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बांग्लादेश से और खराब हुए संबंध, वापस आएंगे भारतीय राजनयिकों के बीवी-बच्चे

बांग्लादेश में बढ़ते कट्टरपंथ की वजह से राजनयिकों के परिवार की सुरक्षा के कारण उनके परिवारों को वापस बुलाया जा रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit: PTI

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भारत ने बांग्लादेश को अपने राजनयिकों के लिए 'नॉन-फैमिली' पोस्टिंग की कैटेगरी में कर दिया है। इसका मतलब है कि वहां तैनात भारतीय अधिकारियों के परिवार के सदस्यों को सुरक्षा की चिंता के कारण वापस भारत बुलाया जा रहा है। यह फैसला मंगलवार को सामने आया।

 

सूत्रों के अनुसार, बांग्लादेश में कट्टरपंथी और उग्रवादी तत्वों से खतरा बढ़ गया है। खासकर अंतरिम सरकार के दौरान पाकिस्तानी तत्वों को मिल रही आजादी की वजह से परिवारों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। इसलिए सावधानी के तौर पर हाई कमीशन और चार असिस्टेंट हाई कमीशन (चटगांव, खुलना, राजशाही और सिलहट) में तैनात अधिकारियों के आश्रितों (परिवार) को भारत लौटने की सलाह दी गई है।

 

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सुरक्षा के मद्देनजर उठाया कदम

हालांकि, भारत का हाई कमीशन और ये चारों पोस्ट पूरी ताकत से काम करते रहेंगे। वहां राजनयिकों की संख्या या अन्य डिटेल्स सुरक्षा कारणों से नहीं बताई जा रही हैं।

 

'नॉन-फैमिली' पोस्टिंग भारत के राजनयिकों के लिए बहुत सख्त सुरक्षा कदम है। उदाहरण के लिए, पाकिस्तान को 'नो चिल्ड्रन' पोस्टिंग माना जाता है, जहां बच्चे नहीं जा सकते लेकिन पति-पत्नी जा सकते हैं। यह दिखाता है कि बांग्लादेश के साथ अब भारत के रिश्ते बहुत खराब हो गए हैं।

काफी खराब हो चुके हैं संबंध

अगस्त 2024 से मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के आने के बाद से भारत-बांग्लादेश संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। भारत ने कई बार कहा है कि बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों (खासकर हिंदुओं) की सुरक्षा नहीं हो रही और कट्टर समूहों पर नकेल नहीं कसी जा रही। ढाका ने इन आरोपों को खारिज किया है।

 

हाल के हफ्तों में दोनों देशों ने अपने-अपने मिशनों की सुरक्षा बढ़ाई है। पिछले महीने चटगांव में भारतीय मिशन के बाहर हिंसक विरोध प्रदर्शन हुए थे।

 

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फरवरी में होने हैं आम चुनाव

फिलहाल, 12 फरवरी को होने वाले आम चुनाव से पहले यह कदम उठाया गया है। भारत ने बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) से संपर्क बढ़ाया है, जो चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने हाल ही में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया और उनके बेटे तारिक रहमान से मुलाकात की। इसे बीएनपी से रिश्ते सुधारने की कोशिश माना जा रहा है।

 

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