अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग ने इस वक्त पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। पिछले 11 दिनों से जारी इस लड़ाई में जहां एक तरफ मिसाइलें और लड़ाकू विमान आसमान से आग बरसा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ दुबई में मानवता की एक खूबसूरत तस्वीर सामने आई है। युद्ध की वजह से उड़ानों के कैंसिल हो जाने और रास्ते बंद होने से यूएई में हजारों लोग फंस गए हैं, जिनकी मदद के लिए भारतीय मूल के व्यापारियों ने मदद करने के लिए हाथ आगे बढ़ाया है।
इस समय यूएई में कई उदाहरण आपको मिल जाएंगे जिससे यह साबित हो जाएगा कि कई लोग मदद के लिए आगे आए हैं। जैसे अजमान में स्थित एक फार्म हाउस राहत शिविर के रूप में काम कर रहा है।
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भारतीय मूल के लोगों की मदद
अजमन के फार्म हाउस में रहने वाले भारतीय व्यवसायी धीरज जैन ने युद्ध के समय फंसे हुए लोगों को आश्रय देने का काम किया है। इस शिविर की खास बात यह है कि यहां केवल भारतीय ही नहीं बल्कि सीमा पार के लोग भी पनाह ले रहे हैं।
ओमान के रहने वाले ईरानी साइकिल यात्री मुस्तफा, जो मस्कट से अपनी यात्रा पर निकले थे, आज इसी कैंप में सुरक्षित हैं। उनके साथ महाराष्ट्र और गुजरात से आए कई पर्यटक भी यहां ठहरे हुए हैं, जो अपनी उड़ानों का इंतजार कर रहे हैं।
मदद का अनोखा अंदाज
मदद का जज्बा ऐसा है कि यहां फंसे यात्रियों को एयरपोर्ट तक छोड़ने के लिए रोल्स रॉयस और टेस्ला जैसी लग्जरी कारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। धीरज जैन का मानना है कि जब इंसानियत संकट में हो, तो मदद करने का यही सबसे सही समय है।
हैरानी की बात यह है कि आसमान में गूंजती फाइटर जेट की आवाजों और धमाकों के बीच भी यहां मौजूद लोगों के चेहरे पर डर नहीं है। शिविर में आपसी भाईचारे का माहौल है। यहां फंसी महिलाएं खुद आगे आकर कम्युनिटी किचन संभाल रही हैं और सबके लिए खाना बना रही हैं।
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बता दें कि इस युद्ध में अब तक करीब 1300 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर हमले कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ ईरान भी मिसाइलों से पलटवार कर रहा है। ऐसे तनावपूर्ण माहौल में भारतीय समुदाय की यह पहल दुनिया को शांति और सेवा का संदेश दे रही है।