logo

मूड

ट्रेंडिंग:

मंदिरों के बाहर हंगामा करेंगे खालिस्तानी, हिंदुओं को डराएंगे? SFJ का प्लान समझिए

कनाडा में दशकों से भारत विरोधी खालिस्तान आंदोलन फल-फूल रहा है। अब कनाडा पुलिस ने जस्टिन ट्रुडो से अलग रुख अपनाया है।

Khalistan

कनाडा, खालिस्तान आंदोलन का गढ़ बन गया है। Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

कनाडा में रविवार को 2 बड़े हिंदू मंदिरों के बाहर खालिस्तान समर्थक रैलियां करने वाले हैं। इन रैलियों का एलान अलगाववादी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) ने किया है। रैलियां ब्रैम्पटन के त्रिवेणी मंदिर और ब्रिटिश कोलंबिया के लक्ष्मी नारायण मंदिर के बाहर होंगी। दोनों प्रदर्शनों के मद्देनजर, अब कनाडा पुलिस हरकत में आई है। 

कनाडा पुलिस ने शनिवार को ही चेतावनी दी है कि यहां कोई भी गैरकानूनी काम या अपराध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस ने कहा है कि यहां नफरत की कोई जगह नहीं है।

यह भी पढ़ें: यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की कनाडा में हत्या, खालिस्तान का विरोध बना वजह?

पुलिस क्या कह रही है?

पुलिस ने कहा है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार की इजाजत है लेकिन हंगामा नहीं चलेगा। अधिकारी प्रदर्शन के दौरान भीड़ के साथ रहेंगे, उन पर नजर रखेंगे। 

मंदिर में सुरक्षा के इंतजाम क्या रहेंगे?

ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर प्रबंधन ने अदालत से आदेश लिया है कि रविवार को कोई भी प्रदर्शनकारी मंदिर के 100 मीटर के अंदर नहीं आ सकेगा। ब्रैम्पटन में भी मंदिर के 100 मीटर के अंदर प्रदर्शन करने पर पाबंदी की बात कही गई है। नवंबर 2024 में हिंदू सभा मंदिर पर हमले के बाद एक कानून पास हुआ था। यह पहली बार है जब इस कानून के रहते प्रदर्शन आयोजित किए गए हैं। 

यह भी पढ़ें: कनाडाई ‘फ्लाइंग खालसा’ की सड़क हादसे में मौत, क्या था 31 देशों का सपना?

क्यों परेशान हैं मंदिर प्रशासन के लोग?

त्रिवेणी मंदिर के महंत युधिष्ठिर धनराज ने कहा कि वह बहुत परेशान हैं। उन्होंने इसे शोषण करार दिया है। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले भक्त, ऐसे प्रदर्शनों से डरते हैं, उनकी सुरक्षा की चिंता होती है। 

क्या बंद रहेगा मंदिर?

मंदिर बंद नहीं रहेगा। मंदिर के नियमित कार्यक्रम चलते रहेगे। आम भक्तों के लिए यह खुला रहेगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस रहेगी और उपद्रव की इजाजत नहीं दी जाएगी, जिससे किसी समुदाय के हित प्रभावित हों।

यह भी पढ़ें: कनाडा के प्रधानमंत्री ने यूरोप के देशों को बताया कि ट्रंप से कैसे निपटना है?

किसकी अगुवाई में हो रहा है प्रदर्शन?

सिख फॉर जस्टिस के अगुवा गुरपतवंत सिंह पन्नू का दावा है कि वह कनाडा के संवैधानिक अधिकारों के दायरे में ही रैली निकलवा रहा है। पन्नू, भारत में आतंकी घोषित है, उसे भारतीय एजेंसियां तलाश रहीं हैं। 

कनाडा में रह रहे हिंदुओं की चिंता क्या है?

कनाडा में 30 से ज्यादा हिंदू मंदिरों और नागरिक संगठनों ने पुलिस से अपील की है कि वे मंदिरों और आसपास के इलाकों को सुरक्षित और डर-मुक्त रखें। हिंदू संगठनों का कहना है कि मंदिर शांति, पूजा और ध्यान के स्थान हैं, न कि राजनीतिक धमकी या डर फैलाने की जगह। पिछले साल नवंबर में खालिस्तान समर्थकों ने ब्रैम्पटन के हिंदू सभा मंदिर पर हमला किया था, जिसकी वजह से सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Related Topic:#Canada News

और पढ़ें