पाकिस्तान के बलूचिस्तान में सक्रिय 'बलूच लिबरेशन आर्मी' ने शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर की नाक में दम कर देने वाला दावा किया है। दरअसल, ऑपरेशन हीरोफ 2.0 के बाद बलूच और पाकिस्तान आर्मी के बीच हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी ने दावा किया है कि उसके लड़ाकों ने ऑपरेशन हेरोफ 2.0 के दौरान पाकिस्तानी सुरक्षा बलों के 7 जवानों को अपनी हिरासत में ले लिया है।
संगठन ने कहा है कि पहले 17 पाकिस्तानी जवानों को हिरासत में लिया था। शुरुआती जांच के बाद 10 जवानों को रिहा कर दिया गया लेकिन 7 सैनिक अभी भी उसकी हिरासत में हैं।
वीडियो और तस्वीरें जारी
BLA ने पाकिस्तानी सैनिकों की वीडियो के साथ में तस्वीर भी जारी की है। उसने कहा है कि अगर पाकिस्तान सेना इन्हें छुड़ाना चाहती है तो उसे 31 जनवरी से 6 फरवरी के बीच गिरफ्तार किए गए बलूच लड़ाकों को रिहा करना होगा। संगठन ने इसे कैदियों की अदला-बदली की शर्त बताया है।
यह भी पढ़ें: शेख हसीना, बांग्लादेश प्रथम की नीति..., तारिक रहमान से भारत को डर क्या है?
बलूच लिबरेशन आर्मी के प्रवक्ता जीयंद बलोच ने एक बयान जारी करके कहा है कि पकड़े गए 10 लोगों को इसलिए छोड़ा गया क्योंकि उनकी पहचान बलूच या स्थानीय पुलिस और लेवीज बलों से जुड़ी हुई थीं। संगठन के मुताबिक यह फैसला जमीनी हालात, स्थानीय पहचान और बलूच जनता के हित को देखते हुए लिया गया है।
बलूच राष्ट्रीय अदालत में पेश हुए जवान
द बलूचिस्तान पोस्ट के मुताबिक, बाकी 7 जवान पाकिस्तानी सेना की नियमित यूनिट्स से जुड़े हैं और उन्हें संगठन की हिरासत में रखा गया है। BLA ने दावा किया कि इन सैनिकों को कथित बलूच राष्ट्रीय अदालत के सामने पेश किया गया, जहां उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
यह भी पढ़ें: बांग्लादेश में 1 सीट जीतने वाली 'BJP' के तारिक रहमान से कैसे हैं रिश्ते?
संगठन ने आरोप लगाया कि इन सैनिकों पर नागरिक आबादी के खिलाफ सैन्य कार्रवाई, जबरन गुमशुदगी और बलूच लोगों के खिलाफ नरसंहार जैसे मामलों में शामिल होने के आरोप हैं। साथ ही कहा कि आरोपियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया, सबूत पेश किए गए और बयान दर्ज करने के बाद फैसला सुनाया गया। BLA ने पाकिस्तान को 7 दिन का समय दिया है ताकि औपचारिक कैदी अदला-बदली की प्रक्रिया शुरू की जा सके। संगठन का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय युद्ध संबंधी सिद्धांतों के तहत यह प्रस्ताव रखा गया है।
ऑपरेशन हेरोफ क्या है?
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी ने बलूचिस्तान प्रांत में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक चले ऑपरेशन हीरोफ चलाया। यह ऑपरेशन पाकिस्तानी सेना और प्रशासनिक ढांचे के खिलाफ है। यह बलूच अलगाववादियों का एक प्रमुख ऑपरेशन है, जिसका मकसद बलूचिस्तान को पाकिस्तानी नियंत्रण से मुक्त कराना और स्वतंत्रता की मांग को मजबूत करना है। BLA ने दावा किया कि इस ऑपरेशन में सैकड़ों पाकिस्तानी 200 से ज्यादा पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं। हेरोफ का तलब बलूची भाषा में काला तूफान होता है।