ब्रिटेन का बदनाम राज घराना: कभी दबदबा था, अब 'कलंक' के साए में रॉयल फैमिली
ब्रिटेन का बदनाम राज घराना: कभी दबदबा था, अब 'कलंक' है

शुक्रवार, 20 फरवरी, 2026 को लंदन के अखबारों के पहले पन्ने की तस्वीरें कुछ ऐसी थीं। Photo Credit: PTI
यूनाइटेड किंगडम ऑफ ग्रेट ब्रिटेन। 400 साल से जिस 'शाही खून' की दुहाई दी जाती रही, जिस परिवार के लोग, बिना दस्तानों के किसी से हाथ मिलाने से कतराते रहे, उस परिवार के राजकुमार को लंदन की टेम्स वैली पुलिस ने गिरफ्तार किया, अपने साथ ले गई और उसके परिसरों में छापेमारी की। ब्रिटेन के शाही परिवार पर बीते 48 घंटे, किसी कलंक से कम नहीं है, जो उनके 400 साल के गौरवशाली अतीत पर ठप्पे की तरह हैं।
प्रिंस ऑफ ड्यूक रहे एंड्रयू माउंटबेटेन विंडसर को गुरुवार, सुबह 8 बजे गिरफ्तार कर लिया गया। विंडसर सैंडिघम स्टेट में पहली बार पुलिस, किसी को गिरफ्तार करने के मकसद से पहुंची, उन्हें पकड़ा गया और पुलिस स्टेशन ले जाया गया। साल 1647 में जब ब्रिटेन गृह युद्ध से जूझ रहा था, तब चार्ल्स प्रथम को कुछ लोगों ने बंदी बना लिया था, उन्हें राजद्रोह का दोषी ठहराया गया था, 30 जनवरी 1649 को उन्हें फांसी दी गई। यह पहला मामला था, जब शाही परिवार के किसी शख्स पर ऐसा अभियोग चला हो, सजा मिली हो।
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सैकड़ों साल का गौरव खत्म?
घटना के सैकड़ों साल बाद, अब एक बार फिर यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन के करीबी दोस्त रहे एंड्रयू विंडसर पर पुलिस ने कार्रवाई की, उन्हें गिरफ्तार करके ले गई। सैकड़ों साल का शाही दबदबा, प्रिंस एंड्रयू की शर्मनाक हरकत से खत्म हो गई। शर्मिंदगी भी ऐसी कि ब्रिटेन के किंग चार्ल्स III से कुछ बोलते नहीं बन रहा है। आधिकारिक पद पर हैं, सिर्फ यही कह रहे हैं कि कानून को अपना काम करना चाहिए।
जन्मदिन पर ही गिरफ्तार हो गए एंड्रयू
वह जन्मे तो यूनाइटेड किंगडम ऑफ ब्रिटेन के राजकुमार के तौर पर, लेकिन उन्हें अपने 66वें जन्मदिन पर जेल की सैर करनी पड़ी। जब उन्हें गिरफ्तार किया गया, वह नाश्ता कर रहे थे। 19 फरवरी 1960 को ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उन्हें जन्म दिया था। एंड्रयू, शाही परिवार के सबसे दुलारे बेटे थे। उन्होंने शाही परिवार की छवि को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
शाही परिवार से बाहर हैं एंड्रयू
अब उनके अपनों ने उनसे हाथ खींच लिया है। वह शाही परिवार के सदस्य नहीं रहे, उन्हें बाहर निकाल दिया गया है। प्रिंस ऑफ ड्यूक का पद भी छीना जा चुका है, अब वह एक आम ब्रिटिश नागरिक की जिंदगी जी रहे हैं। आलम यह है कि राजघराने के सबसे दुलारे बेटे को पुलिस पकड़कर ले गई। आरोप हैं कि उन्होंने गोपनीय जानकारियों को गैरजिम्मेदारी से सार्वजनिक कर दिया था।
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टेम्स वैली पुलिस ने पकड़ा क्यों?
एंड्रयू की गिरफ्तारी नॉरफॉक के सैंड्रिंघम एस्टेट में वुड फार्म पर हुई। पुलिस ने उन्हें पब्लिक ऑफिस में गड़बड़ी के शक में पकड़ा। उन पर शिकंजा जेफरी एपस्टीन से जुड़े नए अमेरिकी दस्तावेजों के बाद बढ़ा है। एंड्र्यू ने 2010 में ब्रिटिश व्यापार के दूत रहते हुए गोपनीय सरकारी ईमेल और अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत से जुड़ी कई जानकारियां एपस्टीन को भेजी थीं।
पुलिस ने उनके नॉरफॉक और रॉयल लॉज विंडसर के घरों पर छापे मारे, कंप्यूटर-फोन जैसी चीजें जब्त कीं। एंड्र्यू को करीब 11 घंटे हिरासत में रखा गया और शाम को जांच के अधीन छोड़ दिया गया। यह घटना राजपरिवार के लिए बहुत शर्मनाक मानी जा रही है।
प्रिंस का टाइटिल खो चुके हैं एंड्रयू
एंड्र्यू पहले ही प्रिंस का टाइटल खो चुके हैं, उन्हें विंडसर का घर छोड़ना पड़ा है, क्रिसमस में शामिल नहीं हुए और बेटियों से भी संपर्क टूट गया है। फिर भी वे सिंहासन की कतार में आठवें नंबर पर हैं। नए आरोप बहुत गंभीर है और इसमें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है, लेकिन साबित करना मुश्किल बताया जा रहा है। एंड्र्यू ने हमेशा किसी गलती से इनकार किया है।
जेफरी एपस्टीन से दोस्ती ले डूबी
एंड्रयू और जेफरी एपस्टीन की दोस्ती, हमेशा सवालों के घेरे में रही। उन पर वर्जीनिया गिफ्रे ने यौन शोषण के गंभीर आरोप लगाए थे। एक डील हुई, वर्जीनिया ने खुदकुशी भी कर ली। आधुनिक इतिहास में किसी बड़े शाही परिवार के शख्स की ऐसी गिरफ्तारी नहीं हुई। ऐसा पहली बार नहीं है कि शाही परिवार की ऐसी किरकिरी हुई हो, अलग बात है कि ये आरोप बेहद संगीन हैं।
ब्रिटिश राजशाही का इतिहास जितना भव्य रहा है, उतना ही विवादों से घिरा भी। हाल के वर्षों में प्रिंस एंड्रयू और जेफरी एपस्टीन के संबंधों ने राजपरिवार की नींव हिला दी है। यह कोई पहली बार नहीं है जब बकिंघम पैलेस किसी तूफान के बीच फंसा हो। आइए नजर डालते हैं उन बड़े विवादों पर जिन्होंने ब्रिटिश क्राउन की साख को गिराया है-
एडवर्ड VIII: सत्ता और प्यार की जंग
राजपरिवार के आधुनिक इतिहास का सबसे बड़ा भूचाल 1936 में आया, जब किंग एडवर्ड VIII ने अमेरिकी तलाकशुदा महिला वॉलिस सिम्पसन से शादी करने के लिए सिंहासन छोड़ दिया। चर्च ऑफ इंग्लैंड के नियमों के अनुसार यह वर्जित था। उनके इस फैसले ने उनके भाई जॉर्ज VI को राजा बनाया और अंततः महारानी एलिजाबेथ II के लंबे शासन का रास्ता साफ किया। इसी तरह 1950 के दशक में प्रिंसेस मार्गरेट और पीटर टाउनसेंड की प्रेम कहानी भी चर्च और परंपराओं की भेंट चढ़ गई।
1992: राज परिवार में मची त्रासदी
महारानी एलिजाबेथ II ने 1992 को एनस हॉरिबिलिस बताया था। लैटिन के इस मुहावरे का अर्थ होता है भयानक साल। इसी एक साल के भीतर उनके तीन बच्चों, प्रिंस चार्ल्स, प्रिंस एंड्रयू और प्रिंसेस ऐनी के वैवाहिक संबंध टूट गए। इसी दौरान विंडसर कैसल में भीषण आग भी लगी। इसी साल 'स्क्विजीगेट' कांड का खुलासा हुआ। प्रिंसेस डायना की कॉल रिकॉर्डिंग लीक हुई। सारा फर्गुसन की आपत्तिजनक तस्वीरों ने राजपरिवार को शर्मसार किया।
चार्ल्स, डायना और 'टैम्पोनगेट'
90 के दशक में चार्ल्स और डायना के बीच की कड़वाहट सड़कों पर आ गई। 1993 में 'टैम्पोनगेट' कांड हुआ, जिसमें प्रिंस चार्ल्स और कैमिला पार्कर बाउल्स की निजी बातचीत लीक हो गई। इसके बाद 1995 में डायना का एक मशहूर 'पैनोरमा' इंटरव्यू आया, जिसमें उन्होंने कहा कि इस शादी में हम तीन लोग थे। साल 1996 में उनका आधिकारिक तलाक हो गया।
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प्रिंस हैरी के विवाद: नाजी ड्रेस से शाही परिवार छोड़ने तक
प्रिंस हैरी विवादों के केंद्र में रहे। 2005 में एक पार्टी में नाजी ड्रेस पहनकर वह आ गए। उनकी दुनियाभर में आलोचना हुई। साल 2020 में हैरी और मेघन मार्कल ने शाही परिवार से दूरी बना ली। साल 2023 में आई हैरी की किताब 'स्पेयर' ने परिवार के भीतर की लड़ाई, शारीरिक हिंसा और भेदभाव के आरोपों को सार्वजनिक कर दिया। भाई विलियम और पिता चार्ल्स के साथ उनके रिश्ते लगभग खत्म हो गए हैं।
एपस्टीन फाइल्स, ले डूबी शाही परिवार की इज्जत?
जेफरी एपस्टीन दुनिया के सबसे कुख्यात यौन अपराधियों में से एक था उसने दुनिया के कई दिग्गजों के साथ-साथ ब्रिटेन के शाही परिवार की साख को भी गहरे संकट में डाल दिया। एपस्टीन एक अमेरिकी फाइनेंसर था, जिसकी दुनियाभर के दिग्गजों से दोस्ती थी। उस पर दशकों तक कम उम्र की लड़कियों और युवतियों का यौन शोषण करने और सेक्स रैकेट चलाने के आरोप थे। वह रसूखदार लोगों को अपने आइलैंड पर बुलाया, वहां लड़कियों की तस्करी होती, उनका यौन उत्पीड़न किया जाता। साल 2019 में जेल में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। उसकी मौत के बाद सामने आई एपस्टीन फाइल्स ने दुनिया के ताकतवर चेहरों को बेनकाब किया। शाही परिवार भी इसकी जद में आ गया।
ब्रिटेन की महारानी महारानी एलिजाबेथ के दुलारे बेटे प्रिंस एंड्रयू का नाम आया तो दुनिया चौंक गई। फाइल्स और तस्वीरों से खुलासा हुआ कि एंड्रयू न केवल एपस्टीन के करीबी दोस्त थे, बल्कि उसके मेहमान भी रहे थे। वर्जीनिया ने आरोप लगाया कि जब वह 17 साल की थी और एपस्टीन के चंगुल में थी, तब उसे प्रिंस एंड्रयू के साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया था। प्रिंस ने इन आरोपों को सिरे से नकारा, लेकिन उनकी दलीलें जनता के गले नहीं उतरीं। इस कांड ने 'राज परिवार' को इतना मजबूर कर दिया कि उन्हें प्रिंस एंड्रयू को सार्वजनिक जीवन से पूरी तरह बेदखल कर दिया। उनसे उनकी सैन्य उपाधियां और 'हिज रॉयल हाइनेस' का खिताब छीन लिया गया। अब एक बार फिर ब्रिटेन के शाही परिवार की शाख दांव पर है।
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