अमेरिका नौसेना ने गुरुवार तड़के ओमान की खाड़ी के पास एक जहाज पर हमला किया है। यह एक ईरानी मालवाहक पोत था। अमेरिकी नौसेना ने इस पर मिसाइल से हमला किया है। चालक दल के सभी सदस्यों को बचा लिया गया है।
ईरान की मेहर न्यूज ने सिरिक काउंटी के गवर्नर रजा शाहिदियन के हवाले से बताया कि यह 150 टन का मालवाहक पोत है। ओमान के खासब बंदरगाह से जरूरी सामान ले जा रहा था। बंदरगाह से करीब 5 समुद्री मील दूर पोत पर मिसाइल से हमला किया गया। वहां से गुजरने वाले अन्य जहाजों ने चालक दल के पांच सदस्यों को बचा लिया है। सभी को ओमान ले जाया गया है।
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टैंकर के इंजन रूम में लगी आग
उधर, यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने बताया कि ओमान के सोहार से 21 समुद्री मील उत्तर-पूर्व में एक टैंकर के इंजन रूप में आग लगी है। अधिकारी आग लगने की वजह का पता लगा रहे हैं।
स्थिति पर बारीकी से नजर: भारत
इस बीच ओमान स्थित भारतीय दूतावास ने एक एक्स पोस्ट में लिखा, 'हमें आज ओमान के शिनास बंदरगाह के पास एक जहाज से जुड़ी घटना के बारे में पता चला है। हम स्थिति पर बारीकी से नजर रख रहे हैं और आगे की जानकारी के लिए स्थानीय अधिकारियों के साथ तालमेल बिठा रहे हैं।' हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारतीय दूतावास ने किस जहाज पर हुए हमले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
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बता दें कि हाल ही में अमेरिकी नौसेना ने 'एमटी सेटेबेलो' पर हमला किया। चालक दल के 24 में से एक भारतीय सदस्यों को बचा लिया गया था। वहीं लापता तीन भारतीय नाविकों में से दो के शव मिले हैं। बुधवार को भारत ने अमेरिका के सामने हमले पर कड़ा विरोध जताया। विदेश मंत्रालय ने भी हमले की निंदा की और सभी पक्षों से तुरंत तनाव कम करने की अपील की।
आईआरजीसी बोला- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद
इजरायल और ईरान ने रविवार को एक-दूसरे पर हमला किया। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच हमलों का नया दौर शुरू हुआ। बुधवार को रात अमेरिका ने ईरान के एक बड़े हिस्से पर बमबारी की। अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने जॉर्डन, बहरीन और कुवैत पर अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर अटैक किया।
अमेरिका के ताजे हमले के बाद आईआरजीसी ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया है। उसने अपनी चेतावनी में कहा कि अगर कोई जहाज इस क्षेत्र में आता है तो उसे दुश्मन के साथ सहयोग करने के रूप में समझा जाएगा।