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कौन होते हैं इस्माइली मुस्लिम? बाकी मुसलमानों से कितने अलग

इस्माइली मुसलमानों के आध्यात्मिक नेता आगा खान का निधन हो गया है। आगा खान 49वीं पीढ़ी के इमाम थे। ऐसे में जानते हैं कि इस्माइली मुस्लिम कौन होते हैं और बाकी मुसलमानों से कितने अलग होते हैं?

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प्रिंस करीम आगा खान। (Photo Credit: the.ismaili)

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इस्माइली मुसलमानों के नेता आगा खान का निधन हो गया। आगा खान 88 साल के थे। वो पुर्तगाल में रहते थे। उनके उत्तराधिकारी का ऐलान बाद में किया जाएगा।


शिया इस्माइली मुसलमानों के 49वें इमाम आगा खान का असली नाम प्रिंस शाह करीम अल हुसैनी था। 13 दिसंबर 1936 को जिनेवा में जन्मे आगा खान अरबपति थे। उनकी अनुमानित संपत्ति 80 करोड़ डॉलर से 13 अरब डॉलर के बीच मानी जाती है। 19 अक्टूबर 1957 को तंजानिया के दार-एस-सलाम में उन्हें आधिकारिक रूप से आगा खान की उपाधि दी गई थी।


आगा खान के अनुयायी उन्हें पैगंबर मुहम्मद का वंशज मानते हैं। आगा खान के निधन के बाद उनके उत्तराधिकारी का ऐलान कुछ दिन में किया जा सकता है। आगा खान इस्माइली मुसलमानों के आध्यामिक नेता होते हैं।

कौन होते हैं इस्माइली मुस्लिम?

इस्माइल मुस्लिम शिया इस्लाम का एक मस्लक यानी उप-संप्रदाय है। इन्हें खोजा मुसलमान, आगाखानी मुसलमान या निजारी मुसलमान भी कहते हैं। दुनिया के लगभग 35 देशों में 1.5 करोड़ इस्माइली मुस्लिम रहते हैं।


माना जाता है कि इस्माइली मुस्लिमों को 1400 साल का इतिहास है। शिया इमाम को मानते हैं और यहीं से इमामत का दौर शुरू हुआ। बाद में शिया उप-संप्रदाय में विवाद हुआ और ये बंट गए। छठे इमाम जाफर सादिक के बड़े बेटे इस्माइल को मानने वाले इस्माइली मुसलमान कहलाए। 

 

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बाकी मुस्लिमों से कितने अलग?

इस्माइली मुसलमान बाकी मुस्लिमों से काफी अलग होते हैं। ये और मुस्लिमों की तरह जालीदार टोपी नहीं या बुर्का नहीं पहनते। इस्माइली मुस्लिम जहां इबादत करते हैं, उसे जमातखाना कहा जाता है। मस्जिदों में कोई भी जा सकता है लेकिन जमातखाने में सिर्फ इस्माइली मुस्लिम ही जा सकते हैं।


इस्माइली मुस्लिमों की मजहबी रिवायतें अलग होती हैं। इस्माइल मुस्लिम बाकी मुस्लिमों की तरह 5 वक्त की नमाज अता नहीं करते। ये लोग 3 वक्त की दुआ करते हैं। बाकी के मुसलमान हाथ अगल-बगल में रखकर नमाज पढ़ते हैं। जबकि इस्माइली मुस्लिम हाथ खोलकर दुआ करते हैं। इस्माइली मुस्लिमो की परंपरा के मुताबिक, नमाज कहीं भी अता की जा सकती है लेकिन दुआ सिर्फ जमातखाने में की जा सकती है।

इमाम का संदेश ही सबकुछ

इस्माइली मुस्लिमों का मानना है कि पैगंबर मुहम्मद की विरासत को केवल उनके परिवार के ही किसी सदस्य को सौंपी जा सकती है। आगा खान को इस्माइली मुस्लिम पैगंबर मुहम्मद के वंशज मानते हैं। आगा खान ही इमाम होते हैं और इनकी कही बात ही इनके अनुयायियों के लिए सबकुछ होती है। भारत में भी इस्माइली मुस्लिमों की अच्छी-खासी आबादी रहती है। 'हाउसफुल 2' और 'दिल तो बच्चा है जी' जैसी फिल्मों में नजर आने वालीं शाजान पदमसी भी इस्माइली मुस्लिम हैं।

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