कर्नाटक के रहने वाले 22 साल के भारतीय स्टूडेंट साकेत श्रीनिवासैया छह दिन तक लापता रहने के बाद मृत पाए गए। साकेत मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्कले से मास्टर ऑफ साइंस (प्रोडक्ट डेवलपमेंट) की पढ़ाई कर रहे थे। इस घटना ने विदेश में पढ़ रहे भारतीय स्टूडेंट्स की सुरक्षा और मेंटल हेल्थ को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
साकेत श्रीनिवासैया के रूममेट बनीत सिंह ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस दुखद खबर की पुष्टि की। सैन फ्रांसिस्को में भारत के कॉन्सुलेट जनरल ने भी स्थानीय पुलिस द्वारा शव मिलने की पुष्टि की।
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साकेत के रूममेट का बयान
साकेत श्रीनिवासैया का शव लेक एंजा के पास मिला है और वे अधिकारियों के साथ मिलकर साकेत के परिवार को भारत से अमेरिका लाने के लिए इमरजेंसी वीजा की प्रक्रिया में मदद कर रहे हैं। बनीत सिंह के अनुसार, साकेत सामान्य तौर पर खुशमिजाज और मिलनसार थे, लेकिन पिछले करीब दो हफ्तों में उनके व्यवहार में बदलाव दिखने लगा था। वे कम खाने लगे थे, दोस्तों से बातचीत घट गई थी और कई बार सिर्फ चिप्स व कुकीज़ खाकर ही दिन गुजार रहे थे। बनीत ने कहा कि उस समय उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह बदलाव किसी गंभीर परेशानी का संकेत हो सकता है।
जब बाथरोब पहनकर क्लास पहुंचे साकेत
बनीत सिंह ने एक बेहद चौंकाने वाली घटना याद करते हुए बताया कि उन्होंने साकेत श्रीनिवासैया को क्लास से लाल रंग का 'बाथरोब' पहनकर लौटते देखा। जब उन्होंने हैरानी जताते हुए इसका कारण पूछा, तो साकेत का जवाब उनकी मानसिक स्थिति बयां कर रहा था। साकेत ने कहा, 'भाई, मैंने अब परवाह करना छोड़ दिया है। मुझे ठंड लग रही थी और मुझे फर्क नहीं पड़ता कि कोई क्या सोचेगा। मुझे अब किसी भी चीज की परवाह नहीं रही।'
बनीत सिंह ने अफसोस जताते हुए कहा कि उस वक्त उन्हें लगा कि साकेत हमेशा की तरह मजाक कर रहे हैं, लेकिन अब समझ आया कि वे खुद की जिंदगी से हार चुके थे।
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दूतावास ने की दुखद खबर की पुष्टि
सैन फ्रांसिस्को में इंडियन कॉन्सुलेट ने इस दुखद खबर को कन्फर्म किया है। एम्बेसी साकेत श्रीनिवासैया के परिवार के लिए इमरजेंसी वीजा दिलाने और उसके शरीर को भारत वापस लाने में तेजी लाने के लिए काम कर रही है।