अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईस्टर रविवार को ईरान को एक बहुत बड़ी धमकी दी। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट लिखकर साफ शब्दों में कहा कि मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और ब्रिज पर हमला होगा। पोस्ट में उन्होंने कहा, 'मंगलवार को ईरान में पावर प्लांट डे और ब्रिज डे एक साथ होगा। कुछ ऐसा होगा जैसा पहले कभी नहीं देखा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दो, वरना तुम नरक में रहोगे बस देखते रहो!'
ट्रंप ने 8 बजे शाम (ईस्टर्न टाइम) तक ईरान को समय दिया है कि वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोल दे, नहीं तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करेगा। इस पोस्ट के बाद पूरे अमेरिका में हंगामा मच गया है। कई लोग अब कह रहे हैं कि ट्रंप को 25वें संशोधन के तहत पद से हटाया जाना चाहिए।
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यह पोस्ट सिर्फ धमकी नहीं है। इसमें ट्रंप ने ईरान की सिविक फेसिलिटीज जैसे बिजली घर और पुलों को निशाना बनाने की बात कही है। इस्लामिक देशों में ईस्टर रविवार पर ऐसे पोस्ट से और भी ज्यादा आलोचना हो रही है। ईरान ने इसे 'युद्ध अपराध' कहा है।
क्या है 25वां संशोधन?
25वां संशोधन अमेरिकी संविधान का एक हिस्सा है। यह बताता है कि अगर राष्ट्रपति काम करने लायक नहीं रहें तो उन्हें कैसे बदला जाए। खासकर सेक्शन 4 बहुत महत्वपूर्ण है। इसमें उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के ज्यादातर मंत्री मिलकर राष्ट्रपति को अयोग्य बता सकते हैं। तब उपराष्ट्रपति सारी शक्तियां संभाल लेता है। अगर राष्ट्रपति इससे सहमत न हो तो कांग्रेस दो-तिहाई बहुमत से फैसला करती है।
यह सेक्शन 4 पहले कभी लागू नहीं हुआ है लेकिन अब कई नेता इसे लागू करने की मांग कर रहे हैं। कैल्शी नाम के सट्टेबाजी प्लेटफॉर्म पर भी इसकी चर्चा गरम है। वहां 'ट्रंप के राष्ट्रपति काल में 25वां संशोधन लागू होगा या नहीं?' वाला सवाल चल रहा है। एक महीने पहले ‘हां’ पर 28.6 प्रतिशत लोगों ने दांव लगाया था, अब यह संख्या 35.1 प्रतिशत हो गई है। जनवरी 2025 में यह सिर्फ 15 प्रतिशत था। लोग अब ज्यादा दांव लगा रहे हैं कि कैबिनेट ट्रंप को अयोग्य बताएगा।
डेमोक्रेट नेता क्या कह रहे हैं?
कनेक्टिकट के सीनेटर क्रिस मर्फी ने एक्स पर लिखा, 'अगर मैं ट्रंप के कैबिनेट में होता तो ईस्टर पर संवैधानिक वकीलों से 25वें संशोधन के बारे में बात करता। यह पूरी तरह पागलपन है। उन्होंने पहले ही हजारों लोगों की जान ली है, अब और लेने वाले हैं।'
मर्फी ने आगे कहा, 'ईरान के पुल और बिजली घरों का सिर्फ थोड़ा सा हिस्सा उड़ाने से भी हजारों निर्दोष लोग मर जाएंगे। यह भी युद्ध अपराध है। और क्यों? स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुलवाने के लिए? जो पहले से खुला था, ट्रंप के बमबारी शुरू करने से पहले! यह पागलपन है। यह अमेरिका का नाम हमेशा के लिए खराब कर देगा। रिपब्लिकन नेता तुरंत कांग्रेस बुलाएं और इस युद्ध को रोकें।'
एरिजोना की रिप्रेजेंटेटिव यासमीन अंसारी ने लिखा, '25वां संशोधन इसलिए बना है। अमेरिका का राष्ट्रपति पागल और देश के लिए खतरा बन गया है।' उन्होंने तेहरान के शरीफ यूनिवर्सिटी पर हमले का जिक्र करते हुए पूछा, '10 मिलियन लोगों वाले शहर में यूनिवर्सिटी पर बम क्यों गिरा रहे हैं?'
ईरान की प्रतिक्रिया ईरान के दक्षिण अफ्रीका स्थित दूतावास और दुनिया भर के दूसरे ईरानी दूतावासों ने भी मर्फी के पोस्ट को दोहराते हुए कहा, '25वें संशोधन, सेक्शन 4 पर गंभीरता से सोचिए।'
ट्रंप की सेहत को लेकर अफवाहें
ट्रंप की सेहत पर भी सवाल उठ रहे हैं। व्हाइट हाउस ने कहा है कि राष्ट्रपति ठीक हैं और 'ओवल ऑफिस में लगातार काम कर रहे हैं'। हालांकि, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए कि उन्हें वॉल्टर रीड अस्पताल ले जाया गया। हाथ पर चोट, पैरों में सूजन, चलने में दिक्कत और कभी-कभी ग्रीनलैंड को आइसलैंड कह देने जैसी बातें चर्चा में हैं। व्हाइट हाउस ने इन अफवाहों को झूठा बताया है।
ट्रंप पहले भी दो बार महाभियोग (इम्पीचमेंट) का सामना कर चुके हैं। 2019 में यूक्रेन के राष्ट्रपति से फोन कॉल के मामले में और 2021 में 6 जनवरी कैपिटल हमले के बाद। दोनों बार सीनेट ने उन्हें बरी कर दिया।
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इजराइल पहले ही ईरान के साउथ पार्स गैस फील्ड और तेहरान के तेल भंडार पर हमले कर चुका है। ये हमले अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ माने जा रहे हैं। ट्रंप का कहना है कि ईरान के साथ शांति वार्ता 'प्रोडक्टिव' चल रही है, लेकिन फिर भी उन्होंने युद्ध की धमकी दे दी।