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ना अकाउंट, ना कार्ड, एक खतरनाक जुगाड़ से पूरा ATM खाली कर दे रहे हैकर

अब एटीएम से पैसे चुराने का एक नया तरीका आ गया है, जिसमें एटीएम में मैलवेयर डालकर पैसे को सीधा एटीएम से निकाल लिया जा रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: PTI

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अमेरिका में एटीएम से पैसे चुराने के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिकी जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) ने एक अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि एटीएम जैकपॉटिंग नाम की साइबर क्राइम बढ़ रही है। इसमें हैकर्स मैलवेयर (खराब सॉफ्टवेयर) का इस्तेमाल करके एटीएम से बिना किसी वैध लेन-देन के ढेर सारे नकद पैसे निकाल लेते हैं।

 

एफबीआई के अनुसार, 2020 से अब तक कुल 1,900 ऐसे मामले सामने आए हैं। लेकिन सिर्फ साल 2025 में ही 700 से ज्यादा मामले हुए, जिनमें 20 मिलियन डॉलर (करीब 170 करोड़ रुपये से ज्यादा) का नुकसान हुआ। यह संख्या बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिससे बैंक और एटीएम कंपनियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

 

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कैसे काम करता है यह मैलवेयर?

हैकर्स ज्यादातर Ploutus नाम के मैलवेयर परिवार का इस्तेमाल करते हैं। यह मैलवेयर एटीएम के अंदर के सॉफ्टवेयर XFS (eXtensions for Financial Services) को हैक कर लेता है। XFS वह हिस्सा है जो एटीएम को बताता है कि क्या करना है, जैसे पैसे निकालना। सामान्य लेन-देन में बैंक से मंजूरी मिलती है, लेकिन Ploutus से हैकर्स बैंक की मंजूरी बिना ही एटीएम को कमांड दे सकते हैं। इससे एटीएम कार्ड, अकाउंट या बैंक अप्रूवल के बिना पैसे उगलने लगता है।

 

यह अटैक एटीएम मशीन पर ही होता है, ग्राहक के अकाउंट के जरिए फ्रॉड नहीं होता है। इसलिए पैसे निकलने में सिर्फ कुछ मिनट लगते हैं और पकड़ना मुश्किल होता है। यह मैलवेयर कई तरह के एटीएम पर आसानी से काम करता है क्योंकि ज्यादातर एटीएम Windows ऑपरेटिंग सिस्टम पर चलते हैं। 

कैसे डाला जाता है मैलवेयर?

अपराधी आमतौर पर ये तरीके अपनाते हैं- एटीएम का दरवाजा सामान्य चाबी से खोलते हैं। एटीएम का हार्ड डिस्क निकालकर अपने कंप्यूटर से जोड़ते हैं और मैलवेयर कॉपी कर देते हैं, फिर वापस लगा देते हैं और मशीन रीस्टार्ट करते हैं।

 

या फिर पूरा हार्ड डिस्क बदलकर पहले से मैलवेयर वाला नया डिस्क या डिवाइस लगा देते हैं। 

मैलवेयर वाले एटीएम के संकेत क्या हैं?

 

एफबीआई ने कुछ फिजिकल और डिजिटल संकेत बताए हैं जिनसे पता चल सकता है कि एटीएम में मैलवेयर है-

एटीएम का दरवाजा खुला होने का अलर्ट।

औसत से कम समय में कैश का खत्म हो जाना।

एटीएम में अनऑथराइज्ड डिवाइस जुड़ा होना।

हार्ड डिस्क निकाली गई होना।

एटीएम का अचानक ऑउट ऑफ सर्विस होना।

 

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एफबीआई ने बैंकों और एटीएम ऑपरेटर्स को सलाह दी है कि वे सुरक्षा बढ़ाएं, नियमित जांच करें और इन संकेतों पर नजर रखें। इस मामले में जनता से भी मदद मांगी गई है कि अगर कुछ संदिग्ध दिखे तो सूचित करें। यह अपराध बहुत तेज और चुपके से होता है, इसलिए सतर्कता बहुत जरूरी है।


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