अमेरिका के साथ तनाव के बीच ईरान युद्ध की तैयारी में जुट चुका है। वहां की सरकार राजधानी तेहरान स्थित मेट्रो स्टेशन और अंडरग्राउंड पार्किंग को शेल्टर हाउस में बदल रही है, ताकि युद्ध की स्थिति में लोगों को यहां ठहराया जा सके। दूसरी तरफ सऊदी अरब के रक्षा मंत्री और इजरायल डिफेंस फोर्सेज के मुखिया अमेरिका में हैं। इजरायल और सऊदी अरब ईरान पर संभावित हमले से पहले अमेरिकी प्रशासन से बातचीत करने में जुटे हैं। उधर, 18 से 22 फरवरी तक इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिका में होंगे। वे डोनाल्ड ट्रंप से सातवीं बार मुलाकात करेंगे।
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के राष्ट्रपति मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान भारत के बाद रूस की यात्रा पर पहुंचे हैं। जायद से पुति ने कहा कि रूस ईरान की स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहा है। इससे पहले क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की संभावनाएं अभी खत्म नहीं हुई हैं। तेहरान के खिलाफ बल का प्रयोग क्षेत्र में अराजकता पैदा करेगा और खतरनाक परिणाम होंगे।
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युद्ध का रास्ता चुनेगा ईरान
डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी ताजा धमकी में ईरान को बातचीत करने और परमाणु हथियार से पीछे हटने की मांग की। पिछले हफ्ते ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान बातचीत करना चाहता है। मगर अब ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका का दावा गलत है। ईरान का मानना है कि अमेरिका की मांगों को पूरा करने वाले समझौते पर पहुंचना युद्ध से कहीं अधिक महंगा है। अगर ईरान को ट्रंप के समझौते और युद्ध में किसी एक को चुनना होगा तो वह युद्ध चुनेगा, क्योंकि यह कम खर्चीला है। हम पहले से ही आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।
ईरानी सेना को मिले एक हजार ड्रोन
कई मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि ईरान अब युद्ध की तैयारी में जुटा है। ईरान की सेना को अब तक 1000 नए ड्रोन मिल चुके हैं। वहीं विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने का कहना है कि अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करे, अपनी रक्षा क्षमता को सीमित करे और इजरायल को मान्यता दे। ईरान एक संतुलित समझौते को तैयार है, लेकिन इसका संतुलित समझौते से कोई लेना देना नहीं है। इसका मतलब ईरान का आत्मसमर्पण होगा।
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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप ईरान के बड़े नेताओं और सुरक्षा बलों पर हमले की रणनीति पर विचार करने में जुटे हैं। उनका इरादा इन लोगों पर हमला करके ईरान के प्रदर्शनकारियों को सत्ता परिवर्तन का माहौल बनाना है। इजरायल की सरकारी समाचार आउटलेट केएएन न्यूज ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि ईरान के खिलाफ ट्रंप व्यापक कार्रवाई का संकेत दे रहे हैं।