अमेरिका ने मंगलवार को ईरान के इस्फहान में 2,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बमों का इस्तेमाल करके हमला किया है। यह वह इलाका है जहां, ईरान के हथियारों का ठिकाना है। अमेरिका ने यह हमला डोनाल्ड ट्रंप के हमला खत्म करने का इशारा देने के कुछ ही घंटों बाद किया है। इस हमले के बाद मिडिल ईस्ट में फिलहाल जंग रूकने के आसार कम लग रहे हैं।
वॉल स्ट्रीट जर्नल ने एक एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया है कि इस हमले में बड़ी संख्या में पेनेट्रेटर बमों का इस्तेमाल किया गया है। हमलों में निशाने पर ईरान के जमीन के अंदर बने हथियारों के जखीरे थे। दरअसल, इस्फहान ईरान का मिलिट्री हब है। ईरान के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर भी यहीं से काफी करीब है।
ट्रंप ने शेयर की वीडियो
डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले की फुटेज ट्रुथ सोशल पर शेयर की है। वीडियो में देखा जा सकता है कि आसमान में कई धमाके हो रहे हैं। वीडियो में एक के बाद एक कई धमाके और उसके बाद तेज आग और धुएं का गुबार दिख रहा है। यह धमाके इस बात की ओर इशारा कर रहे हैं कि इस्फहान में दूसरे धमाके साइट पर रखे हथियारों की वजह से हो सकते हैं।
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बता दें कि हाल के हफ्तों में इस्फहान की रणनीतिक अहमियत काफी बढ़ी है। माना जाता है कि इस्फहान में ही ईरान ने अपना यूरेनियम भंडार बना रखा है। एक अनुनाम के मुताबिक, ईरान के पास लगभग 540 किलो यूरेनियम है।
बंकर बस्टर बम क्या होते हैं?
बंकर-बस्टर बम खास हथियार होते हैं। यह जमीन के अंदर हमला करने के लिए बनाए गए हैं, जो फटने से पहले जमीन में छेद करते हैं। इनका इस्तेमाल आम तौर पर जमीन के नीचे बने मिलिट्री ठिकानों, मजबूत बंकरों और न्यूक्लियर जगहों पर किया जाता है।
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इस श्रेणी में सबसे ताकतवर बमों में से एक है मैसिव ऑर्डनेंस पेनेट्रेटर (MOP) है। इसे बोइंग ने बनाया है, जो 30,000 पाउंड का बम है। यह मजबूत स्टील केसिंग और सटीक GPS गाइडेंस के साथ डिजाइन किया गया हथियार है, जो फटने से पहले कंक्रीट और चट्टान की मजबूत परतों को भी भेद सकता है। यह बम जमीन के नीचे जोरदार धमाका करके टारगेट करता है।
हालांकि, इस्फहान में किए गए हमले में छोटे बंकर-बस्टर वेरिएंट के बमों का इस्तेमाल किया गया है।