने शॉर्ट्स सीरीज फीचर शुरू किया। इससे क्रिएटर्स अपने शॉर्ट्स को अलग-अलग एपिसोड और सीजन में जोड़ सकते हैं। एक एपिसोड खत्म होने के बाद अगला एपिसोड आसानी से देखा जा सकता है। यह सुविधा मोबाइल, वेब और टीवी पर उपलब्ध है। यूट्यूब के मुताबिक, 2026 के पहली 6 महीने में उसके प्लेटफॉर्म पर माइक्रोड्रामा को 6.5 अरब से ज्यादा बार देखा गया। इसका देखने का समय भी सालाना आधार पर 50% से ज्यादा बढ़ा। टीवी पर माइक्रोड्रामा के व्यूज 90 प्रतीशत से ज्यादा बढ़े।
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यूट्यूब पर सीरीज की तरह दिखेगा कंटेंट
यूट्यूब पर माइक्रोड्रामा पहले से देखा जा रहा था लेकिन अब शॉर्ट्स सीरीज से कहानी को कई एपिसोड और सीजन में जोड़ना आसान होगा। इससे दर्शक एक कहानी के सभी हिस्से क्रम से देख सकेंगे। पहले जहां शॉर्ट्स अलग-अलग वीडियो के रूप में देखे जाते थे अब उन्हें एक सीरीज की तरह जोड़कर दिखाया जा सकता है।
यूट्यूब के पास पहले से शॉर्ट्स देखने वाली बड़ी ऑडियंस और क्रिएटर्स का नेटवर्क है। ऐसे में माइक्रोड्रामा बनाने वाले क्रिएटर्स को अपनी कहानियां ज्यादा लोगों तक पहुंचाने का मौका मिल सकता है। दर्शकों के लिए भी एक ही जगह पर छोटी-छोटी कहानियों के कई एपिसोड देखना आसान होगा। इससे माइक्रोड्रामा के लिए यूट्यूब एक और बड़ा प्लेटफॉर्म बन सकता है।
जियोहॉटस्टार का टड़का भी बढ़ा
जियोहॉटस्टार ने टड़का के जरिए माइक्रोड्रामा पर पहले ही काम शुरू कर दिया था। जियोस्टार के मुताबिक, जून 2026 में टड़का के यूजर्स की संख्या 10 करोड़ के पार पहुंच गई। इसमें 100 से ज्यादा ओरिजिनल कहानियां हैं और ज्यादातर एपिसोड 30 से 60 सेकंड के होते हैं। छोटे समय के इन एपिसोड को मोबाइल पर आसानी से देखा जा सकता है।
कंपनी के मुताबिक, टड़का शुरू होने के बाद हर यूजर का रोजाना देखने का समय 5 गुना बढ़ा। इसके 42 प्रतिशत से ज्यादा दर्शक 24 साल से कम उम्र के हैं। इससे पता चलता है कि कम समय में खत्म होने वाली कहानियों को युवा दर्शक भी काफी देख रहे हैं। अब यूट्यूब के शॉर्ट्स सीरीज फीचर के आने से माइक्रोड्रामा के इस फॉर्मेट में प्लेटफॉर्म्स के बीच मुकाबला और बढ़ सकता है।
जी5 का बुलेट भी जुड़ा
जी5 ने माइक्रोड्रामा के लिए बुलेट के साथ साझेदारी की है। बुलेट को खास तौर पर छोटी और जल्दी खत्म होने वाली कहानियों के लिए तैयार किया गया है। इसमें करीब एक मिनट के छोटे-छोटे एपिसोड होते हैं जिन्हें मोबाइल पर आसानी से देखा जा सकता है। इसके लॉन्च के समय 7 भारतीय भाषाओं में 34 माइक्रोड्रामा उपलब्ध थे।
बुलेट में दर्शकों को अलग-अलग तरह की कहानियां देखने को मिलती हैं। इसमें कुछ प्रीमियम एपिसोड के लिए सिक्कों की व्यवस्था भी की गई है। यानी कुछ कंटेंट देखने के लिए दर्शकों को बुलेट के सिक्कों का इस्तेमाल करना पड़ता है। इससे माइक्रोड्रामा को सिर्फ मनोरंजन के तौर पर नहीं बल्कि कमाई वाले कंटेंट के रूप में भी बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।
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माइक्रोड्रामा के लिए बढ़ेगा मुकाबला
जियोहॉटस्टार, जी5 और सन नेक्स्ट जैसे प्लेटफॉर्म पहले से माइक्रोड्रामा पर काम कर रहे हैं। अब यूट्यूब भी शॉर्ट्स सीरीज के जरिए इस फॉर्मेट को आगे बढ़ा रहा है। यूट्यूब पर पहले से शॉर्ट्स देखने वाली बड़ी ऑडियंस है और अब छोटी कहानियों को एपिसोड और सीजन में जोड़ना भी आसान होगा।
इससे माइक्रोड्रामा के लिए अलग-अलग प्लेटफॉर्म के बीच मुकाबला बढ़ सकता है। प्लेटफॉर्म्स के लिए अब सिर्फ छोटी कहानी बनाना ही जरूरी नहीं होगा बल्कि दर्शक कितने एपिसोड देखते हैं और कितनी देर तक जुड़े रहते हैं यह भी अहम होगा। ऐसे में आने वाले समय में माइक्रोड्रामा के कंटेंट और उसे दिखाने के तरीके में भी बदलाव देखने को मिल सकता है।