एक पाकिस्तानी व्यक्ति अवैध रूप से ऑस्ट्रेलिया में रहा। यहां उसकी मुलाकात एक फ्रांसीसी महिला से हुई। दोनों ने 2003 में शादी की। करीब 11 साल बाद यानी 2014 में महिला अपने पति के साथ पाकिस्तान चली आई। उसके साथ दो बच्चे भी आए। पाकिस्तान आने के बाद महिला की जिदंगी पूरी तरह नरक में बदल गई। आजाद ख्यालों वाली फ्रांसीसी महिला करीब 12 साल तक एक छोटी से कोठरी में कैद रही। उसे किसी से बात करने की कोई इजाजत नहीं थी।
पाकिस्तान आने के बाद फ्रांसीसी महिला ने तीन बच्चों को और जन्म दिया। पांच बच्चों और उसकी मां को एक दशक से अधिक समय तक बंधक बनाकर रखा गया। बाहरी दुनिया से उनका संपर्क काट दिया गया। फ्रांसीसी महिला ने बताया कि उसको पीटा गया। उसका मानसिक उत्पीड़न किया गया। बच्चों के शरीर पर भी पुलिस को मारपीट के निशान मिले हैं।
चुपके से बाहर निकला बेटा, पुलिस को बताई कहानी
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बारा इलाके में महिला को उसके पति ने बंधक बनाकर रखा था। पुलिस के मुताबिक एक बेटा चुपके से बाहर निकलने में सफल रहा। उसने बंधक बनाने की जानकारी पुलिस को दी। इसके बाद पुलिस टीम ने बारा इलाके में छापा मारा तो एक बेहद संकरे और जर्जर कमरे में मां और बेटे मिले।
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फ्रांस वापस जाना चाहता है परिवार
फ्रांसीसी महिला की पहचान 54 वर्षीय सिल्वी यास्मिना के तौर पर हुई है। सभी को पेशावर के एक महिला आश्रय स्थल में रखा गया है। महिला अब फ्रांस जाना चाहती है। महिला ने बताया कि उसका पति बेहद हिंसक है। वह रोजाना शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करता था। 2014 में ऑस्ट्रेलिया से आने के बाद घर पर ही कैद रखा। पुलिस को सभी के शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। उधर, खैबर पख्तूनख्वा की पुलिस ने महिला के पति यानी पाकिस्तानी नागरिक की पहचान नहीं बताई है।
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मेरा भविष्य बर्बाद हो चुका: फ्रांसीसी महिला
महिला ने कहा, 'मुझे लगा मेरा भविष्य तो पहले ही खराब हो चुका है। अब बच्चों का भविष्य भी बर्बाद हो जाएगा। उसने एक पति औ पिता की तरह देखभाल नहीं की। वह हमें पीटता था। हमारी आजादी छीन ली गई थी।'