स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरानी हमलों से अमेरिका बेहद परेशान हैं। खाड़ी के कई देशों ने तेल उत्पादन रोक दिया है। वाणिज्यिक जहाजों की आवाजाही न होने से दुनियाभर में ऊर्जा संकट खड़ा गया है। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति डॉलर के ऊपर पहुंच चुकी है। अमेरिका अब ईरान पर हर तरह का दबाव डाल रहा है, ताकि स्ट्रेट को खुलवाया जा सके।
वहीं ईरान इसे बंद करके अमेरिका पर युद्ध रोकने का दबाव बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अब चीन, जापान और ब्रिटेन जैसे देशों से उम्मीद है। उनका मानना है कि यह देश अपने जहाजों को भेजेंगे, ताकि स्ट्रेट को खुला रखा जा सके।
डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को अपने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'कई वह देश जो ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने करने के प्रयास से प्रभावित हैं, वह अमेरिका के साथ स्ट्रेट को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।'
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ट्रंप ने बताई ईरान की सबसे बड़ी ताकत
ट्रंप ने आगे दावा किया, 'हमने ईरान की 100 फीसद सैन्य क्षमता को पहले ही नष्ट कर दिया है। मगर एक-दो ड्रोन भेजना, कोई माइन गिराना या इस जलमार्ग के आस-पास और इसके अंदर कहीं भी कम दूरी की मिसाइल दागना आसान उनके लिए आसान हैं, भले ही वे कितनी भी बुरी तरह हार चुके हों।' ट्रंप का यह बयान साबित करता है कि होर्मुज स्ट्रेट में ईरान अब भी बड़ी ताकत है। वह चाहे तो स्ट्रेट के यातायात को प्रभावित कर सकता है।
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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को आजाद करवा लेंगे: ट्रंप
ट्रंप ने अपनी पोस्ट में उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, यूनाइटेड किंगडम समेत अन्य देश इस इलाके में अपने जहाज भेजेंगे, ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य अब उस देश का कोई खतरा न रहे, जिसकी सैन्य शक्ति पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। ट्रंप ने आगे धमकी दी अमेरिका ईरान के तट पर बमबारी करता रहेगा। ईरानी नावों और जहाजों को पानी में तबाह किया जाएगा। किसी भी तरह हम जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला, सुरक्षित और आजाद करवा लेंगे।