अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बेहद चरम पर है। अमेरिका के करीब छह युद्धपोत ईरान सीमा के करीब तैनात हैं। आशंका जताई जा रही है कि इसी हफ्ते दोनों देशों के बीच संघर्ष शुरू हो सकता है। ऐसे में आइये समझते हैं कि अमेरिका के सामने ईरान की मिलिट्री पावर कितनी है? क्या वह अमेरिका के हर हमले का भरपूर जवाब देने में सक्षम है?
अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है, जबकि ईरान का नाम टॉप 10 में भी नहीं आता है। अमेरिका के पास जहां स्वदेशी हथियारों की बड़ी खेप हैं तो वहीं ईरान के पास पुराने और विदेशी हथियार हैं। इनमें अधिकांश चीन रूस और कुछ अमेरिका निर्मित हैं। हालांकि ईरान घातक ड्रोन, मिसाइल और नौसैनिक हथियार बनाने की क्षमता रखता है।
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अमेरिका जहां अपने जीडीपी का करीब 3.4 फीसद हिस्सा रक्षा क्षेत्र में खर्च करता है तो वहीं ईरान 2.1 प्रतिशत ही खर्च करता है। दुनिया में सबसे बड़ा रक्षा बजट अमेरिका का है। वह सालाना 895 बिलियन डॉलर से अधिक खर्च करता है। इसकी तुलना में ईरान सिर्फ 15.5 बिलियन डॉलर के आसपास ही खर्च करता है।
किसके पास कितने जवान?
अमेरिकी सेना में 1,358,500 सक्रिय जवान हैं। ईरान में सक्रिय जवानों की संख्या 587,000 है। अमेरिका के पास 799,500 रिजर्व सैनिक भी हैं। ईरान के पास दो लाख रिजर्व सैनिक हैं।
टैंक और तोपखाना कितने?
अमेरिका के पास लगभग 4,640 टैंक है। ईरान के पास 1,713 टैंक हैं। हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच जंग में टैंक का कोई इस्तेमाल नहीं होगा। अमेरिका सेना के पास 391,963 बख्तरबंद वाहन, 3,161 तोपखाना, 1,521 ऑटोमैटिक तोपखाना, 705 रॉकेट तोपखाना है। ईरान के पास बख्तरबंद वाहन 65,825, कुल तोपखाना 4,582, ऑटोमैटिक तोपखाना की संख्या 742 और 1,752 रॉकेट तोपखाना है।
हवाई ताकत
ईरान के पास कुल 13,175 विमान है, जबकि ईरान के पास 551 विमान है। अमेरिका के पास एफ-35 जैसे पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ विमान है, जबिक ईरान के पास ऐसे कोई फाइटर प्लेन नहीं है। अमेरिका के पास 6,417 हेलीकॉप्टर हैं। ईरान में इनकी संख्या सिर्फ 339 है। अगर लड़ाकू विमान की बात करें तो अमेरिका के पास 3,318 और ईरान के पास 407 फाइटर प्लेन है।
नौसैनिक ताकत
अमेरिका के पास दुनिया की सबसे घातक नेवी भी है। उसके पास 81 विध्वंसक पोत और 11 एयरक्रॉफ्ट करियर हैं। ईरान के पास कोई एयरक्राफ्ट करियर और विध्वंसक नहीं है। समुद्र में ईरान के पास 107 विमानों का बेड़ा है। अमेरिका के पास ऐसे विमानों की संख्या करीब 440 है। ग्लोबल फायरपावर के मुताबि ईरान के पास अमेरिका (1,212) की तुलना में अधिक टोएड आर्टिलरी (2,070) हैं। मोबाइल रॉकेट प्रोजेक्टर की संख्या भी अधिक है।
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परमाणु शक्ति
रूस के बाद सबसे अधिक परमाणु हथियार अमेरिका के पास हैं। ईरान पिछले कई दशकों से परमाणु बम बनाने की कोशिश में जुटा है, लेकिन अभी तक सफलता नहीं मिली है। मिलिट्री पावर के तौर पर ईरान का दुनियाभर में 16वां स्थान है। वहीं अमेरिका दशकों से नंबर एक पर काबिज है। इसके अलावा उसने कई देशों में छद्म गुट खड़े रखे हैं, जिनका वह समय-समय पर इस्तेमाल करता रहता है। ईरान ने लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन में हूती, गाजा में हमास और इराक व सीरिया में प्रॉक्सी मिलिशिया का नेटवर्क बना रखा है।