सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ता जा रहा है। हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की अगुवाई वाले गठबंधन पर पोर्ट शहर होदेइदाह पर हमला करने का आरोप लगाया। दो दिन पहले ही लाल सागर पर सऊदी अरब के दो तेल टैंकर पर हमले के बाद हूती विद्रोहियों के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। जवाब में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब जिजान और यानबू में स्थित अरामको के तेल संयंत्रों पर हमला करने का दावा किया।
हूतियों के सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा, हूतियों ने सऊदी अरब के खिलाफ दो संवेदनशील अभियान शुरू किए हैं और नाकाबंदी के बदले नाकाबंदी जारी रहेगी। उधर, यमन टीवी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि एयर स्ट्राइक में हूती विद्रोहियों की अतिरिक्त टुकड़ियों और मिसाइल लॉन्चरों को निशाना बनाया गया। यह हमले यमन के मध्य मारिब और उत्तरी अल-जॉफ प्रांतों मैं तैनात हूती से जुड़े लड़ाकों पर किए गए हैं।
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हमलों में अल-जुबाह, अल-सफरा और मजजर जिलों में मौजूद मिसाइल लॉन्चरों, एक कट्यूशा रॉकेट-लॉन्चिंग बेस और हथियार डिपो को तबाह कर दिया गया। इसके अलावा मिसाइल प्रक्षेपण विशेषज्ञों समेत हूती से जुड़े कई सदस्यों को मार गिराया गया है।
सऊदी अरब ने कहां-कहां किया हमला?
हूती विद्रोहियों का दावा है कि सऊदी अरब ने होदेइदाह बंदरगाह और कामरान द्वीप पर हमला किया है। हालांकि एयर डिफेंस ने दुश्मन के विमानों को रोक दिया है। समूह ने यह भी कहा कि हमलों के जवाब में जिजान और यानबू में अरामको की तेल सुविधाओं को बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया गया। हूती विद्रोहियों ने यह भी कहा कि सऊदी अरब की नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। धमकी दी कि अगर संघर्ष और बढ़ता है तो सैन्य अभियानों का विस्तार करने को भी तैयार है।
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इस खुले और आपराधिक आक्रमण के जवाब में यमनी सशस्त्र बलों ने दो अहम सैन्य अभियान चलाए। पहला अभियान- जिजान में अरामको की संवेदनशील सुविधाओं को दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया। दूसरा- अभियान यानबू में अरामको की संवेदनशील सुविधाओं को भी कई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों और ड्रोनों से निशाना बनाया। - हूती विद्रोही
युद्ध की तैयारी में यमन की सरकार
हूती विद्रोहियों के बढ़ते आंदोलन के बीच यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने सुरक्षा बलों से युद्ध की तैयारी बढ़ाने की अपील की। सबा समाचार एजेंसी के मुताबिक मारिब में सुल्तान अल-अरदा ने रक्षा मंत्री ताहिर अल-उकैली और सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ स्टाफ लेफ्टिनेंट-जनरल सगीर बिन अजीज के साथ अहम बैठक की। सुल्तान अल-अरदा ने कहा कि सरकारी बलों का अभियान राज्य संस्थाओं को बहाल करने और हौथियों के विद्रोह को समाप्त करना लक्ष्य है। उन्होंने हूती के कब्जे वाले क्षेत्र में लोगों से आग्रह किया कि वे अपने बच्चों को हूती समूह में भर्ती करने का विरोध भी विरोध करें।